हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण। हाथ पैरों का सुन्न होना।
हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण। हाथ पैरों का सुन्न होना।

कई बार ऐसा होता है कि हमारे शरीर यानी body में आने वाले changes पर हम ध्यान नहीं देते और वह आगे जाकर बहुत बड़ी problem बन जाती है और इसकी वजह है हमारा busy time table जिसमें हमें खुद के लिए वक्त ही नहीं मिल पाता है।

आज के इस article हम बात करेंगे ऐसी ही एक problem के बारे में। जो दिखने में तो छोटी सी लगती है, परंतु अगर इसका time पर इलाज न किया जाए तो उसकी वजह से कई सारी बड़ी problems हो सकती हैं।

आज का article है ,हाथ पैरों में झुनझुनी के ऊपर । इस article में हम आपको बताएंगे hath pero में झुनझुनी किस वजह से होती है। इसके क्या कारण होते हैं । इसका treatment यानी इलाज़ कैसे किया जा सकता है।

हाथ-पैरों में kamzori या झुनझुनी का एहसास hona एक बड़ी pareshani का कारण हो सकते हैं। ये pehle तो बेहद आम सी घटनाएं लगेंगी lekin अगर समय रहते इसपर dhyan नहीं दिया गया तो ये बड़ी problem का सबब बन सकती हैं। ऐसे में आपको alert एवं सचेत रहने की zarurat है क्योंकि वो सबसे important है।

झुनझुनी hona कभी भी ignore ना करें। ये निशानी है कि आपके body की कोई नस जो रीढ़ की हड्डी के आसपास है ,उसमें कोई दबाव हो रहा है। ऐसा नहीं है कि ये problem सिर्फ बड़ों को होती है क्योंकि छोटे baccho को भी ये problem हो सकती है और aged लोगों को ये परेशानी होना बेहद normal है।

Agar आपके hath पैर में दबाव बढ़ रहा है या फिर body के तंत्र में कोई problem हो रही है, तो hath पाँव सुन्न हो जाते हैं या उनमें झुनझुनी होने lagti है। ये Magnesium Vitamin – B की कमी एवं diabetes के लक्षण होते हैं। अगर आप dhyan देते हैं तो आप इस bimari से निजात पा सकते हैं और किसी बड़ी बीमारी का रूप लेने से पहले इसका ilaaj कर सकते हैं।

शरीर में झुनझुनी होना । Body में झुनझुनी किस bimariके कारण होती है ?

अब आपको बताते हैं sharir में झुनझुनी होने के क्या कारण होते हैं ? किस वजह से body में झुनझुनी या झनझनाहट होती है ? Body में झुनझुनी किस bimariके कारण होती है ? शरीर में झुनझुनी होना किस चीज के lakshan है?

Body में झुनझुनी होने जैसी अवस्था में यह होता है कि hath pero में झनझनाहट महसूस होने लगती है और अचानक से ही हाथ पैर सुन (numb) पड़ जाते हैं। यह दिखने में तो बहुत ही छोटी सी problem लगती है , परंतु अगर इस पर dhyan ना दिया जाए और time पर इसका ilaaj ना किया जाए तो यह आगे जाकर बहुत ही बड़ी bimari का रूप ले सकती है।

रक्त संचार (blood circulation) की कमी की वजह से भी हाथ और पैर में झनझनाहट होने लगती है। हमारे body में यदि रक्त संचार यानी blood circulation ठीक से नहीं होता है, तो हमारी नसों में इसका effect होता है, जिससे हमारे body के विभिन्न हिस्सों में oxygen ठीक से पहुंच नहीं पाती और हमें bodyमें झनझनाहट और सुन्न जैसी अवस्था का सामना करना पड़ सकता है।

Body के हर एक part में oxygen supply जो है वह हमारे blood के through ही होती है। अब अगर blood ही पूरे शरीर में अच्छे circulate नहीं होगा तो body के सभी अंगों में oxygen supply भी ठीक से नहीं हो पाएगी और यही सबसे main वजह है शरीर में झनझनाहट महसूस होने की। समय रहते ऐसी परेशानियों और problem का ilaaj करना बहुत ही जरूरी है।

नसों की कमजोरी के लक्षण । नसों में कमजोरी होने के lakshan क्या-क्या होते हैं ?

