ऐसी कौन सी तीन चीजों को कभी भी छोटा नहीं समझा चाहिए ।

ऐसी कौन सी तीन चीजों को कभी भी छोटा नहीं समझा चाहिए ।

शत्रु , बीमारी , कर्जा इन 3 चीजों को कभी भी छोटा ना समझे ।

शत्रु , बीमारी , कर्जा इन 3 चीजों को कभी भी छोटा ना समझे । ऐसी कौन सी तीन चीजों को कभी भी छोटा नहीं समझा चाहिए ।रोग और शत्रु को कभी न समझें छोटा तीन बातों को पिटारा

आज हम उन तीन चीजों की बात करेंगे जी ने इंसान को भूल कर भी छोटा या फिर तुच्छ नहीं समझना चाहिए ‌ । उनको तुच्छ या फिर छोटा समझने की भूल कभी भी नहीं करनी चाहिए ।

क्योंकि वास्तव में यह चीजें देखने में तो बहुत छोटी लगती है । लेकिन इसके परिणाम इतने खतरनाक तथा भयानक होते हैं कि जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं ।

तीन चीजों को कभी भी छोटा नहीं समझा चाहिए

1 . क्षत्रु – शत्रु को कभी भी छोटा नहीं समझना चाहिए क्योंकि हमें नहीं पता है कि शत्रु कितना ताकतवर है । उसके पास में कौन-कौन सी पावर है । हम कभी भी किसी भी शत्रु शक्ति का अंदाजा नहीं लगा सकते हैं ।

1 . आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बताया है कि शत्रु पर कभी भी विश्वास तथा भरोसा नहीं करना । चाहिए क्योंकि शत्रु कभी भी धोखा दे सकता है ।

2 . इसके साथ ही शत्रु को आपके बारे में कोई भी भेद भी नहीं देना चाहिए । यदि आपको शत्रु के बारे में कोई चीज जाननी हो तो आप उसके साथ मित्रता का ढोंग करके उसके बारे में जान सकते हो ।

3 . शत्रु को परास्त करने के बाद में कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए या फिर घायल करके शत्रु को कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए । क्योंकि ऐसा शत्रु बहुत ही खतरनाक साबित होता है और वह बदला लेने के लिए कभी धोखे से हमारी जान भी ले सकता है ।

4 . शत्रु हमेशा आपकी कमजोरी को ढुंढ करके उसका पता लगाने की कोशिश करता रहता है । इसलिए आपको कभी भी अपने शत्रु को ऐसा मौका नहीं देना चाहिए । जिससे कि उसको आपकी कमजोरी का पता लग जाए ।

5 . शत्रुओं से हमेशा सावधान तथा उससे अधिक चालाक कथा चतुर बने रहने की कोशिश करना चाहिए । तभी आप शत्रु पर विजय पा सकते हो । अन्यथा शत्रु धोखे या फिर छलावे से आपकी जान भी ले सकता है ।

2 . बीमारी – कभी भी किसी भी बीमारी को छोटा नहीं समझना चाहिए तथा उसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए । क्योंकि जब बिमारी छोटी होती है तब हमें लगता है कि कोई बात नहीं । लेकिन जब विकराल रूप लेती है तब हमें उसका अंदाजा लगा भी नहीं सकते हैं कि वह हमारे लिए कितनी घातक हो सकती है ।

1 . इसीलिए शास्त्रों में कहा गया है की बीमारी का समय रहते इलाज करवा लेना चाहिए । अन्यथा इससे आपकी जान जोखिम में पड़ सकती है और आप जान से हाथ धो बैठोगे ।

2 . बीमारी अंदर ही अंदर मनुष्य को कमजोर बनाती रहती है । जिस प्रकार से लकड़ी के अंदर कीड़ा उसको खोकला बनाता रहता है । ठीक उसी प्रकार से किड़ा शरीर को खाता रहता है और हम दिन प्रतिदिन कमजोर होते जाते हैं ।

3 . कर्जा – कर्जा को भी कभी भी छोटा नहीं समझना चाहिए । जब हम कोई भी कर्जा लेते हैं तब हम यही सोचते हैं कि यह तो बहुत ही छोटी रकम है । इसे हम चुका देंगे । लेकिन जब काफी वक्त हो जाता है तो वह रकम भी बहुत बड़ी हो जाती है और हमें कर्जा चुकाने में बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है ।

1 . कर्जा लेना बहुत ही आसान होता है । लेकिन उसे चुकाना बहुत कठिन काम होता है । यदि उसे समय रहते नहीं चुकाया गया तो वह दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जाएगा और हम उसके बाद से कभी ऊपर नहीं उठ पाएंगे ।

2 . कर्जा लकड़ी में लगे कीड़े की तरह होता है जो कि इंसान को धीरे-धीरे कुरेदता रहता है और इंसान को पता भी नहीं चलता कि वह कब कंगाल हो गया है ।