डॉल्फिन को बुद्धिमान क्यों कहा जाता है ?

डॉल्फिन को बुद्धिमान क्यों कहा जाता है ?

इंसान को दुनिया का सबसे बुद्धिमान जानवर माना जाता है | लेकिन जानवर भी बुद्धिमान होते हैं | यह अलग बात है कि जानवर इंसानों से कम बुद्धिमान होते हैं | फिर भी जानवरों में भी बुद्धि पाई जाती है | वह भी अपनी बुद्धि का इस्तेमाल खाने पीने तथा जिंदगी बिताने में करते हैं | बुद्धिमान जानवरों में डॉल्फिन का नाम भी आता है | वैसे तो दुनिया में बहुत सारे जीव है जो बुद्धिमान है | आज हम डॉल्फिन के बारे में बात करेंगे कि डॉल्फिन कितने बुद्धिमान होती है |

डॉल्फिन का दिमाग 1.5 kg (डेढ़ किलो) का होता है जबकि इंसान का दिमाग 1.25 kg ( सवा 1 किलो ) का होता है |

इस दिमाग की बदौलत डॉल्फिन ऐसा काम कर सकती है जो सिर्फ स्मार्ट दिमाग वाले जीव ही कर पाते हैं | जैसे कि किसी भी चीज की नकल उतारना | नकल उतारने में डॉल्फिन माहिर होती है | यह किसी भी चीज की नकल आसानी से उतार सकती है | उसे किसी भी प्रकार की कोई भी तकलीफ नकल उतारने में नहीं होती है |

इंसान तथा बंदर के बाद नकल उतारने में डॉल्फिन का नंबर आता है |

डॉल्फिन बिना किसी दूसरे डॉल्फिन को देखें उसकी नकल आसानी से उतार सकता है |

आवाज हवा के मुकाबले पानी में 4 गुना तेजी से सफर करती है |

एक डॉल्फिन दूसरे डॉल्फिन की आवाज पानी में सुनने की आदी होती है |

डॉल्फिन नकल करने में माहिर कैसे होता है

डॉल्फिन नकल करने के लिए एक साउंड निकालती है | जिसे क्लिक साउंड कहते हैं | यानी कि एको लोकेशन | एको लोकेशन की मदद से ही डॉल्फिन नकल करने में सक्षम होती है | डॉल्फिन high-frequency की क्लिक साउंड निकालती है |

यह क्लिक किसी भी ऑब्जेक्ट पर टकरा करके वापस आती है और डॉल्फिन को उस वस्तु का पता चल जाता है | इसी साउंड के आधार पर डॉल्फिन अपने दिमाग में एक इमेज तैयार करता है और उस इमेज के आधार पर ही उसकी नकल करता है |

डॉल्फिन इसे एको लोकेशन की मदद से पानी में स्थित किसी भी चीज को आसानी से ढूंढ सकता है |


डॉल्फिन एको लोकेशन की मदद से 70 मीटर दूर स्थित किसी भी चीज का साइज तथा दूरी का सटीक अंदाजा लगा लेती है |