अब आपको बताते हैं नसों की kamzori के क्या लक्षण होते हैं ? नसों में कमजोरी होने के lakshan क्या-क्या होते हैं ? किन लक्षणों से यह पता लगाया जा सकता है कि naso में कमजोरी है? अगर naso में कमजोरी होती है तो यह किन लक्षणों से पता लगता है?

नसों की कमज़ोरी यानी weakness को भी एक गंभीर परेशानी माना जा सकता है क्योंकि इसकी वजह से हमारा शरीर proper तरीके से काम नहीं कर पाता है और इससे कई तरह की और problems भी हो सकते हैं।

तो चलिए आपको बताते हैं नसों की weakness के लक्षण क्या-क्या होते हैं। ऐसे लक्षण जिनसे आप यह पहचान सकते हैं की naso में कमजोरी है वह निम्नलिखित हैं –

1 . Sharir में चुभन या गुदगुदी mehsoos होना।

2 . शरीर में dard होना।

3 . चिंता यानी tension या डिप्रेशन।

4 . बिमारियों से लड़ने की क्षमता में कमी यानी की immune system के weak होने की वजह से।

5 . थकान (tiredness)

6 . सूंघने, देखने, स्वाद चखने , छूने या सुनने की क्षमता में कमी (not proper working of five senses)

7 . मांसपेशियों की कमजोरी (muscle weakness) और थकावट ।

kamjori ke lakshan in hindi . शरीर में kamzori के लक्षण क्या होते हैं ?

अब आपको बताते हैं शरीर में kamzori के लक्षण क्या होते हैं ? ऐसे कौन से lakshan हैं जिनसे यह पता लगता है कि body में कमजोरी है ? अगर body में कमजोरी होती है तो उसके क्या lakshan होते हैं? what are the symptoms of weakness ?

Body में कमजोरी कई सारे कारणों की wajah से हो सकती है। कई बार शरीर में kamzori किसी रोग यानी bimari की वजह से होती है ,तो कई बार हमारे खान-पान और हमारे काम की वजह से होती है।

शरीर की कमजोरी (weakness) वैसे तो बहुत ही आम बात लगती है, परंतु यह छोटी सी problem हमारी life हमारे काम को बहुत ही अलग तरीके से effect करती है।

शरीर में कमजोरी के लक्षण है यह-

1 . बार-बार नींद आना – अगर किसी भी insan के शरीर में kamzori है या वह अंदर से कमजोर है, तो उसे बहुत ज्यादा neend आती है।

2 . थोड़ा काम करने पर भी थकान mehsoos होना – कमजोरी (weakness) होने पर कोई भी छोटा सा काम करने पर भी बहुत ही अधिक थकान(tierd) महसूस होती है।

3 . बिना मेहनत के भी पसीना आना- body में कमजोरी का एक lakshan यह भी है कि बिना किसी परिश्रम में मेहनत के ही बहुत अधिक पसीना (sweat) आता है।

4 . भूख न लगना- कमजोरी की वजह से bhukh भी बहुत कम लगती है। तो यह भी body में कमजोरी का एक lakshan है।

5 . पैरों में dard रहना- जिस इंसान को body में कमजोरी होती है उसके pero में हर समय dard बना रहता है और एक अलग ही झनझनाहट सी होती है।

हाथ पैरों का सुन्न होना। हाथ पैर सुन्न होने के क्या कारण होते हैं ?

अब आपको बताते हैं hath per सुन क्यों होते हैं? हाथ पैर सुन्न होने की क्या wajah होती है? किस कारण से hath per सुन हो जाते हैं ? हाथ पैरों के सुन पड़ने के karan क्या होते हैं?

