अकबर के वित्त मंत्री कौन थे ? अकबर के कितने बेटे थे ?अकबर के पिता का नाम। akbar ka vitt mantri kaun tha
अकबर के वित्त मंत्री कौन थे ? अकबर के कितने बेटे थे ?अकबर के पिता का नाम। akbar ka vitt mantri kaun tha

आइए जानते हैं की अकबर के वित्त मंत्री कौन थे अकबर ने किस को अपना वित्त मंत्री बनाया था । अकबर के समय में वित्त मंत्री के पद पर कौन कार्यरत था । अकबर के वित्त मंत्री के बारे में विस्तार से जानते हैं ।

टोडरमल अकबर के शासनकाल में अकबर का वित्त मंत्री था । अकबर के वित्तीय कोष को टोडरमल ही संभालते थे । वित्त मंत्री का सारा कार्य टोडरमल के हाथों में था ।

अकबर के शासन काल में जमीनों के रखरखाव लेखा-जोखा और पटवारी का जो भी कार्य था वह टोडरमल ही देखते थे । इस कारण से टोडरमल अकबर के काल के वित्त मंत्री थे । वित्त मंत्री का कार्यभार अखबार ने टोडरमल को सौंप रखा था ।

टोडरमल अपने वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए केई महत्वपूर्ण कार्य किए । जिनका इस्तेमाल हमारा समाज और हमारी सरकार आज भी कर रही है । लेकिन वित्त मंत्री के टोडरमल के कार्यों में यानी कि उनके नियमों में आज काफी बदलाव हुआ है ।

जमीनों के रखरखाव का यानी कि वित्तीय संबंधित कार्यों का प्रारंभ सबसे पहले शेरशाह सूरी ने किया था । टोडरमल ने वित्तीय कार्य शेरशाह सूरी के साथ किए थे । उसके बाद में अकबर को टोडरमल की काबिलियत का पता चला और अकबर ने टोडरमल को अपना वित्त मंत्री बनाया ।

जमीनों के रखरखाव की जो प्रणाली आज हम इस्तेमाल कर रहे हैं यह प्रणाली सबसे पहले शेरशाह सूरी ने टोडरमल के साथ मिलकर के शुरू की थी । उसके बाद में अकबर ने टोडरमल के साथ मिलकर के इसे आगे बढ़ाया । जिसका वर्तमान स्वरूप आज पटवारी का कार्य है ।

akbar ki kahani . अकबर की कहानी आज की जुबानी ।

अकबर की कहानी बहुत लंबी और बहुत पुरानी है इसमें बहुत सारा इतिहास जुड़ा हुआ है । अकबर एक महान योद्धा था । इतिहास के पन्नों पर अकबर का नाम स्वर्ण अंकों में वर्णित है।

अकबर एक बहुत बड़ा योद्धा और महान शासक था । जिन्होंने लगभग पूरे भारतवर्ष पर राज किया था । अकबर और महाराणा प्रताप की लड़ाई तो बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध हुई थी और आज भी उनका बखान किया जाता है ।

akbar history in hindi . अकबर की जीवनी | Akbar Biography in hindi |

अकबर के हिस्ट्री यानी कि इतिहास बहुत ही लंबा और चौड़ा है । अकबर ने भारत में काफी सालों तक राज किया और काफी कार्य किए । जिसके कारण अकबर को एक महान सम्राट भी कहा जाता है ।

मुगल वंश के तीसरे शासक के रूप में जब भी बात होती है तब अकबर का नाम आता है । क्योंकि अकबर मुगल वंश का तीसरा शासक था ।

अकबर का पूरा नाम जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर था । यदि अकबर के जन्म की बात की जाए तो अकबर का जन्म 15 अक्टूबर 1542 को अमरकोट में हुआ था ।

history of mughal badshah akbar in hindi . About Akbar in hindi .

जब भी मुगल बादशाह का नाम आएगा तब अकबर का नाम जरूर आएगा । क्योंकि अकबर मुगलों का बादशाह था । क्योंकि अकबर बहुत ज्यादा ही पावरफुल था और अकबर के पास में बहुत ज्यादा शक्ति और सेना थी । जिसके कारण अकबर को मुगलों का बादशाह भी कहा जाता है ।

मुगलों के बादशाह अकबर का इतिहास काफी लंबा चौड़ा है । अकबर ने हिंदू और मुसलमानों को एक साथ लेकर चलने का काफी प्रयास किया था ।

मुगल बादशाह अकबर ने अपने शासनकाल के दौरान सभी धर्मों का सम्मान रूप से आदर किया था । उन्होंने किसी भी धर्म को छोटा और बड़ा नहीं समझा । सभी धर्मों को एक समान समझा था ।

akbar ke kitne bete the . अकबर के कितने बेटे थे ? अकबर का बेटा कौन था ?akbar ke bete ka naam .

अकबर के कितने बेटे थे ? आइए आप जानते हैं कि अकबर के कितने बेटे थे । यानी कि अकबर के कितने पुत्र थे । अकबर के 1 पुत्र नहीं 3 पुत्र थे । अकबर के पुत्र यानी कि बेटे का नाम सलीम , मुराद और दानियाल था । सलीम , मुराद , दानियाल तीनों अकबर के बेटे थे ।

अकबर को सलीम बेटा बहुत ही प्यारा लगता था और सलीम बेटा अकबर का सबसे चहेता बेटा था अकबर अपने बेटे सलीम से बहुत ज्यादा ही प्यार करते थे ।

अकबर के सबसे बड़े बेटे यानी कि पुत्र का नाम सलीम था । मुगल बादशाह अकबर की बड़े बेटे सलीम का जन्म 31 अगस्त 1569 को हुआ था ।

akbar ki jivani – अकबर की जीवनी . biography of akbar in hindi .

