जानिए अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं? पक्षियों के अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं ?

पक्षियों के अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं ?

क्यों अलग-अलग होता है पक्षियों के अंडों का आकार

जानिए अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं? पक्षियों के अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं ?

जानिए अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं? पक्षियों के अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं ? पक्षियों के अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं ? क्यों अलग-अलग होता है पक्षियों के अंडों का आकार किसी भी पक्षी के

अंडे की बात करें तो अंडे अलग-अलग प्रकार के होते हैं । कुछ पक्षियों के अंडे लम्बे होते हैं । जबकि कुछ पक्षियों के अंडे साइड से चपटे होते हैं । पक्षियों के अंडे अलग अलग प्रकार के होते हैं । इस पहेली को 2017 तक कोई भी हल नहीं कर पाया था ।

हमारे प्लेनेट पर 30 करोड़ साल ईसा पूर्व डायनासोर अपने बच्चों को दुनिया में लाने के लिए एक बहुत ही अद्भुत तथा अलग तरीका अपनाते हैं । जो कि बहुत ही सही तरीका होता है । अंडे बाहर से मजबूत तथा अंदर से सुरक्षित होते हैं ।

जानिए अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं?

अब 20 करोड़ तथा 2000 साल बाद डायनासोर के वंशज , पक्षी आज भी अंडे ही दे रहे हैं । लेकिन यहां पर एक और सवाल है । जिसका जवाब वैज्ञानिक आज भी सही ढंग से पता नहीं लगा पाये हैं । सवाल यह है कि पक्षियों के अंडे इतने आकार के क्यों होते हैं यानी कि पक्षियों के अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं ।

अंडों के आकार पर सैकड़ों साल से रिसर्च चल रही है कि आखिरकार अंडे विभिन्न प्रकार के क्यों होते हैं । हमिंग बर्ड के अंडे छोटे-छोटे बुलेट के समान होते हैं । जबकि कुछ पक्षियों के अंडे नुकीले होते हैं।

पक्षियों की प्रजातियों की बात करें तो पक्षियों की लगभग 18000 प्रजातियां है और उतने ही प्रकार के अंडे भी हैं । सवाल तो यह है कि पक्षियों के अंडे भिन्न-भिन्न प्रकार के क्यों होते हैं । उनके साइज अलग-अलग क्यों होते हैं ?

जब वैज्ञानिक इस पर रिसर्च करने की सोच रहे थे तब रिसर्चकर्ताओं ने एक अंदाजा लगाया और पक्षी की उड़ान तथा अण्डे के बीच में एक संबंध स्थापित किया और अंदाजा लगाकर के अंडे के प्रकार के बारे में पता लगाया ।

जानिए अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं? पक्षियों के अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं ?

पक्षियों के अंडे अलग-अलग आकार के क्यों होते हैं ?

वैज्ञानिकों ने लगभग 50000 अडों की तस्वीरों की जांच पड़ताल की । पक्षियों की जीवन शैली के साथ उनके अंडों की तुलना भी की । तब वैज्ञानिकों के सामने एक चौंकाने वाला रिसर्च खुलकर के आया ।

जो पक्षी ज्यादा देर हवा में उड़ते हैं । उनके अंडे उनके अंडे चपटे या फिर लम्बे होते हैं । यानी कि ज्यादा दूरी तक उड़ने वाले पक्षियों के अंडे लगभग लम्बे होते हैं और उनके किनारे तिखे होते हैं ।

इसके विपरीत जो पक्षी हवा में नहीं उड़ते हैं । जमीन पर ही रहते हैं । उन पक्षियों के अंडे की तुलना की गई थी तब पता चला कि उनके अंडे गोल हैं । जो पक्षी कभी कबार तथा कम दूरी तक उड़ते हैं उनके अंडे भी गोल होते हैं ।

लेकिन इस नियम का एक अपवाद भी है गिले मोट नाम का एक पक्षी है । इसका अंडा इस थ्योरी के हिसाब से सटीक नहीं बैठता है ।

क्यों अलग-अलग होता है पक्षियों के अंडे

प्रजनन के मौसम में यह समुद्री पक्षी 5000 से अधिक की संख्या में इकट्ठे होकर के चट्टानों के पास में शोर मचाते हैं । क्योंकि इनको उत्तेजित होने के लिए भीड़ के शोरगुल की जरूरत होती है । ताकि यह संभोग कर सकें ।

वैज्ञानिकों को इनके अंडे सबसे खराब मिले । इनके आंडों को देख करके तो ऐसा लगता है कि यह बहुत ही शानदार उड़ान भरते हैं । जबकि यह पक्षी उड़ नहीं सकते हैं । वह जबरदस्ती अपने पंखों को हिला सकते हैं पर उड़ नहीं सकते हैं ।

इसका अंडा सबसे अलग क्यों होता है ?

पहली बात तो यह अंडे को चट्टान से नीचे लुढ़क ने से रोकता है । अंडे के माता-पिता दोनों बारी-बारी से अंडे का ख्याल रखते हैं । यह अंडा चपटा होने के कारण ढलान पर लूढकता नहीं है ।

सबसे बड़ा अंडा सत्तूमुर्ग का होता है । यह इतना मजबूत होता है की इंसान के वजन को भी झेल सकता है ।