कई बार ऐसा होता है कि जब आप रात में सो रहे होते हैं, तो एक तरफ के हाथ-पैर सुन्न (numb) पड़ जाते हैं। इसी तरह एक ही position में बहुत देर तक बैठ कर काम करने से भी हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं।

यह problem ज्यादातर तब होती है जब हाथ-पैरों पर दबाव (pressure) पड़ता है, तंत्रिका में चोट लगती है। ऐसा होने पर कुछ देर के लिए hath per बिल्कुल सुन्न पड़ जाते हैं।

हाथ-पैरों के सुन्न होने का general कारण रक्त प्रवाह यानी blood circulation का बाधित होना है। कई बार ऐसा होता है कि ज्यादा देर तक हाथ पैरों पर दबाव (pressure) पड़ने की वजह से उस particular जगह पर रक्त प्रवाह यानी कि blood circulation ठीक से नहीं हो पाता है, जिसकी वजह से वह hissa सुन्न पड़ जाता है।

इसके अलावा रीढ़ की हड्डी से होकर गुजरने वाली किसी nas के दब जाने से भी यह problem होती है। रीड की हड्डी हमारे body का एक बहुत ही अहम हिस्सा है, इसीलिए इसका ठीक से काम करना बहुत ही जरूरी है । कई लोगों को रीड की हड्डी की समस्या होती है और उस वजह से उन्हें बहुत ही अधिक problem होती है ।

अगर रक्त प्रवाह में problem होने की वजह से hath per सुन्न हो रहे हैं, तो उन्हें कुछ gharelu upay आजमा कर ठीक किया जा सकता है और gharelu उपायों के किसी भी तरह के कोई side effect भी नहीं होते हैं ।तो यह अब आसानी से अपने ghar पर try कर सकते हैं।

आँखों की कमजोरी के लक्षण । किन symptoms से यह पता चलता है कि aankho में कमजोरी है?

अब आपको बताते हैं aankho की कमजोरी के लक्षण क्या होते हैं? किन lakshano से यह पता लगाया जा सकता है कि aankho में कमजोरी है? आंखों में kamzori होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं? किन symptoms से यह पता चलता है कि aankho में कमजोरी है?

आंखों की kamzori आजकल बहुत ही ज़्यादा common हो गई है। यह problem ज्यादा mobile use करने या ज्यादा देर तक TV देखने की वजह से होती है । Aankhe जो है वह हमारे body का एक बहुत ही sensitive part है।

कई बार इनका ठीक से dhyan ना करने पर aankho की problem हो जाती है और aankhe कमजोर होने लग जाती हैं, जिस वजह से काफी problem होती है।

आंखों की kamzori के कुछ lakshan है यह-

1 . Aankho या सिर में भारीपन और धुंधला (blur) दिखाई देना।

2 . आंखें लाल होना और उनसे paani आना।

3 . आंखों में khujli होना।

4 . रंगों का saaf दिखाई न देना।

5 . लगातार सिरदर्द की शिकायत रहना और aankho में थकावट होना।

शरीर मे कमजोरी के कारण । body में kamzori के क्या कारण होते हैं ?

अब आपको बताते हैं body में kamzori के क्या कारण होते हैं ? किस वजह से body में कमजोरी होती है ? Sharir में कमजोरी mehsoos होने के कारण क्या होते हैं? किस wajah से शरीर में कमजोरी होती है?

Sharir में कमजोरी जो है वह कई सारे कारणों की wajah से हो सकती है । ज्यादातर यह preshani खानपान की वजह से होती है और इसी के साथ साथ जो काम का load और भाग दौड़ होती है, उसकी वजह से भी sharir में कमजोरी होती है।

इन कारणो के अलावा कई बार किसी लंबे time से चलते आ रहे rog या किसी bimari की वजह से भी sharir में kamzori हो सकती है। कई बार यह कमजोरी दवाइयों के treatment के साथ-साथ ठीक हो जाती है, परंतु कई बार यह ठीक नहीं हो पाती और काफी लंबे time तक रहती है।

Body में कमजोरी के कुछ कारण है यह

1 . एनीमिया- anaemia यानि की खून की कमी, शरीर में khoon की कमी की वजह से हर time थकान महसूस होती है और यही थकान kamzori का कारण बन सकती है ।

2 . Thyroid की बीमारी- थाइरॉयड की bimari भी body में कमजोरी का एक बड़ा कारण है।

3 . डायबिटीज- diabetes यानी sugar की problem की वजह से शरीर में kamzori बहुत ही आम सी बात है।

4 . Arthritis या गठिया वात- अर्थराइटिस या फिर गठिया वात की bimariहोती है, इसमें घुटनों और जोड़ों में हर time दर्द रहता है ।यह dard भी bodyमें कमजोरी का कारण होता है।

5 . Proper diet – कई बार proper diet ना लेना भी शरीर में kamzori का एक कारण होता है।

नस की बीमारी Naso ki bimari . Naso की बीमारी में क्या होता है?

