जिराफ की जीभ काली क्यों होती है

जिराफ की जीभ काली क्यों होती है

आपने देखा होगा कि धरती के लगभग सभी स्तनधारी जीवो में जीभ पाई जाती है | आपने यह भी नोट किया होगा कि जीभ का रंग हमेशा गुलाबी होता है पर आपने कभी यह नोट किया है कि जी जिराफ की जीभ काली क्यों होती है | जिराफ दुनिया का एकमात्र ऐसा जीव है जो कि इस नियम को तोड़ता है यानी कि जिराफ की जीभ गुलाबी की जगह काली होती है |

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एक जिराफ की जीभ लगभग 20 इंच लंबी होती है | यह जीभ इतनी कामगार होती है कि यह एक हाथ की तरह काम आती है | जिराफ की जीभ बहुत ही ज्यादा चिपचिपी होती है जिसके कारण जिराफ के मुंह में पाया जाने वाला सलाइवा जिराफ की जीभ को कांटे से बचाता हैं | घाव को जल्दी ठीक करने में मदद करता है | सभी जीवो में जीभ सबसे ज्यादा फ्लैक्सिबल हिस्सा होता है |

क्योंकि जीभ में भी ब्लड सेल्स घूमते रहते हैं | जिसकी वजह से जीभ गुलाबी नजर आती है | जिराफ की जीभ का काला रंग इन्हें धूप से सूखने से बचाता है | अपनी लंबी का कद काटी को शांत करने के लिए जिराफ को लगभग रोजाना 30 किलो पतियों की आवश्यकता होती है | उसकी जीभ अफ्रीका के तपते जंगलों में लगभग 20 घंटे बाहर ही रहती है |

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जिसकी वजह से जिराफ की जीभ पर काले रंग का मेलेनिन चढ़ जाता है जो कि उसकी जीभ को सनबर्न से बचाता है | यह वही पिगमेंट है जो कि हम ज्यादा धूप में रहने पर हमें काला बना देता है | मेलेनिन अल्ट्रावायलेट किरणों को अवशोषित करता है तथा हमारे डीएनए को बचाता है | जिराफ के लिए यह काला रंग सन स्किन की तरह काम करता है तथा जिराफ सनबर्न से बचता है |