शिशु के दांत निकलने पर परेशानियां, सावधानी, उपाय | Teething baby – Symptoms

छोटे बच्चों के दांत निकलते समय ब्लीडिंग ना रुके तो हो जाइए सावधान ।

बच्चे के जन्म के समय बच्चे के मुंह में दांत नहीं होते हैं लेकिन जैसे बच्चे की उम्र भर बढ़ती है और बच्चा बड़ा होता है तो उसके दांत निकलने शुरू होते हैं । जैसे ही दांत निकलना शुरू होते हैं तो कुछ बच्चों में ब्लीडिंग होना शुरू हो जाती है तो यह एक प्रकार की बीमारी भी हो सकती है ।

यदि ब्लडिंग सामान्य हो तो कोई दिक्कत नहीं है । यदि ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो रही है तो यह एक बीमारी का संकेत हो सकता है । जिसे हीमोफीलिया भी कहते हैं । यह बच्चों के दांत निकलते समय होती है ।

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अनुवांशिक बीमारी – अनुवांशिक बीमारी वह बीमारी होती है जो कि किसी भी माता-पिता से उसके बच्चे में होती है । यानी कि यह बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है । इस तरह की बीमारी को अनुवांशिक बीमारी कहते हैं ।

1 हीमोफीलिया एक अनुवांशिक बीमारी है यानी कि यह पीढ़ी दर पीढ़ी हो सकती है । इस बीमारी में खून का थक्का नहीं जमता है तथा खून का बहाव रुकता नहीं है । खून लगातार बहता रहता है । जिससे कि मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है और उसे प्लेटलेट चढ़ाने भी पड़ सकती है ।

उन माता पिता को खास तौर पर इस बात का ध्यान रखना है कि जिसके माता-पिता को यह बीमारी है । यह बीमारी उसके बच्चों को भी हो सकती है । इसलिए जब भी बच्चों के दांत निकल तो माता-पिता को उसकी तरफ ध्यान देना चाहिए। क्योंकि यह एक अनुवांशिक बीमारी है ।

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इस बीमारी के सामान्य लक्षण की बात करें तो इसमें नाक से लगातार खून आता रहता है तथा मसूड़ों से भी खून निकलता रहता है । जोड़ों में सामान्य दर्द बना रहता है । शरीर के अंदर भी ब्लीडिंग हो सकती है । सर दर्द की समस्या तथा गर्दन में अकड़न तथा उल्टी भी देखी जा सकती है ।

डॉक्टर इसके इलाज के लिए इंजेक्शन भी लगाते हैं । तथा टेबलेट का भी सहारा लेते हैं । इसमें फैक्टर नामक एक इंजेक्शन होता है जो कि लगाया जाता है । यदि बीमारी दवाई से कंट्रोल होने वाली होती है तो उसे गोलियों से ही काम चलाया जाता है ।

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