अकबर की बायोग्राफी यानी की जीवनी के बारे में जानते हैं । अकबर के जीवन के बारे में और अकबर के जीवन से जुड़ी हुई घटनाओं के बारे में जानते हैं ।

अबुल-फतह जलाल उद्दीन मुहम्मद अकबर का यह पूरा नाम और सही नाम था । हुमायूं के बेटे अखबार का जन्म अमरकोट में 15 अक्टूबर 1542 मैं हुआ था । अकबर का जन्म हुमायूं की पहली पत्नी हमीदा बानू बेगम के गर्भ से हुआ था ।

जब भी बादशाहों का नाम आता है तो अखबार का नाम जरूर आता है । क्योंकि अकबर बादशाह का भी बादशाह था । अकबर को हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म के लोगों का बराबर प्यार और स्नेह मिला था । दोनों ही धर्म के लोगों ने अकबर को सपोर्ट भी किया था ।

दीन-ए-इलाही नामक धर्म की स्थापना अकबर के द्वारा की गई थी ‌। क्योंकि अकबर हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म के लोगों के बीच के फासले को मिटाना चाहते थे ।

जब अकबर 13 वर्ष के थे तब उनके पिता नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायुं की मृत्यु हो गई थी । उनकी मृत्यु के पश्चात अकबर को ही राजगद्दी संभालने थी ।

13 बरस की उम्र में अकबर ने राजगद्दी संभाल लेती और अकबर राज गद्दी पर बैठ गए और कार्यभार संभाल लिया था ।

akbar kaun tha . about akbar in hindi

अकबर ने भारत को अपने अधीन करने के लिए कई नीतियां अपनाई । इसके लिए उन्होंने केई समझौते भी किए । इसके साथ ही अकबर ने राजपूत राजाओं के साथ न्यायिक संबंध विस्थापित किए और राजपूत कन्याओं से विवाह भी किया ।

अकबर के शासनकाल के दौरान राजपूत अकबर के सबसे बड़े शत्रु थे । इसलिए अकबर ने भी अपनी जनहानि किए बिना राजपूतों को अपने अधिकार में लेने के लिए कुछ नीतियां बनाई और उन्होंने राजपूत राजाओं से संधि करके उनकी बेटियों से शादी यानी कि विवाह की रणनीति भी अपनाई । जो कि अकबर को काफी आगे तक ले गई ।

इसके बाद में जब अकबर और भारमल का युद्ध हुआ था । भारमल की कन्या से अकबर ने विवाह किया जिसके फलस्वरूप तीन पुत्रों का जन्म हुआ उनमें से एक जहांगीर भी था । अकबर ने भारमल कि जिस पुत्री से विवाह किया था उसका नाम जोधा था ।

akbar ka itihas hindi me – अकबर का इतिहास

अकबर की कितनी पत्नियां थीं – अकबर जीवनसाथी ।

akbar ki patni ka naam – अकबर की पत्नी यानी की जीवन साथी एक नहीं सात (7) थी । अकबर के सात (7) पत्नियां यानी की जीवन साथी थी । अकबर की सातों पत्नियों यानी कि जीवन साथियों के नाम नीचे दिए गए हैं ।

1 . Rukaiya sultan begum ( रुकय्या सुल्तान)
2 . Salima sultan begum (सलीमा सुल्तान)
3 . Mariam-uz-zamani (jodha) (जोधा)
4 . Bibi Daulat shad (बीबी दौलत शाद)
5 . Qasima banu begum(क़सीमा बानु)
6 . Bhakkari begum (भक्करी बेगम)
7 . Gauhar un Nissa begum (गौहर उन निस्सा)

akbar ke pita ka naam – अकबर के पिता का नाम

akbar father name . अकबर के पिता का नाम । अकबर के पिता कौन थे ?

हुमायूं अकबर का पिता था । अकबर के पिता का नाम हुमायूं था । हुमायूं का पूरा नाम नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायु था । अकबर के पिता हुमायूं भी एक मुगल शासक था ।

बाबर की मौत के बाद में हुमायूं ने ही भारत की राजगद्दी संभाली थी । हुमायूं भारत पर अधिक समय तक राज नहीं कर पाए थे । लेकिन उन्होंने मुगल शासक की महत्वपूर्ण नींव रखी थी ।

akbar ka janm kahan hua tha . अकबर का जन्म कहाँ हुआ था और कब हुआ था?

अकबर के जन्म के बारे में जानते हैं कि अकबर का जन्म कब और कहां पर हुआ था । अकबर के जन्म के बारे में विस्तार से जानते हैं ।

अमरकोट वह स्थान था जहां पर मोहम्मद जलालुद्दीन अकबर का जन्म हुआ था । अमरकोट में मोहम्मद जलालुद्दीन अकबर का जन्म 15 अक्टूबर 1542 ईसवी में हुआ था ।

अकबर को किसने मारा था ? अकबर की मृत्यु कैसे हुई?

आई अब जानते हैं कि अकबर की मौत कैसे हुई थी यानी कि अकबर कैसे मरा था । अकबर को किसी ने मारा था या फिर अकबर की प्राकृतिक रूप से मृत्यु हुई थी । अकबर की मृत्यु के बारे में पूरी जानकारी । अकबर को किसी ने नहीं मारा था । अकबर की मृत्यु प्राकृतिक रूप से यानी कि कुदरती तौर पर हुई थी । अकबर की मृत्यु 29 अक्टूबर 1605 ईस्वी को हुई थी ‌।