अब आपको बताते हैं नसों की bimari किस वजह से होती है? किस karan की वजह से नसों की bimari होती है? Naso की बीमारी में क्या होता है? नसों की bimari की वजह से क्या problem होती है?

Naso की बीमारी जो है वह naso में खिंचाव और dard की वजह से होती है। कई बार ऐसा होता है कि किसी भी particular जगह पर अगर naso में ठीक से रक्त प्रवाह यानी blood circulation नहीं हो पाता तो problem होने लग जाती है।

नसों में खिंचाव और dard संबंधी समस्या को साइटिका कहा जाता है। यह problem जो कूल्हों और जांघ के पिछले hisse में होती है। इस problem में कमर और जांघों तक के हिस्से में dard रहता है।

यह problem तब शुरू होती है, जब कूल्हे की नस को harm पहुंचती है। अगर ज्यादा time तक यह problem बनी रहे तो यह नसों की कमजोरी yani मल्टीपल स्क्लेरोसिस का भी कारण बन सकती है। यह ऐसी bimari है जो रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क yani brain को effect करती है। और यह एक बहुत ही गंभीर bimari है।

हाथ मे दर्द होना । हाथ में dard होने का क्या कारण होता है?

अब आपको बताते हैं हाथ में dard क्यों होता है हाथ में dard होने का क्या कारण होता है? किस वजह से हाथ में dard होता है ? Hath में दर्द होने पर क्या होता है ?किस तरह से हाथ में dard होता है?

कई बार ऐसा होता है कि अचानक से ही बिना कुछ भी ऐसा काम किया hath में dard होने लग जाता है और एक अजीब सी झंझनी सी होती है। यह problem कई बार सोते time भी हो जाती है।

अगर आपको सोते समय यदि hath में dard, जलन और झिनझिनी की शिकायत हो और इसके चलते neend प्रभावित हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह एक बहुत ही बड़ी bimari का कारण भी बन सकती है। ऐसी problems जो दिखने में बहुत ही छोटी मोटी लगती हैं ,यह आगे जाकर बहुत ही तकलीफ का कारण बन जाती हैं।

अगर ज्यादा time तक ऐसी problemबनी रहे तो विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलकर जांच करा लेनी चाहिए। इस bimari को कारपेल टनेल syndrome के नाम से जाना जाता है। इसमें बिना किसी वजह के hath में dardबना रहता है और झंझनी सी होती है।

नसों की कमजोरी का घरेलू इलाज। Naso की kamzori dur karne ke upay

अब आपको बताते हैं naso की kamzori का घरेलू ilaaj कैसे किया जा सकता है? किस upay से नसों की कमजोरी का gharleu ilaaj कर सकते हैं? अगर नसों की कमजोरी है तो उसका gharelu ilaaj क्या है?

जैसा कि हमने आपको पर बताया naso की कमजोरी जो है ,वह बहुत सी बीमारियों का कारण बन सकती है। नसों की कमजोरी की वजह से अनियमित रूप से शरीर में dard बना रहता है और sharir में हर time थकान mehsoos होती है।

Naso की kamzori को ठीक करने के लिए ghar पर किए जाने वाले ilaaj यानी यह gharelu ilaaj अपना सकते हैं।

Naso की kamzori से छुटकारा पाने के लिए vitamin, magnessium, omega 3 fatty acid युक्त चीजों का भरपूर सेवन करें। क्योंकि यह सभी चीजें नसों में kamzori को ठीक करती हैं और sharir को मजबूत बनाती हैं ।

सेंधा नमक जो होता है वह सूजन (swelling)को कम करता है और मांसपेशियों (muscles) व naso के बीच के balance को बेहतर बनाता है। सेंधा नमक में magnessium और sulphate पाया जाता है, जो इसके गुणों का मुख्य स्रोत होता है इसीलिए अपने khane में सेंधा नमक का सेवन बढ़ाएं।

pairo ki naso me dard .

