छिंकते समय आंखें बंद क्यों हो जाती है ? क्यों बंद हो जाती है छींकते समय आँखे

छींकते हुए हमारी आंखें बंद क्यों हो जाती हैं?

छिंकते समय आंखें बंद क्यों हो जाती है ?क्यों बंद हो जाती है छींकते समय आँखे

छिंकते समय आंखें बंद क्यों हो जाती है ? क्यों बंद हो जाती है छींकते समय आँखे chhinkate samay aankhen band kyon ho jaatee hai आपने यह तो गौर किया ही होगा जब भी हम छिंकते हैं तो हमारी दोनों आंखें बंद हो जाती है और आपने यह भी पढ़ा होगा कि जब हम आंखें खोल करके छिंकने की कोशिश करते हैं तब हमारी दोनों आंखें बाहर आ जाती है । इसके पीछे का क्या कारण है ।

कुछ लोगों का मानना है कि हम आंखें खोल करके छिंक नहीं सकते हैं । यदि ऐसा करेंगे तो आंखें बाहर निकल जाएगी ।

छिंकने से पहले हम अंदर की तरफ सांस लेते हैं और हमारी छाती भूल जाती है और जब हम छिंकते हैं तब हवा 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बाहर निकलती है ।

जिसके कारण हमारा मुंह टेढ़ा मेढ़ा हो जाता है तथा हमारी आंखें बंद हो जाती है । यदि हम आंखों को खोल करके छिंकने का प्रयास करें तो आंखें खुली रह कर के भी छिंक सकते हैं ।

आपकी आंखें बाहर नहीं निकलेगी । वह एक झूठ था कि यदि हम छिंकते वक्त आंखों को खुला रखे तो आंखें बाहर निकल जाएगी । हम आंखों को खुला रख करके भी छिंकते एक सकते हैं ।