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बिल्लियों की मूछें क्यो होती है?

बिल्ली की मूछें क्यों होती है | तथा वह किस काम आती है | whiskers
बिल्ली की मूछें किस काम आती है |

बिल्ली कि मूछें गाल के साथ चिपकी हुई रहती है | जब कोई शिकारी इनके पास में आता है तो बिल्ली की मूछें भी हरकत में आ जाती है | यानी की बिल्ली कि मूछें एक एंटीना की तरह काम करने लग जाती है|


मूछों के हर तंतु पर बहुत ही सेंसिटिव नसें होती है | जो की शिकार की परफेक्ट लोकेशन का पता लगा लेते हैं |


जानवर की मूछों को अंग्रेजी में whiskers भी कहते हैं |


अब आप यह सोच रहे होंगे कि जब यह मूछों से शिकार कर सकती है तो आंखों का इस्तेमाल क्यों करती है | इसके पीछे भी एक वैज्ञानिक कारण छुपा हुआ है | क्योंकि बिल्ली की आंखें नजदीकी शिकार को नहीं देख पाती है | जब शिकार आंखों के बहुत ही पास आ जाता है तो वह out of focus हो जाता है | यानी कि वह है उसे ढंग से देख नहीं पाती है |


बिल्ली की आंखें 25 सेंटीमीटर से कम की दूरी की किसी भी चीज पर फोकस नहीं कर पाती है | यानी कि वह इससे कम दूरी की चीजें नहीं देख पाती है |

बिल्ली कि मूछें हवा में हुए वाइब्रेशन को अच्छे से भांप लेती है | जैसे ही हवा चलती है और वाइब्रेशन होता है | वैसे ही बिल्ली को शिकार का पता चल जाता है और शिकार की सही लोकेशन तथा साइज का भी पता चल जाता है |

इनकी मूछों का फैलाव इनके शरीर की चौड़ाई के बराबर होता है | इस चीज की वजह से वह सही अंदाजा लगा करके छोटी से छोटी जगह में से ही बाहर निकल पाती है |

टाइगर के पास तथा सभी बड़ी जंगली बिल्लियों के पास भी ऐसी मूछें होती है | बब्बर शेर के पास भी ऐसी मूछें होती है | कुत्ता, चील ,लोमड़ी ,कैटफिश चूहा घोड़े तथा सभी जानवरों के पास ऐसी मूछें होती है |

चिंपैंजी बंदर के पास भी ऐसी मूछें होती है |

आंखों के आइब्रो में भी बिल्लियों के पास मूछें होती है | जो कि लंबी घास में शिकार का पता लगाने के काम आती है | यदि कोई तिनका इनके whiskers से टकराता है तो इनकी आंखें बंद हो जाती है जिससे कि इनके आंखों की भी सुरक्षा होती है |

बिल्लियों की मूछें क्यो होती है?