कछुए के बारे में 35 रोचक तथ्य। जिंदा कछुआ रखने के फायदे ।Turtle and Tortoise in Hindi

कछुए के बारे में 35 रोचक तथ्य – Turtle and Tortoise in Hindi

Tortoise in Hindi

Amazing Facts about Turtle and Tortoise in Hindi – कछुओं के बारे में रोचक तथ्य. kachua. समुद्री कछुए डायनासोर से भी पहले के जीव माने जाते हैं | लेकिन इनकी 7 में से 5 प्रजातियां आज खतरे में है | इन्हें प्रजनन योग्य बनने में काफी समय लगता है | एक दशक या फिर उससे भी ज्यादा का समय लग सकता है | इनके ऊपर नजर रखना तथा इसके बारे में नतीजा निकालना बहुत ही कठिन काम हो जाता है |

समुद्री कछुए अपना ज्यादातर समय समुद्र में ही बिताते हैं | जबकि मादा कछुआ अपने अंडे देने के लिए समुद्र के किनारे पर आती है | जहां पर उनका जन्म हुआ था | यह कोई नहीं जानता कि यह ऐसा करती कैसे है |

माना जाता है कि समुद्री कछुए वहां के केमिकल को सुघकर के यह अंदाजा लगाते हैं तथा अपने जन्म वाले समुद्री जगह पर पहुंच जाते हैं , जहां पर उनकी पैदाइश हुई थी |

Amazing Facts about Turtle and Tortoise in Hindi – कछुओं के बारे में रोचक तथ्य. kachua.

turtle information in hindi. कछुआ के बारे में जानकारी ।

कछुआ एक ही स्तनधारी वर्ग का प्राणी है । कछुआ समुद्र और जमीन दोनों स्थानों पर पाए जाने वाला जीव है । कछुआ शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही होते हैं ।

शाकाहारी कछुआ घास , फूस , फूल पत्तियां और फल खाते हैं । जबकि मांसाहारी कछुआ छोटे कीड़े मकोड़ों को घोंघे का शिकार करके खाते हैं ।

कछुआ कितने दिन बिना खाए रह सकता है ? Kachhua kitne din Bina khaye reh sakta hai .

कछुआ कितने दिनों तक भूखा रह सकता है । कछुआ कई दिनों तक बिना खाए पिए भूखा रह सकता है । यह कछुए पर निर्भर करता है कि वह कितने दिन तक भूखा रह सकता है ।

कछुआ कितने प्रकार के होते है? Kachhua kitne prakar ke hote Hain .

Kachhua ke prakar – कछुआ मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है । कछुए का पहला प्रकार स्थलीय कछुआ होता है और कछुए का दूसरा प्रकार जलीय कछुआ होता है ।

जो कछुआ जल में रहता है उसे टर्टल ( turtle ) कहा जाता है और जो कछुआ स्थल यानी की जमीन पर रहता है उसे tortoise कहा जाता है ।

जलिय कछुआ और स्थलीय कछुआ दोनों की कई प्रजातियां पाई जाती है लेकिन वर्तमान में 327 प्रजातियां ही कछुआ की अस्तित्व में है ।

कछुए की निम्नलिखित प्रजातियां हैं नीचे कछुए की कुछ प्रजातियों के नाम दिया गया है ।

1 . Testudo (genus)
2 . Hermann’s tortoise
3 . Kleinmann’s tortoise
4 . Marginated tortoise
5 . Russian tortoise (Agrionemys)
6 . Leopard tortoise
7 . Spider tortoise
8 . Flat-backed spider
9 . Geometric tortoise
10 . Megalochelys atlas
11 . Asian forest tortoise
12 . Pancake tortoise
13 . Greek tortoise

कछुआ और कछुए में क्या अंतर है? Kachhua aur kachhua mein kya Antar hota hai .

कछुआ इसका मतलब होता है कि किसी एक कछुए की बात हो रही है । यानी कि जब एक कछुआ होगा तब कछुआ शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा । यदि एक से अधिक कछुए हो और कछुए का ग्रुप हो तो कछुए शब्द का प्रयोग किया जाएगा ।

एक कछुआ हो तो कछुआ शब्द का प्रयोग होगा और एक से अधिक कछुए हो तो कछुए शब्द का प्रयोग किया जाएगा ।

कछुआ शब्द एकवचन है और एक कछुआ के लिए प्रयोग किया जाता है जबकि कछुए शब्द बहुवचन है और एक से अधिक कछुओं के लिए प्रयोग किया जाता है ।

जिंदा कछुआ रखने के फायदे । घर में कछुआ रखने के फायदे ।

Ghar Mai jinda kachua rakhne ke fayde – घर में कछुआ रखने से क्या फायदे होते हैं ।

