होम्योपैथिक दवा का असर कितने दिनों में होता है ? घर में जरूर रखें यह पांच होम्योपैथिक दवाएं ।
होम्योपैथिक दवा का असर कितने दिनों में होता है ? घर में जरूर रखें यह पांच होम्योपैथिक दवाएं ।

होम्योपैथिक दवा का असर कितने दिनों में होता है ? आज आप जानेंगे की होम्योपैथिक दवा का असर कितने दिन में होता है यानी कि जवाब कोई भी होम्योपैथिक दवा लेते हैं तो वह कितने दिन में अपना असर दिखाएगी । Homeopathy Dawa Kitne Din Me Kaam Karti Hai .

होम्योपैथी क्या है ? homeopathy kya hai ine Hindi .

होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति प्रणाली है जिसमें बीमारी को प्राकृतिक औषधीय पौधों की दवाई के द्वारा ही किया जाता है और रोगी स्वस्थ हो जाता है । होम्योपैथी से रोग का उपचार करने के लिए प्राकृतिक खनिज लवणों और और थी जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है ।

होम्योपैथी पद्धति की खोज सन 1796 में जर्मनी में हुई थी । होम्योपैथिक की खोज डॉक्टर सैमुअल हैनीमैन द्वारा की गई थी ।

homeopathy in hindi . होमियोपैथी इन हिंदी। what is homeopathy in hind .

भारत में होम्योपैथी का इतिहास लगभग 200 साल पुराना है भारत में होम्योपैथी की शुरुआत कुछ जर्मन चिकित्सकों ने स्थानीय लोगों के साथ की थी ।‌ होम्योपैथी ने भारत में अपनी जड़े 1839 में मजबूत की थी ।

भारत में सर्वप्रथम अट्ठारह सौ 68 में होम्योपैथिक पत्रिका की शुरुआत की गई थी उस होम्योपैथिक पत्रिका का नाम कोलकाता जनरल ऑफ मेडिसिन था ।डॉ एम एल सिरकार ने इस पत्रिका की शुरुआत की थी ।

भारत में homeopathic का मोड़ 1937 में आया जब केंद्र में यह मुद्दा उठा कि होम्योपैथी को वही दर्जा प्राप्त हो जो की एलोपैथिक को प्राप्त है । होम्योपैथी और एलोपैथी दोनों का सम्मान दर्जा हो और पूरे देश में दोनों ही समान रूप से लागू हो ।‌

उसके बाद में 1952 में होम्योपैथिक सलाहकार समिति का गठन हुआ और आज 80 से अधिक देशों में होम्योपैथी रोगियों का और मरीजों का इलाज हो रहा है ।‌

घर में जरूर रखें यह पांच होम्योपैथिक दवाएं ।‌

होम्योपैथी दवाएं । 5 homeopathy medicine : यह 5 होम्योपैथिक दवाई आपके घर में जरूर होनी चाहिए यह आपको आपातकालीन स्थिति में जरूर राहत प्रदान करती है क्योंकि यह दवाई जल्दी से एक्सपायर नहीं होती है ।

Arnica Montana 30 CH कब लेना चाहिए ?

जब शरीर में थकान , कमर दर्द बदन दर्द के लिए ।आदि महसूस हो तब आप इस होम्योपैथिक दवा को ले सकते हो तो आप को काफी राहत प्रदान करेगी ।

Nux vomica Ch 30 कब लेना चाहिए ?

Nux vomica Ch 30 होम्योपैथिक दवा का इस्तेमाल पेट से संबंधित समस्याओं के लिए किया जाता है यदि आपको पेट से संबंधित समस्या गैस पाषाण मूर्ति इत्यादि की शिकायत हो तब आप इस दवा का इस्तेमाल कर सकते हो ।

Aconitum napellus 30 CH का इस्तेमाल कैसे करें ?

