चेचक के वायरस का नाम SMALLPOX वायरस का इतिहास तथा दुनिया

SMALLPOX वायरस का इतिहास तथा दुनिया

वायरस पृथ्वी पर लाखों , अरबों कुछ सालों से है वायरस ने हीं इतिहास को आकार दिया | लोगों के जीवन बदल दिए | वह हर जगह मौजूद हैं तथा वह हर आकार तथा साइज में आते हैं |

यदि आप समुद्र का एक चम्मच पानी लेते हैं , तब उसमें लाखों वायरस आपको मिल जाते हैं | दूसरे जीव की कोशिकाओं के बिना वायरस भी कुछ भी नहीं होते हैं | यह निष्क्रिय होते हैं तथा यह कुछ भी नहीं कर सकते हैं ।

वायरस प्रोटीन का एक छोटा सा पैकेज होता है । जिसके बीचोंबीच एक जेनेटिक कोड होता है । यह किसी भी कोशिकाओं में घुसपैठ करते हैं तथा उन्हें कंफ्यूज करते हैं ।

वायरस में involve होने की तथा म्यूटेशन की क्षमता होती है। कुछ लोगों को लगता है कि वायरस हमारे दुश्मन है तथा हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं । लेकिन मेरे ख्याल से यह गलत है । क्योंकि सारे वायरस बुरे नहीं होते हैं। क्योंकि बुरा वायरस होना उसके पर्सनलटी का हिस्सा है । वायरस के बिना पृथ्वी पर जीवन मुमकिन नहीं है ।

Smallpox category A का bioterrorism हैं । स्मॉल पॉक्स बहुत ज्यादा मात्रा में तबाही मचा सकता है तथा हजारों लोगों की जान जा सकती है । कुछ लोग जानबूझकर लोगों की जान लेने के लिए Smallpox वायरस का यूज कर सकते हैं ।

Smallpox मानव जाति के सबसे बड़े हत्यारे अथवा दुश्मनों में से एक था । इसने मानव इतिहास के युद्धों की तुलना में सबसे ज्यादा लोगों की जानें ली है । बीसवीं सदी में स्मॉल पॉक्स से 50 करोड लोगों से भी की ज्यादा जानें गई थी ।

यह पाउडर के फॉर्म में variola वायरस है । यदि इस वायरस को पाउडर के फॉर्म में लेकर 5 किलो तक , इस sarpace में छोड़ दिया जाए तो यह इतिहास की दिशा को ही बदल देगा |

Smallpox इस इतिहास की सबसे भयंकर तथा खतरनाक बीमारी है । किसी भी संक्रामक बीमारी की तुलना में इसने ज्यादा लोगों की जानें ली है |

औषते 3 में से एक को यह बीमारी होने का खतरा था यदि आप बच भी गए तो आप लकी नहीं थे । क्योंकि इसके निशान पीछे रह जाते हैं । इसने राजा , रानी राजकुमार , राजकुमारियों तथा अन्य लोगों की भी जाने ली है ।

इंग्लैंड की रानी मेरी सेकंड तथा उसका पति विलियम सेकंड , फ्रांस का 15 लुई इनकी वजह स्मॉल पॉक्स रही होगी |

जॉर्ज वॉशिंगटन को प्रेसिडेंट बनने से पहले smallpox था । अब्राहिम लिंकन को प्रेसिडेंट बनने के बाद स्मॉल पॉक्स हुआ | veriola वह वायरस है जिससे स्मॉल पॉक्स की बीमारी होती है ।

इन वायरस में अलग-अलग जीन होते हैं । एचआईवी के वायरस की बात की जाए तो इसमें 10 जिन होते हैं स्मॉल पॉक्स में करीब 200 जिन होते हैं ।

Smallpox के वायरस निष्क्रिय होते हैं । किसी भी जल के बिना कुछ भी नहीं कर सकते हैं । वह सबसे पहले किसी भी कोशिका पर कब्जा करते हैं । उसके बाद में उसकी लाखों कॉपी बनाते हैं ।

स्मॉल पॉक्स बहुत छोटी-छोटी पानी की बूंदों से फैल सकता है । जब कोई इंसान बोलता है या फिर खासथा है तब कोई छोटी सी बूंद भी यदि मुंह से निकलती है तब भी smallpox हो सकता है इंफेक्शन से जान भी जा सकती है ।

यह वायरस शरीर में पहुंचने के बाद में आपके पास सिर्फ 14 दिन बचते हैं यानी कि 14 दिनों के बाद में आपके शरीर में लक्षण पैदा होने लग जाते हैं ।


इसके लक्षणों में सबसे पहले तो अचानक से बुखार आने लगता है और उसके बाद में शरीर पर धब्बे उभरने लगते हैं । यह भी लाल रंग के धब्बे होते हैं तथा वह बाद में फफोले बन जाते हैं ।

जिस व्यक्ति के संक्रमण से होता है उस व्यक्ति के शरीर पर दर्जनों भर फफोले बन जाते हैं तथा उसके निशान सभी जगह पर रह जाते हैं । जिन लोगों को स्मॉल पॉक्स होता है उसका शरीर फफोले से भर जाता है । वह हिल भी नहीं सकते हैं । फफोले से दर्द भी होता है इस दर्द का आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हो ।

इस बीमारी से पीड़ित 50 से प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है । डॉक्टर को कभी भी यह पता नहीं चला कि स्मॉलकॉक से मरीज की मौत क्यों होती है । यह वायरस शरीर पर हावी होकर के इम्यून सिस्टम को तहत नेस कर देता है । स्मॉल पॉक्स बहुत ही खतरनाक बीमारी होती है ।

स्मॉल पॉक्स को खत्म तो कर दिया गया Smallpox को खत्म करना मानव इतिहास की सबसे बड़ी सफलता थी । लेकिन यदि कोई इस वायरस को वापस लाना चाहता है , वह भी जानबूझकर तो यह हो सकता है |

स्मॉल पॉक्स आसानी से लौट सकता है । हमारी शानदार जीत आसानी से हार में बदल सकती है । यदि कोई इसे जानबूझकर वापस लाना चाहे तो वह ऐसा कर सकता है । कई सालों से लोगों को यह डर सता रहा है कि लेबोरेटरी में स्मॉल पॉक्स का वायरस तैयार किया जा सकता है । यह बहुत ही चिंता की बात है ।

कनाडा के एक साइंटिस्ट David Evans ने डीएनए की एक लैबोरेट्री मैं डीएनए सैंपल का एक आर्डर दिया और उन्होंने उनको एक साथ जोड़ करके हॉर्सेपोर वायरस तैयार किया । यह सारे पॉक्स वायरस लगभग एक जैसे होते हैं ।

इनमें से Smallpox को सिर्फ इंसानों के लिए खतरनाक है । यदि आप इनके जीन लाकर के बाकी पॉक्सवायरस बना सकते हैं तब इसी तरीके से आप स्मॉल पॉक्स के वायरस को भी बना सकते हैं |

आज तक कभी भी किसी ने भी स्मॉल पॉक्स के करीबी वायरस तैयार नहीं किया था | ऐसा करने वाले डॉक्टर डेविड एवंस पहले साइंटिस्ट थे । आज यह एक बहुत बड़ा मुद्दा बन चुका था ।

साइंटिस्ट तथा देश के सुरक्षा को लेकर के । क्योंकि जिस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके इस वायरस को बनाया गया था उस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके स्मॉल पॉक्स के वायरस को भी आसानी से बनाया जा सकता है ।