फतेहपुर सीकरी में स्थित बुलंद दरवाजे के बारे में जानकारी ।दुनिया का सबसे बड़ा दरवाजा

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बुलंद दरवाजा की ऊंचाई कितनी है बुलंद दरवाजा किसने बनवाया था

दुनिया का सबसे बड़ा दरवाजा- बुलंद दरवाजा की ऊंचाई कितनी है बुलंद दरवाजा किसने बनवाया था फतेहपुर सीकरी में स्थित बुलंद दरवाजे के बारे में जानकारी बुलंद दरवाजा कहां पर स्थित है

फतेहपुर सीकरी में स्थित बुलंद दरवाजे

फतेहपुर सीकरी के रास्ते में दुनिया का सबसे बड़ा दरवाजा है जिसे बुलंद दरवाजा कहा कहा जाता है । यह पूरे विश्व में बुलंद दरवाजे के नाम से विख्यात है । इसका साहित्यिक अर्थ ऊंचा दरवाजा है । इसका निर्माण अकबर द्वारा दस्यु की विजय के उपलक्ष्य में बनाया गया था ।

बुलंद दरवाजा की ऊंचाई। सबसे ऊंचा दरवाजा कौन सा है? 

इस विशाल दरवाजे के निर्माण में 12 साल लगे । इसकी ऊंचाई 40 मीटर है । 12 मीटर ऊंची सीढ़ियों सीढ़ियों के साथ ही पहाड़ी इसे अतिरिक्त ऊंचाई प्रदान करती है । सड़क से इसकी कुल ऊंचाई 52 मीटर हो जाती है ‌।

दरवाजे का अनुपात पूरी तरह से समरूप है । इसे इस रूप में पहुंचाने के लिए सटीक निर्माण तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है । इसे लगभग 700 वर्ष पहले बनाया गया था । तब ना ही कोई क्रेन थी तथा ना ही भारी वस्तु को उठाने वाला कोई साधन था ।

दरवाजे के मुख्य मेहराब अष्टकोण के तीन हिस्सों की तरह दिखाई देती है । दो सलंगन हिस्से तीन कतारों में बंटे हुए हैं । इन सब के शीर्ष पर क्षत्रियों के मुकुट है ।

भारत का सबसे बड़ा दरवाजा। दुनिया का सबसे बड़ा दरवाजा कौन सा है?

बुलंद दरवाजे का निर्माण लाल तथा बादामी रंग के बलवा पत्थरों से किया गया है । जिन्हें सफेद और काले पत्थरों से सजाया गया है । संगमरमर तथा बलुआ पत्थर से किया गया आंतरिक कार्य मुगल काल का बेजोड़ नमूना है ।

सभी मुगल स्थापत्य की विशेषता दरवाजे पर कुरान की आयतों को सुंदरता से अंकित करवाना है । बुलंद दरवाजे के पूर्वी प्रवेश द्वार पर फारसी में अंकित शिलालेख में सन1601 में दकन के ऊपर अकबर की विजय का उल्लेख है ।

अकबर द्वारा निर्मित यह सुंदर शेहर केवल 14 वर्षों तक मुगल शासन की राजधानी रहा । पानी की कमी से जूझते हुए इस शेहर को शासन के समृद्ध संसाधन भी बचा नहीं पाए ।

बुलंद दरवाजा कहां है ? बुलंद दरवाजा कहां स्थित है ?


आइए अब जान लेते हैं कि वर्तमान में बुलंद दरवाजा कहां पर पर है यानी कि बुलंद दरवाजे की वर्तमान लोकेशन क्या है ।

वर्तमान में बुलंद दरवाजा उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है । यानी कि यह उत्तर प्रदेश राज्य मैं आगरा से लगभग 46 किलोमीटर दूर बसे हुए एक शहर में मौजूद है जिसे आज हम फतेहपुर सीकरी के नाम से जानते हैं ।

जी हां बुलंद दरवाजा फतेहपुर सीकरी में ही है यहीं पर मौजूद है बुलंद दरवाजा ।

बुलंद दरवाजा किसने बनाया था ? बुलंद दरवाजा फतेहपुर सीकरी ।


आइए अब हम बुलंद दरवाजे के इतिहास की बात करते हैं कि आखिरकार बुलंद दरवाजा बनाया किसने था बुलंद दरवाजे का निर्माण करता कौन था ।

बुलंद दरवाजे को बनाने वाला जाना माना इतिहासकार और एक महान योद्धा जिसका नाम अकबर था । अकबर ने ही 1576 ही स्पीड में बुलंद दरवाजे का निर्माण यानी कि बनाया था ।

बुलंद दरवाजा का इतिहास – History of Buland Darwaza in Hindi


बुलंद दरवाजे के इतिहास की बात करें तो बुलंद दरवाजे का इतिहास अकबर से जुड़ा हुआ है । गुजरात जीत के उपलक्ष्य में अकबर ने इसका निर्माण करवाया था जो कि आज फतेहपुर सीकरी मेल का मुख्य द्वार यानी कि प्रवेश द्वार है ।

बुलंद दरवाजे को बनाने में करीब 12 वर्षों का समय लगा 12 वर्षों में बुलंद दरवाजा बंद करके तैयार हो गया जिसका वर्तमान स्वरूप आज हमारे सामने है ।

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