अदरक के फायदे बताइए। अदरक के औषधीय गुणों का चमत्कार।
अदरक के फायदे बताइए। अदरक के औषधीय गुणों का चमत्कार।र

जिंजर में कौन सी विटामिन पाई जाती है? अदरक और सूट में क्या अंतर है?

अदरक के फायदे बताइए। अदरक के औषधीय गुणों का चमत्कार।adarak ka itihaas

अदरक का इतिहास। अदरक के औषधीय गुणों का चमत्कार । अदरक का वैज्ञानिक नाम क्या है? अदरक क्या है जड़ या तना? अदरक में कौन सी विटामिन पाई जाती है? अदरक और सूट में क्या अंतर है?

adarak ka itihaas – चाय के बारे में सोचते ही जिंजर डाली हुई चाय के बारे में याद आ जाता है । भारत में खाना भारतीय हो या फिर चाइनीस हो सभी में जिंजर जरूर डलती है । यह साधारण सा दिखने वाला मसाला हमारी रोजमर्रा कि जिंदगी का हिस्सा बन गया है ।

adrak ki kheti – अदरक की खेती

adrak kya hai – अदरक का कोई रंग नहीं होता है तथा ना ही कोई सुंदरता होती है । भारत में जन्मी जिंजर मे मेहक जरूर होती है । भारत तथा चीन ने जिंजर को एक मसाले तथा औषधि के रूप में उपजा तथा इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है ।

दोनों देशों के ग्रंथों में ताजे तथा सुखाए हुए जिंजर के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से वर्णन है ।

जिंजर की गांठ भुरी तथा झुरियों से भरी हुई होती है । इसका ना ही कोई रंग होता है ना ही कोई सुंदरता होती । फिर भी इंसानों ने इसे जमीन से खोज निकाला था । भारत में जन्मी अदरक को माहाऔषधि की उपाधि मिली हुई है ।

जिंजर का इस्तेमाल मनुष्य 2 तरीके से करता है । कच्ची तथा ताजा अदरक के रूप में तथा सूखी जिंजर के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है ।

यह एक प्रकार का प्राचीन मसाला है जो कि तीखा तथा तेज होता है । यह भारत में जन्मा तथा पनपा हुआ मसाला है ।

आयुर्वेद में अदरक अपने आप में दवा का एक खजाना है इसमें बहुत सारे मॉलिक्यूल होते हैं प्रत्येक का अपना एक महत्व होता है ।

इस मसाले का इस्तेमाल हर दिन हर आहार में लिया जाना चाहिए । क्योंकि यह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है ।

चीन में रहने वाले कन्फ्यूशियस खाने से पहले जिंजर का इस्तेमाल जरूर करते थे । जिंजर को पास में रखो वह पाचक है तथा स्वास्थ्यवर्धक भी है

adarak ka itihaas – adrak ki kheti

यह फसल समुद्र तल से 15 फीट की ऊंचाई तक खूब फलती तथा फूलती है तथा इसकी खूब खेती होती है । बारिश में भी होती है तथा कम बारिश वाले इलाकों में भी होती है ।

जिंजर की पत्तियां लंबी पेनी तथा गाढी हरे रंग की होती है । इसके फूल गुलाबी तथा आकर्षक होते हैं ।

adrak kee phasal

भारत में नगदी फसलों के रूप में जिंजर की फसल को जाना जाता है । यह एक बहुत बड़ी नकदी फसल है ।

यह जड़ नहीं होती है । यह राइजोम होती है । इसकी गंध बहुत तेज होती है । यह कीड़े मकोड़ों को भी दूर रखती है ।

जिंजर की रक्षा प्रणाली उसका तीखापन है तथा हमारा मजेदार मसाला है अदरक ।

7 से 9 महीने तक यह जमीन के अंदर बनती है तथा फिर हम इसे बाहर निकाल लेते हैं । जिसे हम अदरक कहते हैं ।

इनके परिवार के किसी भी पौधे में ज्यादा असमानता नहीं होती है । यह पौधे एक जैसे ही होते हैं ।

