पाम ऑयल के बारे में रोचक जानकारी ।खाने वाला तेल पाम ऑयल इतना विवादित क्यों

पाम ऑयल के बारे में रोचक जानकारी ।खाने वाला तेल पाम ऑयल इतना विवादित क्यों?

पाम ऑयल के क्या क्या खतरे हैं ? पाम ऑयल का इस्तेमाल कहां किया जाता है ?

पाम ऑयल के बारे में रोचक जानकारी ।खाने वाला तेल पाम ऑयल इतना विवादित क्यों

पाम ऑयल के क्या क्या खतरे हैं ? पाम ऑयल का इस्तेमाल कहां किया जाता है ? पाम ऑयल के बारे में रोचक जानकारी ।खाने वाला तेल पाम ऑयल इतना विवादित क्यों?

पाम ऑयल का इस्तेमाल हर जगह पर किया जाता । दुनिया का सबसे लोकप्रिय वनस्पति तेल है पाम ऑयल । भारत तथा अन्य देशों में यह खाना पकाने का आम तेल है ।

1 . सुपरमार्केट मैं पाम ऑयल का इस्तेमाल होता है ।
2 . कुकीज कुकीज बनाने में किसी और का उपयोग होता है ।
3 . ब्रेड भी इसी ऑयल से बनती है
4 . आटा मे भी कहीं ना कहीं ओयल काम में लेते हैं
5 . लोशन मे भी पाम ऑयल काम में लेते हैं ।
6 . साबुन बनाने में यह ऑयल काम आता है ।
7 . टूथपेस्ट मे यह ऑयल डाला जाता है ।
8 . आइसक्रीम
9 . बिस्किट
10 . मिठाइयां
11 . नमकीन

चिप्स आदि में इसका इस्तेमाल किया जाता है और भी न जाने कितने आइटम इस तेल से बनते हैं ।

और भी न जाने कितने प्रोडक्ट इस पाम ऑयल से बनते हैं । हम रोज पता नहीं कितना पाम ऑयल खाते हैं । यह पाम ऑयल आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है । यह आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है ।

पाम ऑयल का इस्तेमाल कहां किया जाता है ?

1 . पाम ऑयल का इस्तेमाल सभी खाद्य सामग्रियों में किया जाता है

2 . पाम ऑयल का इस्तेमाल एनिमल फूड में भी किया जाता है ।

3 . पाम ऑयल का इस्तेमाल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में भी किया जाता है ।

पाम ऑयल का इस्तेमाल फूड इंडस्ट्री में 70% तक होता है और अन्य प्रोडक्ट में पाम ऑयल का 20% इस्तेमाल होता है । तथा अन्य मे पाम ऑयल का इस्तेमाल दस परसेंट होता है ।

पाम ऑयल के क्या क्या खतरे हैं ?

पाम ऑयल के मुख्य रूप से तीन खतरे हैं
1 . हेल्थ रिलेटेड खतरे
2 . एनवायरमेंटल खतरा
3 . सोशल हैजरट

सब्जी में इस्तेमाल होने वाले अधिकतर तेल अनसैचुरेटेड होते हैं । जबकि पाम आयल सेचुरेटेड होता है । सैचुरेशन से कार्डियो वैस्कुलर रिस्क बढ़ता है कोलेस्ट्रोल लेवल का हाई होना तथा ब्लड प्रेशर का बढ़ना ।

पाम ऑयल का इस्तेमाल 1591 से किया जा रहा है । इसको इस्तेमाल करते हुए काफी टाइम हो गया है । इतने पहले के समय से ही पाम ऑयल का इस्तेमाल किया जा रहा है ।

अफ्रीका तथा इंडोनेशिया से 85% पाम ओयल का भारत आयात करता है । पाम ऑयल का पच्चीस से तीस पर्सेंट तक बायोफ्यूल के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है ।

एक ही ऑयल का प्रयोग हमें लगातार नहीं करना चाहिए । हमें तेल को बदल बदल के इस्तेमाल करना चाहिए ।

1980 से 2015 के बीच तक पाम का वैश्विक उत्पादन 12 गुना से काफी ज्यादा बढ़ा है । यानी कि 50 लाख मैट्रिक टन से एक करोड़ 20 लाख मैट्रिक टन तक पहुंच गया है ।

भारत की एक करोड़ कि इंडस्ट्री सिर्फ पाम ऑयल पर ही निर्भर है । यदि पाम ऑयल बंद हो जाता है तो यह इंडस्ट्री बंद हो जाती है ।