अब आपको बताते हैं pairo की नसों में दर्द होने का क्या कारण होता है? पैरों की नसों में लगातार dard बने रहने की क्या वजह होती है? pairo की naso में dard क्यों होता है ? ऐसी क्या वजह होती है जिसकी वजह से पैरों की नसों में dard रहता है?

पैरों की naso में होने वाला dard कई सारे कारणों की वजह से हो सकता है । यह कारण लंबे time से चलती आ रही कोई bimari या कोई और wajah भी हो सकती है।

तो चलिए आपको बताते हैं pairo की नसों में dard होने के कुछ कारण-

1 . कई बार चोट लगने की वजह से भी पैरों की नसों में दर्द रहने लग जाता है ।

2 . stroke की वजह से भी कई बार nas खिंच जाती है और उसकी वजह से pairo की naso में dard रहना शुरू हो जाता है।

3 . Naso तक khoon आपूर्ति न होने की वजह से भी pairo की naso में dard रहने लग जाता है क्योंकि जब naso तक खून ढंग से नहीं पहुंच पाता तो वह ठीक से अपना काम नहीं कर पाती हैं ।

4 . साइटिका की प्रॉब्लम के चलते भी पैरों की नसों में दर्द रहता है।

5 . मल्‍टीपल स्‍केलेरोसिस (scalerocis) की बीमारी की वजह से भी पैरों की नसों में dard रहता है।

6 . ज्‍यादा sharab पीने से शरीर को तो नुकसान होता ही है , इसी के साथ-साथ कई बार ज्यादा शराब का सेवन पैरों के dardकी वजह भी बन जाता है।

इन सभी कारणों के अलावा भी किसी ilaaj की प्रक्रियाओं जैसे कि radiation, surgery या kemotherapy, Vitamin b12 या विटामिन बी1 की कमी, कुछ दवाओं, HIV, दाद या diabetes के कारण नसों में dard हो सकता है।

नसों की कमजोरी की होम्योपैथिक दवा । नसों की कमजोरी की best homeopathic dawa कौन सी है?

तो चलिए अब आपको बताते हैं naso की कमजोरी के लिए best homeopathic dawa कौन सी है? ऐसी कौन सी homeopathic dawa है जिसके इस्तेमाल से naso की kamzori को ठीक किया जा सकता है? नसों की कमजोरी को thik करने के लिए homeopathic दवा कौन सी है?

Homeopathic dawa जो होती हैं उनके side effect बहुत ही कम होते हैं क्योंकि इन में इस्तेमाल की हुई सभी चीजें आसानी से किसी के भी ghar में available होने वाली होती हैं।

Homeopathic दवाओं का use कोई भी आसानी से कर सकता है। इस प्रकार की dawao का किसी पर भी किसी भी तरह का कोई side effect नहीं होता है।

तो चलिए आपको बताते हैं naso की kamzori के लिए सबसे बेस्ट homeopathic dawa के बारे में।

एगारीकस मस्करी – यह dawa नसों की कमजोरी को ठीक करने के लिए best होम्योपैथिक dawaहै। इस दवा के उपयोग के दौरान marij को सुई की चुभन जैसा mehsoos होता है। उन्हें दर्द वाले स्थान पर thanda और सुन्नपन महसूस हो सकता है। जिन्हें hath per और चेहरे पर कमजोरी महसूस होती है या कंपकंपी लगती है, उनमें यह dawa काफी असरदार है । यह दवा बहुत ही जल्दी अपना effect दिखाना शुरू कर देती है।

कमजोर दिल के लक्षण । किन lakshano से यह पता लगाया जा सकता है कि dil कमजोर है ?

अब आपको बताते हैं कमजोर dil के लक्षण क्या होते हैं? kamzor दिल होने पर उसके लक्षण क्या-क्या होते हैं ? किन lakshano से यह पता लगाया जा सकता है कि dil कमजोर है ? कमजोर दिल होने पर क्या lakshan होते हैं?

Kamzor dil वाले लोगों को आसानी से heart attack की problem हो सकती है और इसके अलावा और भी ऐसी कई सारी heart problems है, जिन का शिकार वह आसानी से हो सकते हैं।

कमजोर dil यानी की weak heart के कुछ लक्षण है यह-

1 . दिल का तेजी से धड़कना जैसे दिल का फड़कना।

2 . साँसों की कमी।

3 . कमजोरी।

4 . सहन-शक्ति का कमजोर होना।

5 . चक्कर आना या आँखों के सामने अँधेरा छाना।

6 . छाती में दर्द।

numbness in hindi . numbness का हिंदी में क्या matlab होता है?

