मधुमक्खियां फूलों में रस का पता कैसे लगाती है |

मधुमक्खियां फूलों में रस का पता कैसे लगाती है |

मधुमक्खियां किसी करिश्मे से कम नहीं होती है | मधुमक्खीयों को अपना छोटा सा पेट भरने के लिए खूब सारी कैलोरी की आवश्यकता होती है जो कि इन्हें फूलों के रस से मिलती है |


एक मधुमक्खी 1 दिन में 10 किलोमीटर का सफर तय करके दो हजार फूलों का मुआयना कर सकती है|

मधुमक्खियां इन फूलों तक पहुंचती कैसे है |

मधुमक्खियों के छत्ते में एक रानी मक्खी होती है | इसमें नर मधुमक्खियां भी होती है | फूलों से रस का पता लगाने के लिए बाकी मधुमक्खियां जाती है | जबकि रानी मधुमक्खी छत्ते में ही रहती है |


मधुमक्खियों के छोटे एंटीने डेट किलोमीटर से ही फूलों की गंध को पहचान लेते हैं | इसमें 170 recetar होते हैं |

मधुमक्खियां फूलों में रस का पता लगाने के लिए अपनी आंखों का इस्तेमाल करती है | एक मधुमक्खी के पांच आंखें होती है| इन आंखों से मधुमक्खी 300 डिग्री के एंगल पर देख सकती है |

इसके साथ ही मधुमक्खियां अल्ट्रावायलेट किरण भी देख सकती है| जो कि इंसान नहीं देख सकता है | अल्ट्रावायलेट किरण से मधुमक्खियों को फूल की बनावट नजर आती है | जहां पर मीठा राज छिपा होता है |

मधुमक्खियां फूलों में रस का पता कैसे लगाती है


फूलों के रस तक पहुंचने के लिए मधुमक्खी एक और खास तरीके का इस्तेमाल करती है जो कि सभी जिंदा जिव में पाया जाता है | मधुमक्खियां फूलों में रस का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रिसिटी का सहारा लेती है |

फूल के चारों और एक इलेक्ट्रिक फील्ड होता है | जिसे हम देख नहीं सकते हैं | हमें इसे महसूस भी नहीं कर सकते हैं | सिर्फ मधुमक्खियां ही इस इलेक्ट्रिक फील्ड को महसूस कर सकती है |

इस इलेक्ट्रिक charge को पहचानने के कारण ही मधुमक्खियां फूल की तरफ खींची चली जाती है |

जब हम किसी गुब्बारे को सिर के बालों से रगड़ते हैं तो स्टैटिक चार्ज के कारण सिर के बाल खड़े होने लगते हैं |

मधुमक्खियां एक सेकंड में अपने पंखों को 230 बार फड़फड़ा सकती है |

जब मधुमक्खियां अपने पंखों को बहुत तेजी से फड़फड़ाती है तो वह अपने आप को भी इलेक्ट्रिक चार्ज कर लेती है | जब मधुमक्खी फूल का रस चुस्ती है |

मधुमक्खियां फूलों में रस का पता कैसे लगाती है

तब फूल का इलेक्ट्रिक चार्ट तथा मधुमक्खी का इलेक्ट्रिक चार्ज आपस में टकराकर के जीरो हो जाता है | जब कोई दूसरी मधुमक्खी वहां पर आती है और वह इस बदलाव को महसूस करती है और वह समझ जाती है कि इस फूल में रस नहीं है |

एक बार जब मधुमक्खियों को फूलों के रस का पता लग जाता है तब वे तेजी से छत्ते में आती है और सब मधुमक्खियों के साथ में उस लोकेशन को शेयर करती है |

लेकिन लोकेशन शेयर करने का तरीका अनूठा होता है | यह लोकेशन को बताने तथा बात को बताने के लिए डांस करती है |

इसके साथ ही मधुमक्खियां एक सीक्रेट कोड का प्रयोग करती है जो कि नंबर 8 की शेप में होता है | फिगर की चौड़ाई से फूलों की दूरी का पता चलता है कि फूल की दूरी कितनी है | मधुमक्खियों के डांस के angle से दिशा का पता चलता है |

मधुमक्खियां 1 साल में 50 करोड़ फूलों का दौरा करती है |

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