पशु जुगाली क्यों करते हैं ?

जानवर जुगाली क्यों करते हैं ?

जानवर जुगाली क्यों करते हैं ? पशु जुगाली क्यों करते हैं ?

आपने बहुत सारे जानवरों को देखा होगा जो खाना खाने के बाद में अपने मुंह को हिलाते रहते हैं | यानी कि वह जुगाली करते रहते हैं | इसके पीछे क्या कारण है | पशु जुगाली क्यों करते हैं | आज हम आपको बताएंगे | जुगाली करने के पीछे क्या राज छुपा हुआ है |

चबा चबा करके खाना अच्छी बात है | लेकिन गाय इस आदत को पूरी शिद्दत से निभाती है | थोड़ा खाने को चबा चबा कर के खाती है |
गाय के अलावा भी बहुत सारे जानवर है जो कि अपने भोजन को खाने के बाद में जुगाली करते हैं | जैसे की भैंस , बकरी बहुत सारे ऐसे जीव है जो जुगाली करते हैं |

जानवर जुगाली क्यों करते हैं ? पशु जुगाली क्यों करते हैं ?

गाय अपनी जुबान को बाएं से दाएं 1 मिनट में 50 बार पीसती है | यानी कि 1 दिन में 40000 बार अपने दांतो को पीसती है |

गाय 1 साल में अपने दांतो को 1400000 बार पीसती है |

गाय घास से दूध कैसे बनाती है |

गाय के पेट में बहुत छोटे-छोटे माइक्रो बग की हजारों प्रजातियां होती हैं | यह घास को ब्रेकडाउन करने का काम करती है |

जब गाय पहली बार घास को खाती है | तब वह इसके लायक नहीं होता है कि इसके पेट में मौजूद छोटे-छोटे माइक्रो बग इस घास को ब्रेकडाउन कर सके | गाय इस माइक्रो बग की हेल्प करने के लिए इस घास को बार-बार चबाती है तथा निगलती है | इस प्रक्रिया को लगातार करती रहती है | यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है | जब तक कि घास के कण बहुत छोटे-छोटे नहीं हो जाते हैं |

जानवर जुगाली क्यों करते हैं ? पशु जुगाली क्यों करते हैं ?

गाय पेट में से घास को मुंह में कैसे लगती है

गाय बार-बार इस घास को अपने मुंह में लेने के लिए डकार मारती है | तथा घास को अपने मुंह में लाती है | डकार लेने से घास पेट से मुंह में आ जाता है | तथा वह है इसे चबाने का काम करती है |

गाय अपने घास को दिन में 8 घंटे तक लगातार अपने दांतो से पीस करके उसे एक मलबे में बदल देती है | जब घास के यह कण बहुत छोटे छोटे हो जाते हैं | तब यह गाय के भारी भरकम पेट के निचली सतह पर चले जाते हैं |

पेट की निचली सतह पर यह छोटे-छोटे माइक्रो बग जीवाणु होते हैं , जो कि अपना काम करते रहते हैं | इन माइक्रो बग का काम होता है , घास के इन छोटे-छोटे टुकड़ों को खाना |

यहां पर उपस्थित लाखों-करोड़ों बैक्टीरिया कार्बोहाइड्रेट से युक्त घास को खाते हैं | यह बैक्टीरिया घास के इन टुकड़ों को खाकर के फैटी एसिड मैं बदल देते हैं | गाय के पेट में मौजूद मसल्स इस फैटी एसिड को सोख लेते हैं तथा इस फैटी एसिड की मदद से ही दूध बनता है |

फैटी एसिड की वजह से ही दूध का रंग सफेद होता है|

गाय पाद क्यों मारती है

जब गाय के पेट में फैटी एसिड बनता है तब इसी प्रक्रिया के दौरान गाय के पेट में एक गैस भी बनती है , इसका नाम है मिथेन | इस प्रक्रिया में बहुत सारी मिथेन गैस का निर्माण गाय के पेट में होता है | इस गैस को गाय पाद के रूप में बाहर निकालती है |

पशु इंसानों के मुकाबले 200 गुना ज्यादा गैस बनाते हैं |

गाय के दूध में प्रोटीन का निर्माण कैसे होता है |

गाय को दूध बनाने के लिए एक और चीज की जरूरत पड़ती है | जिसका नाम है प्रोटीन | बिना इन माइक्रोब्स की मदद से गाय दूध नहीं बना पाती है | इसके लिए यह माइक्रोब्स ही जिम्मेदार होते हैं |


गाय को प्रोटीन बनाने के लिए प्रोटोजोआ से मदद मिलती है | खुली आंखों से दिखाई देने वाले यह प्रोटोजोआ जब मरते हैं | तब गाय का पेट इन्हें अवशोषित कर लेता है | क्योंकि प्रोटोजोआ का शरीर प्रोटीन से बना होता है | वह इस प्रोटीन का उपयोग दूध बनाने के लिए करती है | इस प्रकार गाय के दूध में प्रोटीन का निर्माण होता है |

जानवर जुगाली क्यों करते हैं ? पशु जुगाली क्यों करते हैं ?

गाय के दूध में कुछ बैक्टीरिया दूदू तथा कुछ बूढ़े मरे हुए जीवाणु होते हैं |

गाय दूध कैसे बनाती है
दूध का रंग सफेद क्यों होता है
गाय पाद क्यों मारती है

जुगाली करने वाले पशुओं में मिथेन उत्सर्जन

जुगाली क्यों करते हैं ? पशु जुगाली क्यों करते हैं ?