Aconitum napellus 30 CH homeopathic dawa का इस्तेमाल सर्दी जुकाम खांसी इत्यादि के लिए किया जाता है यदि इनमें से कोई भी समस्या या फिर प्रॉब्लम है तब आप इस दवा का इस्तेमाल कर सकते हो ।

Arsenic album 20 ch दवा का इस्तेमाल कब करना चाहिए ?

किसी भी खाने के कारण यदि फ़ूड पोइज़निंग की समस्या हो गई है तब इस दवा का इस्तेमाल आप कर सकते हो इससे 2 से 3 घंटे के अंदर ही समस्या समाप्त हो जाएगी ।

Eupatorium perfoliatum Ch 30

इस homeopathic dawa का इस्तेमाल बुखार शरीर में दर्द गले में इंफेक्शन होने पर किया जाता है यह दवा इनमें काफी प्रभावी और असरदार होती है ।

homeopathic medicine in hindi language

होम्योपैथी से उपचार कैसे किया जाता है ?

होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति और प्रणाली है जिसके अंतर्गत रोगों का निदान और इलाज किया जाता है ।

होम्योपैथिक से उपचार करने के लिए एकल पद्धति से उपचार किया जाता है। इस पद्धति के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक बीमारी से ग्रसित है तो भी उन्हें अलग-अलग दवाई नहीं दी जाती है उन्हें एक ही दवा दी जाती है ।

होम्योपैथिक पद्धति में रोगी को दी जाने वाली दवा की मात्रा कम से कम होती है जिससे कि रोगी के ठीक होने के पश्चात होने कोई भी साइड इफेक्ट ना हो ।

होम्योपैथी से नुकसान . homeopathy side effects in hindi .

जानिए होमियोपैथी दवाओं के 5 नुकसान । होम्योपैथिक दवाएं का असर धीरे-धीरे होता है और काफी समय बाद इसका असर दिखाई देता है इस कारण से यह आपातकालीन स्थिति में किसी काम के नहीं होती है ।

homeopathic dawa का असर हर व्यक्ति पर अलग अलग होता है किसी पर यदि वह प्रभावी है तो यह नहीं कह सकते कि दूसरे पर भी उतनी ही प्रभावी होगी ।

homeopathic dawa को एक निश्चित समय तक ही लिया जा सकता है उसके बाद में लेने पर यह नुकसान कर सकती है और इनके के साइड इफेक्ट भी देखने को मिल सकते हैं इसके अलावा इन्फेक्शन भी हो सकता है ।

होम्योपैथिक दवा का परहेज । होम्योपैथिक दवा के दौरान परहेज ।‌

होम्योपैथिक दवा लेने के दौरान पर याद रखना भी बहुत जरूरी होता है अन्यथा साइड इफेक्ट तो homeopathic dawa के वैसे भी नहीं होते हैं लेकिन यदि आप दवा ले रहे हैं और आपने परहेज नहीं किया है तो दवा का असर भी नहीं होता है तो दवा लेना किसी काम का नहीं होता है ।

होम्योपैथिक चिकित्सकों की मानें तो उनके अनुसार जब कोई मरीज homeopathic dawa का इस्तेमाल कर रहा है तब उन्हें धूम्रपान से बचना चाहिए किसी भी प्रकार का धूम्रपान नहीं करना चाहिए ।

जो भी मरीज होम्योपैथिक दवा ले रहा है उन्हें लहसुन खाने से बचना चाहिए और लहसुन से परहेज करना चाहिए क्योंकि यह homeopathic dawa के असर को कम कर देता है ।

पेट साफ करने की होम्योपैथिक दवा

कब्ज़ की आम होम्योपैथिक दवाओं में कैलकेरिया (calcarea),
कार्बोनिका (carbonica),
नक्स वोमिका (nux vomica),
सिलिका (silica),
ब्रायोनिया (bryonia)
(lycopodium) शामिल हैं।

homeopathy meaning in hindi .Homeopathy Dawa Kitne Din Me Kaam Karti Hai.