1 . कछुआ भगवान विष्णु से जुड़ा हुआ है और जब भगवान विष्णु ने कच्छप अवतार लिया था तब वह समुद्र में कछुआ बने थे यानी कि कछुआ का रूप धारण किया था ।

2 . ऐसी मान्यता है कि घर में कछुआ रखने से घर में रहने वाले व्यक्ति की आयु में वृद्धि होती है और वह लंबी आयु तक जीवन यापन करते हैं ।

3 . कछुआ घर में रखने से व्यक्ति रोग मुक्त हो जाता है । कई सारे रोग घर से भाग जाते हैं । यानी कि व्यक्ति को रोग सताते नहीं है ।

4 . कछुआ घर में रखने से हमारे कई सारी सफलताओं में आ रही बाधाएं दूर हो जाती है और हमें नौकरी में और परीक्षाओं में सफलताएं मिलती है ।

5 . ऐसा माना जाता है कि घर में कछुआ रखने से धन से जुड़ी हुई सारी समस्याएं खत्म हो जाती है और धर्म का आवागमन घर में शुरू हो जाता है । धन से जुड़ी हुई कोई समस्या नहीं आती है ।

6 . कछुआ सुख और शांति का प्रतीक माना जाता है । इसलिए अपने घर में सुख और शांति के लिए कछुआ जरूर पालना चाहिए ।

7 . अपने व्यवसाय के स्थान जैसे की दुकान , फैक्ट्री , ऑफिस आदि में कछुआ जरूर रखना चाहिए । यह हमारे व्यवसाय में उन्नति लाता है और हमारा व्यवसाय दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि करता है ।

कछुआ कहाँ मिलेगा। Kachhua Kahan milega .

Kachhua milane ki jage – कछुआ कहां पर मिलेगा ? यदि आप कछुए की खोज में है और आपको कछुए की जरूरत है और आप कछुए को ढूंढ रहे हो तो आपको कछुआ मिल जाएगा । लेकिन इसके लिए आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी ।

कछुआ आपको समुद्र के किनारे मिलेगा । जहां पर समुद्र होता है वहां पर समुद्र में खूब कछुए होते हैं । क्योंकि समुद्र के खारे पानी में कछुए रहते हैं ।

इसके अलावा कछुए की कुछ ऐसी प्रजातियां भी है जो कि साफ और स्वच्छ पानी में रहती है तो आप तालाब में भी कछुए को ढूंढ सकते हो और आपको समुद्र में भी कछुआ मिल जाएगा ।

कछुए की कीमत कितनी होती है ? Kachhue ki kimat kitni hoti hai .

Kachhue ki price kitni hoti hai – कछुए की कोई कीमत नहीं होती है और किसी भी कीमत पर यह नहीं बता सकते कि यह कछुआ कितने का है । क्योंकि आपको कछुआ ₹400 से लेकर हजार रुपए तक मिल जाएगा ।

बहुत सारे ऐसे कछुए हैं जो कि 5000 से लेकर के एक लाख तक की कीमत के होते हैं । बहुत सारे दुर्लभ कछुए की ऐसी प्रजातियां भी है जिनकी कीमत ढाई लाख से लेकर के ₹500000 तक भी होती है ।

कछुए की कीमत कछुए की नस्ल और प्रजाति पर निर्भर करती है । इसके अलावा बेचने वाले और खरीदने वाले और कछुए की कीमत पर निर्भर करती है ।

कछुआ कहां रहता है। Kachhua kahan rahata hai .

Kuchha ke rahane ka sthan – बहुत सारे लोगों का यह सवाल रहता है कि कछुआ कहां पर रहता है । कछुए का निवास स्थान कौन सा है । कछुआ जल और जमीन दोनों ही स्थानों पर रहता है ।

कछुए की कुछ प्रजातियां जल में निवास करती है तथा कछुए की कुछ प्रजातियां जमीन पर निवास करती है । इसीलिए कछुआ जल और जमीन दोनों पर पाए जाने वाला जीव है । कछुआ उभयचर जीवों की श्रेणी में आता है ।

घर में कछुआ मर जाए तो क्या होता है ? Ghar mein kachhua mar jaaye to kya hota hai .

कछुआ घर में मर जाए तो क्या करना चाहिए । वैसे तो कछुआ घर में कभी मरता नहीं है । क्योंकि कछुए की उम्र बहुत ज्यादा होती है और कछुआ एक लंबी उम्र तक जीवित रहता है । अधिकतर कछुए को 300 वर्ष तक की उम्र तक जीवित पाया गया है ।

यानी कि जब इंसानों की तीन पीढ़ियां गुजर जाती है तब जाकर के एक कछुआ मरता है वह भी 3 पीढ़ियों के बाद में । यदि कोई कछुआ मर भी जाए तो उसे जमीन में गड्ढा खोदकर के गाड़ देना चाहिए ।

कछुए के अंडे कितने दिन में फूटते हैं ? Kachhue ke Ande kitne din mein foothe Hain .