अब आपको बताते हैं numbness को हिंदी में क्या कहा जाता है ? numbness का हिंदी में क्या matlab होता है? Numbness का क्या मतलब होता है? Hindi में नंबनेस को क्या कहा जाता है?

Numbness को हिंदी में सुन्न पड़ना कहते हैं कई बार hath per सुन्न पड़ जाते हैं और उनमें जो झनझनाहट सी होती है उसे numbness कहा जाता है।

यह एक प्रकार की स्तिथि हैं जिसमे कड़कपन आ जाने की वज़ह से कोई भी kaam करना या किसी भी चीज़ को mehsoos करना असंभव हो जाता हैं। ऐसा महसूस होता है जैसे hath per बिल्कुल काम नहीं कर पा रहे हैं और वह हिस्सा बिल्कुल numb हो जाता है।

Numbness की problem नसों में कमजोरी की वजह से होती है । इसके लिए जरूरी है कि doctor से consult कर के इसका समय पर ilaaj करवा लिया जाए।

pair bhari hona . pair भारी होने का क्या कारण होता है ?

अब आपको बताते हैं pair भारी होने का क्या कारण होता है ? पैर bhari होना क्या होता है ?किस वजह से pair भारी होते हैं ? पैर भारी कैसे होते हैं? pair bhari होना कैसे होता है? क्या मतलब होता है पैर भारी होने का?

pair भारी होना जो है वह natural cellular age बढ़ने की प्रक्रिया के कारण कोशिका की दीवारें size में बढ़ जाती हैं, उस वजह से होता है। इससे कई कोशिकाओं से बने blood vessels ज्यादा flow के लिए ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं।

नसों का काम पूरे sharir यानी body से खून इकट्ठा करना और इसे heart में वापस पहुंचाना है। पैरों के veins system का जहां तक सवाल है तो इनमें blood के ऊपर चढने के लिए इसमें छोटे valve होते हैं ।

इसे वापस लौटने नहीं देते और साथ ही मांसपेशियों (muscles)की परत भी है ,जो खून की pumping करते हैं। अगर यह पूरी process सही ढंग से नहीं हो पाती है। तो उस वजह से per भारी होने लग जाते हैं।

इसके अलावा अगर आप हड्ड‍ियों में dard व weakness के साथ ही मांसपेशि‍यों में लगातार dard महसूस कर रहे हैं, तो यह vitamin D की कमी के कारण हो सकता है । क्योंकि vitamin D हड्ड‍ि‍यों (bones) लिए बहुत important होने के साथ ही दांतों और मांसपेशि‍यों (muscles) के लिए भी बहुत जरूरी elignment है, इसीलिए body में इसकी proper मात्रा होना बहुत ही जरूरी है।

हथेली गर्म रहने के कारण । किन कारणों की वजह से हथेली garm रहती है ?

अब आपको बताते हैं hatheli गर्म रहने के क्या कारण होते हैं? किन कारणों की वजह से हथेली garm रहती है ? हथेली गर्म रहने की क्या वजह होती है? किस वजह से hatheli गरम रहती है?

कई बार nervousness यानी घबराहट और तनाव के कारण हथेलियों (hands) और पंजो में भी गर्माहट का अहसास होता है और हथेलियां बिल्कुल garm हो जाती हैं। इसी के साथ साथ ही उनमें sweating यानी पसीना आने लग जाता है।

शरीर में blood circulation ठिक से ना होना हाथ पैर garm होने का कारण है । अगर hath pero में अच्छे से रक्त प्रवाह यानी blood circulation नहीं हो पाता है। तो यह हाथ पैरों के garm रहने का कारण बन जाता है।

इसके उपाय के लिए नारियल(coconut) या जैतून (olive)के तेल के massage करना चाहिए इससे आराम मिलता है, अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए ।

अदरक का piece चबाने से भी राहत मिलती है, और problem ज़्यादा होने पर doctor से consult करें।