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सेहत का साथी है आलू के बारे में जानकारी आलू का वैज्ञानिक नाम क्या है

हरा आलू खाना चाहिए या फिर नहीं खाना चाहिए ?आलू में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा

  सेहत का साथी है आलू  के बारे में जानकारी आलू का वैज्ञानिक नाम क्या है

हरा आलू खाना चाहिए या फिर नहीं खाना चाहिए ? शुगर फ्री आलू की सच्चाई ? आलू का वैज्ञानिक नाम क्या है आलू में कौन-कौन से विटामिन पाए जाते हैं ? आलू में कितना प्रोटीन होता है

आलू है कितना पौष्टिक जानते हैं आप? पाए जाते हैं ये पोषक तत्व सेहत का साथी है आलू, जानिए कैसे करें इसका इस्तेमाल आलू में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा आलू खाइये मोटे हो जाइये

आहार के रूप में सब्जी की बात करे तो हर सब्जी का जोड़ीदार आलू मिल जाता है । आलु देखा जाए तो काफी अनजान था । 16 वीं शताब्दी में पुर्तगाल से भारत में आया था । तब से लेकर आज तक यह आलू भारत से गया नहीं है । इसी मिट्टी का हो करके रेह गया है ।

आलू को मिट्टी का सेव क्यों कहा जाता है ?

आलू को मिट्टी का सेव भी कहा जाता है । क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कुछ भी नहीं बचा था तब सिर्फ जमीन के अंदर आलू बचा था । क्योंकि द्वितीय विश्वयुद्ध में सारी सा खाद्य सामग्री खत्म हो गई थी । तब लोगों ने आलू से ही काम चलाया था । आलू सेम की तरह काम किया था ।

सेहत के ल‍िए हरा आलू है बुरा, जानें कब नहीं खाना चाहिए?

क्योंकि इसमें बहुत सारे पोष्टिक गुण होते हैं । आलू को हम संपूर्ण आहार बना सकते हैं । आदमी आलू को खा कर के जीवित रह सकता है । यदि इंसान रोटी चावल तथा अन्य सामग्री ना खाए तो भी वह आलू खाकर के जिंदा रह सकता है ।

2020 अंतर्राष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है और आलू इसका मुख्य हिस्सा है ।

भारत की तीसरी खाद्य फसल आलू

आलू एक अच्छी फसल है । चावल तथा गेहूं के बाद में तीसरे नंबर पर खाद्य पदार्थ में आलू का नंबर आता है । यानी कि आलू एक खाद्य फसल है

2008 में आलू को फूड फॉर फ्यूचर डिक्लेअर किया गया था । क्योंकि इसमें बहुत सारे प्रोटीन होते हैं जो कि इंसान की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं ।

आलू में कौन-कौन से विटामिन पाए जाते हैं ?

इसमें समुचित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट के साथ दो पर्सेंट प्रोटीन , फाइबर तथा अन्य मिनरल्स जैसे कि पोटेशियम , आयरन , जिंक , विटामिन सी तथा एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है ।

आलू को हम जब तेल में तल करके खाते हैं तब आलू अपने भार के बराबर या फिर उससे थोड़ा कम तेल अवशोषित करता है । जिससे कि मोटापा बढ़ने का खतरा बना रहता है ।

आलू में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा पाई जाती है जो कि मोटापे का कारक माना जाता है ।

  सेहत का साथी है आलू  के बारे में जानकारी आलू का वैज्ञानिक नाम क्या है

शुगर फ्री आलू की सच्चाई ?

विशेषज्ञों की मानें तो शुगर फ्री नाम का कोई आलू होता ही नहीं है । यानी कि कोई आलू शुगर फ्री नहीं होता है । यानी कि कम शुगर वाले आलू है । कम शुगर वाले आलू को ही लोग शुगर फ्री आलू कहते है ।

कुछ आलू की किस्में ऐसी होती है जिसमें शुगर कम होता है । उसी को ही लोग शुगर फ्री आलू के नाम से मार्केट में बेचते हैं । सच में देखा जाए तो शुगर फ्री आलू नहीं होता है ।

शुगर फ्री आलू को स्टोर करने के लिए 10 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड पर स्टोर किया जाता है तथा उस पर एक केमिकल छिड़क दिया जाता है । जिससे कि यह आलू मिठा नहीं होता है ।

हरा आलू खाना चाहिए या फिर नहीं खाना चाहिए ?

आपको हर जगह यही सिखाया जाता है कि हरी सब्जी को खाना चाहिए। लेकिन आलू के मामले में उल्टा हो जाता है । कभी भी हरा आलू नहीं खाना चाहिए

आलू सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने से हरे हो जाते हैं या फिर कच्चे आलू को रोशनी में रख देते हैं तब वह आलू उगने लगता है । उगे हुए आलू को नहीं खाना चाहिए । क्योंकि वह पोईजनेस होते हैं ।

हरे आलू में सोलेनिन नाम का एक कंपाउंड होता है जो कि 20 मिलीग्राम से भी अधिक पाया जाता है । नॉर्मल आलू में सोलनिन की मात्रा 20 ग्राम से कम होती है

जिस आलू में शोले नीम की मात्रा कम होती है वह आलू खाने लायक होता है । उगे हुए आलू में इसकी मात्रा बढ़ जाती है और वह खाने लायक नहीं रहता है । गर्भवती महिलाओं के लिए तो आलू बिल्कुल ही मना किया जाता है ।