आकाशी बिजली कैसे उत्पन्न होती है । आकाशीय बिजली से बचने के उपाय

आकाशी बिजली कैसे उत्पन्न होती है । आकाशीय बिजली से बचने के उपाय ।

आकाश में बिजली क्यों चमकती है क्यों गिरती है बिजली, क्या है इसका वैज्ञानिक कारण?

आकाश में बिजली क्यों चमकती है क्यों गिरती है बिजली, क्या है इसका वैज्ञानिक कारण?

आकाश में बिजली क्यों चमकती है क्यों गिरती है बिजली, क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? आसमान में बिजली बनती कैसे है । धरती पर बिजली कैसे कड़कती है । आकाशी बिजली कितनी शक्तिशाली होती है ? आकाशी बिजली कब गिरती है ? बिजली गिरना क्या होता है? आकाशीय बिजली से बचने के उपाय

आकाशीय बिजली हमेशा से ही ब्रह्मांड में चमकती रही है और इस आकाशी बिजली की वजह से कई सारे लोगों की जान भी चली जाती है । आज हम जानेंगे कि आकाशी बिजली कैसे उत्पन्न होती है ।

इसके साथ ही हम यह भी जाने के लिए आकाशी बिजली कितनी वोल्टेज की उर्जा उत्पन्न कर सकती है इसके साथ हम यह भी जानेंगे कि हम आकाशीय बिजली से कैसे बच सकते हैं । आकाश बिजली कितनी शक्तिशाली होती है ।

आसमान में बिजली बनती कैसे है । धरती पर बिजली कैसे कड़कती है ।

आज हमारे मन में यह सवाल आता है कि बिजली कैसे बनती है यह सवाल कभी बेंजामिन फ्रैंकलीन के मन मे आया करता था ।

इस सवाल का जवाब उन्हें संन 1752 -1753 में एक प्रयोग के तहत मिला । इस प्रयोग से यह निष्कर्ष निकला कि आकाश में गरज के साथ जो प्रकाश निकलता है वह बिजली है ।

आकाश में स्थित तूफानी बादलों में विद्युत आवेश पैदा होता है । इसकी निचली सतह ऋण आवेशित तथा ऊपरी सतह धन आवेशित होती है । धरती पर भी धन आवेश पैदा होता है ।

बादलों में उपस्थित धन आवेश तथा ऋण आवेश होते हैं बिजली के लिए जिम्मेदार

धन आवेश तथा ऋण आवेश एक दूसरे को चुंबक की तरह अपनी और आकर्षित करते हैं । जब इन सारे चालकों का परिणाम अत्यधिक होता है तो यह आप बहुत कमजोर होते हुए वायु आवेश के प्रवाह को रोक नहीं पाती है । जब वह दोनों आवेश मिलते हैं तब प्रकाश की चमकीली धारियां या फिर कौंध उत्पन्न होती है । जिसके फलस्वरूप कड़ कड़ाहट की ध्वनि पैदा होती है ।

बादलों में होती है विधुतीय विसर्जन की प्रक्रिया

यह एक प्रकार की विधुतीय विसर्जन प्रक्रिया होती है । यह प्रक्रिया दो या दो से अधिक बादलों के बीच में या फिर धरती या बादलों के बीच में होती है ।

यह बादल एक खास तरह के बादल होते हैं । इन्हीं बादलों से बिजली उत्पन्न होती है । इन बादलों को निंबस बादल भी कहा जाता है । यह बादल वर्षा वाले बादल होते हैं ।

आकाशी बिजली कितनी शक्तिशाली होती है ?

आमतौर पर आकाशी बिजली 17000 सेल्सियस से 27000 सेल्सियस तापमान तक उत्पन्न कर सकती है । यह तापमान सूर्य की सतह के तापमान से भी 5 गुना ज्यादा होता है ।

इसके चपेट में आने से मनुष्य तथा जानवरों की मौत भी हो सकती है । बहुत सारे पेड़ टूट जाते हैं तथा जल भी जाते हैं ।

आकाशी बिजली कब गिरती है ? बिजली गिरना क्या होता है?

हमारे आसमान में लगभग हर सेकंड अट्ठारह सौ बार बिजली उत्पन्न होती है । यानी की बिजली चमकती रहती है । इस बिजली की गर्जना पूरे विश्व में कहीं ना कहीं सुनाई देती रहती है ।

इनमें से प्रति सेकंड लगभग 600 कौंध पैदा होती है । जिनमें से 100 कौंध धरती को भी छू रही है । यानी कि हर दिन 8500000 बिजलियां धरती पर टूटती है जमीन पर सूर्योदय के अपेक्षा सूर्यास्त के समय अधिक बिजलीयां गिरती है और गर्मियों में सर्दियों की अपेक्षा अधिक बिजलियां गिरती है ।

आकाशी बिजली कैसे उत्पन्न होती है ।  आकाशीय बिजली से बचने के उपाय ।

आकाशीय बिजली से बचने के उपाय

1 . यदि आकाश में बिजली कड़क रही हो तो तुरंत किसी भी नजदीकी घर में शरण ले लेना चाहिए ।

2 . यदि आप किसी खुले स्थान में हो तो जमीन पर बैठ जाएं तथा शरीर को आगे की तरफ झुका कर के अपने सिर को घुटनों के बीच में दबा ले ।

3 . यदि आप पानी के अंदर हो तो तुरंत पानी से बाहर निकल जाए ।

4 . धातु की वस्तुओं को दूर छोड़ देना चाहिए । अपने पास में नहीं रखना चाहिए ।

5 . दरवाजे , खिड़की , रेडिएटर आदि से दूर रहना चाहिए

यदि आकाशी बिजली धरती पर कड़कती है तो इससे धरती का संतुलन बनाए रहता है । वैज्ञानिकों ने एक शोध में यह भी पाया कि आकाशीय बिजली से जीवों के विकास में भी भूमिका हो सकती है ।