अदरक , हल्दी तथा इलाची इन तीनों पौधों की पत्तियां एक रिश्ता बताती है । यह तीनों एक ही परिवार के पौधे हैं ।

अदरक के औषधीय गुण – Medicinal Properties of Ginger

अदरक का इस्तेमाल कभी सोंठ के साथ तो कभी नींबू के साथ तथा कभी नमक के साथ किया जाता है । जिसके कारण यह बन जाती है एक दवा ।

मध्य भारत के बीचो बीच सतपुड़ा पर्वतमाला के ऊंची चट्टानों के बीच घाटी में बसा है पाताल कोट । पातालकोट नरक को जाने वाला एक रास्ता है ।

कुछ समय पहले पातालकोट समाज की मुख्यधारा से अलग था । यहां पर रहते हैं भरिया आदिवासी लोग । यहां पर उगने वाले पौधों का तथा उनके गुणों का उनको खूब ज्ञान है ।

यहां पर उगने वाले पौधे उनके लिए सवाद तथा स्वास्थ्य दोनों में काम आते हैं ।

एशिया का हर इंसान जिंजर को कुचल कर के काली चाय में गाढ़ा बनाना जरूर जानता है ।

ईसा से 200 वर्ष पूर्व भारत में था सुंडी नाम का शहर जिंजर का व्यापार तब जोर पकड़ चुका था । ईसा से 130 वर्ष बाद यूनानी चिकित्सक शरीर की शुद्धि के लिए जिंजर का प्रयोग कर रहे थे ।

पुराने समय में आधा पाउंड यानी कि आधा किलो अदरक भी एक भेड़ खरीद सकती थी । ऐसी थी उसकी मांग और कीमत ।

पांचवी शताब्दी में नाविक जिंजर के टुकड़े गमलों में लगा कर के लंबी समुद्री यात्रा के दौरान अपने साथ में ले जाते थे ।

अदरक उल्टी के प्रभाव को तो रोकती ही थी इसके साथ ही जानलेवा स्तर को भी काम करती थी ।

पुर्तगाली रहीस पश्चिम अफ्रीका में अपने गुलामों को जिंजर खिला रहे थे । उन्हें उम्मीद थी कि इससे गुलाम हट्ट इकट्ठे रहेंगे । उनके बच्चे स्वस्थ तथा ज्यादा काम कर सकेंगे ।‌

अदरक के फायदे एवम उपयोग – Benefits and uses of ginger

अदरक के गुण का विश्वास दुनिया भर में रहा है और पीढ़ी दर पीढ़ी चलता आया है । खांसी जुकाम कुछ भी हो तो जिंजर की चाय पी लो ठीक हो जाओगे ।

अदरक का इस्तेमाल सब्जी में भी किया जाता है । जिससे कि वायु विकार दूर होते हैं ।

जिंजर का अधिकतर उपयोग भोजन को बनाने के दौरान किया जाता है । अक्सर सर्दियों में लोगों को खांसी जुकाम की परेशानी होती है जिसमें अदरक बेहद ही कारगर माना जाता है ।

यह अरुचि तथा हृदय के रोगों में भी फायदेमंद होती है इसके अलावा यह और कई अन्य बीमारियों में भी फायदेमंद मानी जाती है ।

अदरक का इस्तेमाल प्राचीन समय से ही औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है और इसे माहा औषधि के रूप में भी जाना जाता है ।

यह पूरे शरीर को गर्माने वाला मसाला माना जाता है । यह पूरे एशिया में घरेलू दवा के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है ।

शरीर में तत्वों का संतुलन बनाए रखने के लिए भी अदरक का इस्तेमाल किया जाता है । चिकित्सक मानते हैं कि शरीर में असंतुलन से ही बीमारियां उत्पन्न होती है जो कि अदरक ठीक कर देती है ।

Use of ginger in pregnancy – प्रेग्नेंसी में अदरक का इस्तेमाल

गर्भावस्था के तीसरे महीने में महिलाओं को जी मचलाना तथा चक्कर आता है । इस समस्या के निदान के लिए जिंजर तथा नींबू का इस्तेमाल काफी समय से किया जा रहा है । प्रेग्नेंसी के 3 महीनों के दौरान अदरक का इस्तेमाल किया जाता था ।

गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में ताजी अदरक तथा नींबू का इस्तेमाल किया जाता रहा है तथा बच्चे के जन्म के बाद सूखी जिंजर का इस्तेमाल सोंठ के रूप में किया जाता है ।

अदरक के फायदे बताइए। अदरक के औषधीय गुणों का चमत्कार।adarak ka itihaas

जिंजर की तेजी को अग्नि तथा वायु से जोड़ा जाता है मनुष्य 6 स्वाद जानता है ।‌

अदरक में दो प्रकार के रसायन

अदरक में दो प्रकार के रसायन पाए जाते हैं । कुछ रसायन पानी में घुलने वाले होते हैं तथा कुछ रसायन पानी में नहीं धुलते हैं ।

Ginger Smell -adarak kee mehak

जिंजर में 2000 मॉलिक्यूल पाए जाते हैं और प्रत्येक मॉलिक्यूल का अपना एक अलग ही काम होता है । 2,000 कंपाउंड मिलकर की अदरक को मेहक प्रदान करते हैं ।

ताजे अदरक का मुख्य सक्रिय मॉलिक्यूल है जिंजररोल । जिंजरोल की बनावट मिर्च के कैप्सिकम तथा काली मिर्च के बाइपरिन से मिलती जुलती है।

ताजी जिंजर को जब हम पकाते हैं तब जिंजरोल बदल जाता है सिंगरोल में । अब यह कम तीखा तथा थोड़ी सी मिठास वाला बन जाता है ।

सोंठ में होता है जिंजरोल से 2 गुना तीखा मॉलिक्यूल साकोल ।

अदरक का प्रयोग इंसान अलग-अलग रूपों में करता है । कभी उसको ताजे रूप में तो कभी उसको पका करके करता है तो कभी इसका प्रयोग दूध के साथ करता है । सब में इसका स्वाद अलग अलग होता है ।

अदरक का प्रयोग रसोई में एक प्रयोगशाला के रूप में किया जाता है । तभी तो कहा जाता है कि बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद ।

अदरक का प्रयोग यदि खाने में करते हैं तो यह खाने को जल्दी खराब होने से बचाते हैं । क्योंकि इसमें बैक्टीरिया को मारने वाले रसायन होते हैं और खाना जल्दी खराब नहीं होता है ।

जिंजर खाने को पचाने में भी आसानी करता है तथा खाने में पैदा होने वाले फफूंद को भी नहीं पनपने देता है ।

अदरक मुंह में पहुंचते ही लार की ग्रंथि को सक्रिय कर देती है । जिससे कि बेहतर पाचन हो सके । पाचन तंत्र के साथ जिंजर का रिश्ता अनेक स्तर पर होता है । यह आंतों में लाइपेज की मात्रा को बढ़ाती है । ताकि प्रोटीन आराम से पच सके ।

ginger benefits in hindi

अदरक हाथों में से बचे हुए खाने को जल्दी ही बाहर निकाल देता है । क्योंकि बचा हुआ खाना बड़ी आंत में ज्यादा समय तक नहीं रहना चाहिए और अदरक भी यही करती है । यह बचे हुए खाने को बड़ी आंत से जल्दी ही बाहर निकाल देती है ।

जिंजर बड़ी आंत के कैंसर से भी रक्षा करती है और यह कैंसर को होने से रोकती है ।

मनुष्य को प्रतिदिन कितने ग्राम अदरक खाना चाहिए ?

एक स्वस्थ मनुष्य को प्रतिदिन 3 से 5 ग्राम अदरक खाना चाहिए । इससे ज्यादा अदरक नुकसान कर सकती है ।

bhaarat mein adarak kee khetee – Ginger cultivation in India

भारत के केरल राज्य में ही होती है सबसे तीखी और सबसे अधिक जिंजर की पैदावार । यहीं पर होती है अदरक की खेती ।

जिंजर की कुल किस्म की बात करें तो अदरक की कुल 700 किस्में में पाई जाती है । अदरक के हर टुकड़े में एक अलग प्रजाति पाई जाती है ।