प्राइवेट कंपनी में ये प्रॉब्लम सब को होती है

क्या आप एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं

जॉब तो हर कोई व्यक्ति ही करता कोई हर कोई व्यक्ति ही करता है क्योंकि पैसे की जरूरत हर व्यक्ति को होती है इसलिए वह जॉब तो जरूर करता है कुछ व्यक्ति उनकी सरकारी नौकरी होती है या कुछ लोग प्राइवेट नौकरी करते हैं क्योंकि सब के नसीब में गवर्नमेंट जॉब नहीं होती है इसलिए कुछ लोगों को प्राइवेट नौकरी से ही संतुष्ट होना पड़ता है पड़ता है आप में से बहुत से से बहुत से ऐसे लोग होंगे जो प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करते होंगे आप ने प्राइवेट कंपनियों के बहुत सारे रूल्स और रेगुलेशन भी फॉलो किया होंगे क्या आपको पता है कि प्राइवेट कंपनियों में नौकरी किस तरह से करनी चाहिए आज हम इसी के बारे में आपको थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा सा बताएंगे

प्राइवेट कंपनियों में काम पर टाइम से जाना होता है


जब भी हम किसी हम किसी भी प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे होते हैं तो हमें अपने टाइमिंग का पूरा ध्यान रखना होता है यदि हम अपने टाइम से थोड़ा सा भी लेट हो जाते हैं तो हमें या तो बॉस की डांट सुननी पड़ सकती है बहुत सारी कंपनियों में ऐसे रूल्स भी होते हैं जिससे कि हम यदि लेट हो जाते हैं तो वहां पर एंट्री नहीं कर सकते हैं तथा बहुत सारी ऐसी कंपनियां है जहां पर यदि हम लेट पहुंचते हैं जो पर तो हमें पेनल्टी के तौर पर कुछ के तौर पर कुछ पैसा काट लिया जाता है जो कि वहां के काम करने वाले एंप्लॉय के लिए सही नहीं है पर कंपनी भी क्या करें कुछ शरारती लोग हैं जो कंपनी को खराब करते रहते हैं इसकी वजह से कंपनियों को यह नियम बनाने पड़ते हैं पर क्या करें इसका नतीजा कभी-कभी अच्छे लोगों को भी भुगतना पड़ जाता है

बॉस की डांट फटकार सुनना


प्राइवेट कंपनियों में यदि हम टाइम से थोड़ा सा भी लेट हो जाते हैं तो हमें बॉस की डांट फटकार सुननी पड़ती है इसके अलावा यदि हम कोई दूसरी गलती भी कर देते हैं तो भी हमें डांट देता है जो कि हमें बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता पर क्या करें बॉस है तो सुनना ही पड़ेगा और यदि हम कुछ गलती अलग से कर देते हैं तो प्राइवेट नौकरियों में एक कि यह भी खतरा रहता है कि कहीं हमारी नौकरी नहीं चली जाए यदि हमारी नौकरी चली गई तो हमें दूसरी नौकरी के लिए कई दिन इधर उधर भटकना पड़ सकता है इसलिए प्राइवेट नौकरियों में बहुत सारी ऐसी परेशानियां होती है जो एंप्लॉय को देखनी पड़ती है


प्राइवेट कंपनी में छुट्टी की समस्या


आपने भी यदि प्राइवेट कंपनी में काम किया है तो आप इस चीज से वाकिफ होंगे कि यदि हम प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं और हमें कुछ दिनों की छुट्टी चाहिए तो बड़ी मुश्किल से छुट्टी मिलती है यहां पर बहुत कम छुट्टियां मिलती है और यदि हमें छुट्टी चाहिए तो बॉस के आगे गिड़गिड़ाना पड़ता है तब जाकर के हमें बड़ी मुश्किल से छुट्टी मिलती है और छुट्टी मिलती भी है तो 1 या 2 दिन की मिलती है

जॉब के लिए बहुत दूर तक जाना


यदि आप प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं तो आपको जॉब जरूरी नहीं है कि अपने आस-पास ही मिल जाए कई बार तो आप को जॉब करने को तो आप को जॉब करने को बार तो आप को जॉब करने को बार तो आप को जॉब करने को जॉब करने के लिए बहुत ही दूर जाना पड़ता है जहां पर जाने आने जाने में आपको बहुत सारा टाइम वेस्ट हो जाता है पर क्या करें जॉब तो जॉब ही होती है यदि हमें जॉब करनी है तो जाना ही पड़ेगा और यदि हम लेट हो जाते हैं तो वैसे ही बॉस की डांट सुननी पड़ जाती है

ट्रांसफर का खतरा मंडराता रहता है


यदि आप प्राइवेट कंपनी में एंप्लॉई है या फिर आप सुपरवाइजर हो या फिर आप मैनेजर हो तो आप पर सदा ही ट्रांसफर का खतरा मंडराता रहता है यह ट्रांसफर का खतरा एक मुसीबत जब बन जाता है जब जो आप जॉब कर रहे हो वह जगह यदि आपके नजदीक में हो आने जाने में कोई दिक्कत नहीं हो और वहां के सारे एंप्लोई आपका कहना मानते हैं और यदि आप का ट्रांसफर कहीं और हो रहा हो और वहां पर आपको वहां के लोग नहीं जानते हैं सारे लोग अनजान होते हैं तब जाकर यह आपके लिए एक मुसीबत बन जाता है और आप कभी नहीं चाहते कि मेरा यहां से ट्रांसफर हो |