कछुए के अंडे से बच्चे कितने दिन में बाहर निकलते हैं । यानी कि कछुए का अंडा कितने दिन में पक करके तैयार हो जाता है । जब मादा कछुआ अंडे देता है तो अंडे देने के 70 दिन बाद में अंडे पक जाते हैं ।

70 दिन बाद में मादा कछुए के अंडे से बच्चे बाहर निकलने लगते हैं । क्योंकि 70 दिन बाद में कछुए के अंडे पूरी तरह से पक जाते हैं और फिर टूटने लगते हैं । जब कछुए के अंडे फुटने लगते हैं तब उनमें से बच्चे बाहर निकल आते हैं । क्योंकि अंडा और पूरी तरह से पक चुका होता है ।

भारतीय कछुआ प्रजातियों कितनी है ? पूरे भारत में कछुए की कुल कितनी प्रजातियां है ?

Pure Bharat mein kaccha ki kul prajatiyan kitni hai – वर्तमान में पूरे भारत में कछुए की कुल 15 प्रजातियां मौजूद है । कछुए की यह प्रजातियां या तो साफ और ताजे पानी में निवास करती है या फिर समुद्र के गहरे खारे पानी में निवास करती है ।

भारत में मौजूद कछुए की 15 प्रजातियों के नाम

भारतीय छत वाले कछुए (पंगशुरा टेक्टा) – Pangshura tecta)

1 . असम छत वाले कछुए (पांगशुरा सिलेथेन्सिस ) – Assam Terrace Turtle (Pangshura Sylhetensis

2 . इंडियन फ्लैप्सहेल टर्टल (लिस्मिम्स पंचटाटा) – Indian flapshell turtle .

3 . Indian Softshell Turtle (Nilsenia
Gangetica) – इंडियन सोफ्टशेल टर्टल (निल्सनिया गैंगेटिका)

4 . Red Winged Terrace Turtle (Batagur
Kachuga – लाल पंख वाले छत वाले कछुए (बटागुर कचुगा)

5 . Indian Tent Turtle (Pangshura

6 . Tamboria – भारतीय तम्बू कछुए (पांगशुरा तम्बोरिया)

7 . Black pond turtle – काला तालाब कछुए

8 . भारतीय आइड कछुए (मोरेनिया पेटर्सि)

9 . जैतून रिडले सागर कछुए (लेपिडोचेलीज ओलिविसा)

10 . लेदरबैक सागर कछुए (डर्मोचेलीस कोरियासी)

11 . ग्रीन सागर कछुए (चेलोनीया मादास)

12 . हॉक्सबिल समुद्री कछुए (एरेमोमोचेली इम्ब्रिकाटा)

13 . इंडियन स्टार कछुआ (जिओसेलॉन एलिगेंस)

14 . एशियाई वन कछुआ (मनोरिया द्गद्व4ह्य)

15 . भारतीय तालाब टेरापिन (मेलानोचेलीज त्रजुगा)

20 नाखून का कछुआ का राज क्या है ? 20 nakhun wale kachhue ka Raj kya hai .

20 नाखून वाले कछुए को तंत्र शास्त्र में बहुत ही उपयोगी माना जाता है और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी यह कछुआ काफी शुभ होता है । 20 नाखून वाला कछुआ दिव्य शक्ति का प्रतीक भी माना जाता है ।

तंत्र क्रिया में कछुए के अंगो का प्रयोग तांत्रिकों द्वारा किया जाता है और तांत्रिक कछुए के अंगो का प्रयोग करके कई सारी सिद्धियां प्राप्त करते हैं और तंत्र में कछुए के अंगो का प्रयोग किया जाता है ।

20 नाखून वाले कछुआ तंत्र शास्त्र में बहुत ही महत्वपूर्ण होता है । तांत्रिकों के लिए यह कछुआ बहुत ही फायदेमंद और उपयोगी होता है । इसलिए तांत्रिक 20 नाखून वाले कछुए की डिमांड करते हैं और इंटरनेशनल मार्केट में भी 20 नाखून वाले कछुए की काफी डिमांड हमेशा बनी हुई रहती है

विदेशी लोग 20 नाखून वाले कछुए को खरीदने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और 20 नाखून वाले कछुए को आप इंडिया में 4 से ₹500000 में आराम से बेंच सकते हो और इंटरनेशनल मार्केट में प्राइस का तो आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हो हम इस कारण से 20 नाखून वाले कछुए की इतनी डिमांड रहती है।