आज का मानव इतना क्यू बदल गया है।

नमस्कार दोस्तों ,आप सभी का मेरी इस वेबसाइट मे हार्दिक स्वागत है। दोस्तों आज हम बात करेंगे के आज का मानव इतना क्यू बदल गया। मानव के बदलने के कई कारन है। जैसे जैसे मानव का विकास होता गया वैसे वैसे मानव बदलता गया है। आज क मानव क बदलने क पीछे आज क आधुनिक युग का हाथ है। जैसे जैसे मानव का विकास होता गया वैसे वैसे मानव बदलता गया ,आज मानव इतना बदल गया जिसकी कल्पना भी नहीं जा शक्ति है। आज के मानव का जीवन कठिन और संघर्ष भरा हो गया है। वो तो सिर्फ पैसा कमाने मे लगा हुआ है। आज के मानव का व्यव्हार पूरी तरिक से बदल गया है। पलेह का मानव सभ्य होता था। उसका व्यहार शांत होता था। आज के मानव के  व्यहार में गुस्सा और क्रोध भरा हुआ है। आज का मानव चिड़चिड़ा हो गया है। छोटी सी बात पर उसको गुस्सा आ जाता है। आज पोलुशन और रेडिएसन बहुत बढ़ गया है। जिसका असर सबसे ज्यादा मानव के मस्तिक पर पड़ा है। 

आज के मानव ने इतनी तरक्की कर की उसने पूरा मानव समाज को ही बदल दिया है। आज का समाज आधुनिक समाज कहलाता है। इसी समाज ने आज के पूरा मानव समाज को बदला है।   

आधुनिक युग के छवि कैसी है।

आज क आधुनिक युग की छवि बहुत बदल गई है। आज का युग पलहे जैसा नहीं रहा है। उसकी छवि बिलकुल अलग है। वर्तमान समय मई बहुत सारे बदलाव आये है।

  • संचार क साधनो मै तेजी आई जिसके फल सवरूप सारा काम इंटरनेट से होने लगा है।
  • यातायात के साधनो मे तीर्व गति से वर्दी हुई। जिसेस काम आसान और जल्दी होने लगा है।
  • लोगो को कम मनत करनी पड़ती है।
  • इसेस समय के बचत होने लगी और कम समय मे ज्यादा काम होने लगा है।
  • आज का मानव मेहनत बिलकुल भी नहीं करना चाहता है। 
  • आजकल सारा काम मशीनो से होने लगा है।
  • रोबोट और मशीने मानव के मित्र हो गये है।  

 

आज क़ा मानव इतना व्यस्त क्यू है।

आज का मानव इतना व्यस्त नहीं था। पर आज के भाग दौड़े भरी जिंदगी ने उसको इतना व्यस्त बना दया है। पैसे कमाने में लगा हुआ है। क्यू की आज महंगाई इतनी बढ़ गई के घर चला मुश्किल काम गया गया है। सैलरी भी कम मिलती है। मेहनत भी बहुत ज्यादा करनी पड़तीं है। टाइम भी ज्यादा देना पड़ता है। इसके बावजूद भी पैसा कम मिलता है। जितनी सैलरी उसको मिलती है। उस सैलरी से उसका खर्चा भी बड़ी मुश्किल से निकल पता है। आज का युवा ज्यादा काम कर के अमीर बनना चाहता है। पर उसको ये नहीं पता के वे इस सैलरी से कभी अमिर नहीं बन सकता है।

खर्चो को पूरा करने कई के लिए वे क्या करता है।

खर्चो को पुरा करने के लिया आज का मानव दिन रात मानत करता है ताकि वे अपने खर्चे को पूरा कर सके। जिसके सवरूप वे अपने परिवार को भी टाइम नहीं दे पता है। इससे उसके समंद खरब होते है। परिवार में तनाव बढ़ता है। आज के युवा की ये स्तिथि हो गई है। I इसके आलावा वे अपने खर्चे को पूरा करने के लिया पार्ट टाइम जॉब भी करता है। इतना करने के बाद भी वे अपना खर्चा मुश्किल से निकाल पता है। आज के युवा के स्तिथि बहुत ख़राब है। आज का युवा  घंटे का जॉब करके भी बड़ी मुश्किल से अपना खर्चा निकाल पाता है। मानव की बदलती इस परिस्थति के लिए मानव खुद जिम्मेदार है। क्यू की मानव ने जिन चीजों का निर्माण अपने सुख के लिए किया था। आज वही चीजे उनको तकलीफ दे रही है।