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कुत्ते बिल्ली तथा अन्य जानवर पानी कैसे पीते हैं

कुत्ते बिल्ली तथा अन्य जानवर पानी कैसे पीते हैं

जानवर पानी कैसे पीते हैं

जानवरों के पानी पीने का तरीका

जब इंसान पानी पीता है , तब यह सोचता है कि वह पानी पीने के लिए हाथ या फिर गिलास का उपयोग करता है | लेकिन यह बात एक दम सच नहीं है |

पानी पीने के लिए गालों का होना भी जरूरी होता है | पानी पीने में गाल अहम भूमिका निभाते हैं | बिना गालों के पानी पीने में बहुत ही मुश्किल होती है तथा पानी आसानी से नहीं पी सकते हैं |

जानवरों की बात करें तो जानवरों में भी यही प्रक्रिया लागू होती है | छोटे गाल वाले जानवर पानी नहीं पी पाते हैं | इसलिए वह अलग अलग तरीके अपनाते हैं, पानी पीने के और अलग-अलग तरीकों से पानी पीते हैं |

जानवर पानी कैसे पीते हैं

कुत्ते के पानी पीने का तरीका

कुत्ते पानी पीने के लिए अपनी जीभ को पीछे की तरफ मोड़ते हैं | कुत्ते अपनी जीभ को पानी में डालकर के पानी को स्कोप करते हैं | इस तरह से यह प्रक्रिया वह लगातार करते हैं तथा पानी पी लेते हैं |

कमाल का तरीका है ना कुत्तों के पानी पीने का , शायद ही इसके बारे में आपको पहले किसी ने बताया होगा | यदि आपके आसपास भी कोई कुत्ता हो तो आप एक बार जरूर नोट करना कि वह आखिरकार पानी कैसे पीता है |

बिल्ली के पानी पीने का तरीका कुछ अलग है | बिल्ली अलग तरीके से पानी को पीती है | बिल्ली पानी पीने के लिए जीभ को पानी के ऊपर टच करती है | जिससे कि पानी बिल्ली की जीभ के साथ चिपक कर उसके मुंह में आ जाता है |

क्योंकि बिल्ली की जीभ पर हजारों माइक्रोस्कोप होते हैं | जिसकी मदद से पानी बिल्ली की जीभ पर चिपक जाता है और बिल्ली पानी पीने में कामयाब हो जाती है |

इसीलिए जब बिल्ली अपनी जीभ को मुंह में लेती है तो पानी जीव के साथ ही अपने आप मुझे में आ जाता है और बिल्ली पानी पी लेती है |

जानवर पानी कैसे पीते हैं

बिल्ली के पानी पीने का तरीका

बिल्ली पानी पीने के लिए अपनी जीभ को एक सेकंड में 4 बार अंदर बार करती है |

पक्षियों के पास भी गाल नहीं होते हैं | इसलिए इनके पानी पीने का तरीका भी अलग होता है | पक्षी पानी पीने के लिए अपनी चोच में पानी को भर कर के अपने सिर को ऊपर करके पानी को घटक लेती है | इस प्रकार पक्षी पानी पीते हैं | यही तरीका है पक्षियों के पानी पीने का जो कि बहुत ही कमाल का है |

इसके विपरीत कबूतर के पानी पीने का तरीका अलग होता है | कबूतर अपनी चोच को बंद करके एयर टाइट सील बना लेते हैं | जैसे कि इसकी जीभ पिस्टन तथा चोच पंप का कार्य करने लग जाती है और कबूतर पानी पी लेता है |

जानवर पानी कैसे पीते हैं

कबूतर के पानी पीने का तरीका

बाकी पक्षियों को पानी पीने के लिए सर को ऊपर उठाना पड़ता है | जबकि कबूतर बिना अपने सर को ऊपर उठाएं भी पानी पी सकते हैं |

रेगिस्तानी इलाकों में पानी की बहुत कमी होती है | रेगिस्तान में पाए जाने वाले कीड़े पानी पीने के लिए अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं | क्योंकि रेगिस्तान में पानी का कोई भी स्रोत नहीं होता है |

जानवर पानी कैसे पीते हैं

जानवर पानी कैसे पीते हैं

इसलिए वहां के कीड़े पानी पीने के लिए एक ऊंची जगह पर चले जाते हैं | ऊंची जगह पर जाने के बाद में वह अपना सर नीचे की तरफ कथा तथा पीछे का हिस्सा ऊपर की तरफ कर लेते हैं |

यानी कि वह अपने सिर के बल पर खड़ा हो जाता है | इसके बाद में जब समुद्र की ठंडी हवा का झोंका इन तक पहुंचता है | यह ठंडी हवा रेगिस्तान की गर्म हवा से मिलकर के कोहरे का निर्माण करती है | यह कोहरा बीटल की पीठ पर बूंदों के रूप में जमा हो जाता है |

कुछ समय बाद पानी नीचे की तरफ खिसकने लगता है क्योंकि बीटल अपनी सिर के बल पर खड़ा है | इसलिए पानी सीधा बीटल के मुंह में जाता है और वह पानी पी लेता है | है , ना बीटल के पानी पीने का कमाल का तरीका |

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