एचआईवी वायरस क्या होता है । एचआईवी के बारे में हिंदी मैं जानेंगे ।
एचआईवी वायरस क्या होता है । एचआईवी के बारे में हिंदी मैं जानेंगे ।

ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम क्या होता है ?

आज हम एचआईवी वायरस के बारे में हिंदी में विस्तार से जानेंगे कि एचआईवी वायरस क्या होता है । एचआईवी वायरस कैसे फैलता है । इससे बचाव तथा लक्षण के बारे में भी जानेंगे ।

वायरस क्या होता है ?

एचआईवी वायरस को जानने से पहले हम यह जानते हैं कि आखिरकार वायरस क्या होता है । वायरस यानी कि पोइजन । पोइजन यानी की विष ।

विषाणु यानी कि विष के अणु । वायरस प्रोटीन तथा न्यूक्लिक अम्ल के बने अविकल्पी परजीवी होते हैं । विषाणु जीवित कोशिकाओं के अंदर गुणन कर सकते हैं ।

जब तक यह वायरस किसी जीवित शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश नहीं करते हैं तब तक यह मृत ही रहते हैं ।

इसे वर्षों तक डिब्बे में बंद करके रखा जा सकता है । जैसे ही इन्हें जीवित शरीर या फिर जीवित कोशिका मिलती है । यह फिर से एक्टिव हो जाते हैं ।

विषाणु का अध्ययन विषाणु विज्ञान या फिर वायरोलॉजी ( virology ) के तहत किया जाता है ।

इस वायरस की खोज रूस के वैज्ञानिक ने की थी । जिनका नाम इवानोवस्की था । इवानोवस्की ने 1892 में इस जीवाणु की खोज की ।

इवानोवस्की तंबाकू की पत्तियों पर कुछ खोजबीन कर रहे थे । वह चितेरी रोग का अध्ययन कर रहे थे । इसी अध्ययन के दौरान उनके सामने एक घटना हुई और इस वायरस का खुलासा हुआ ।

इवानोवस्की ने तंबाकू की पत्तियों पर पहली बार वायरस को देखा था । यह पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने वायरस के बारे में जाना ।

एचआईवी का पूरा नाम क्या है ?

एचआईवी का पूरा नाम ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम वायरस है ।

ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम क्या होता है ?

ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम एक वायरस होता है जो कि इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है ।

ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम वायरस ।

हुमन इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम वायरस से पूरी दुनिया में लगभग 4 करोड़ से भी ज्यादा लोग संक्रमित हैं । इंडिया की बात करे तो करीब 22 लाख लोग संक्रमित है ।

एचआईवी पॉजिटिव क्या होता है ?

आइए अब हम जानते हैं कि एचआईवी पॉजिटिव क्या होता है और एचआईवी पॉजिटिव किसे कहते हैं ?

यदि किसी व्यक्ति के शरीर में एचआईवी का वायरस चला जाता है और जांच के बाद आई रिपोर्ट में यह पता चलता है कि व्यक्ति के शरीर के अंदर वायरस मौजूद है ।

तब उस व्यक्ति को एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति कहा जाता है । यानी कि उसके शरीर में एचआईवी का वायरस मौजूद है । तभी वह व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव माना जाएगा ।

एचआईवी नेगेटिव क्या है ?

यदि व्यक्ति की एचआईवी जांच की जाती है और उसमें हाय रिपोर्ट से पता चलता है कि उसमें एचआईवी का वायरस नहीं है तो उस व्यक्ति को एचआईवी नेगेटिव घोषित कर दिया जाता है । यानी कि उसके शरीर में एचआईवी का वायरस नहीं है ।

एड्स के बारे में जानकारी ।

आज हम एड्स के बारे में हिंदी में जानेंगे । एड्स क्या होता है ?

जब एचआईवी का वायरस हमारे शरीर में घुस जाता है और लंबे समय तक हमारे शरीर में बना रहता है । लंबे समय तक शरीर में बने रहने के कारण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है ।

जिसके ऊपर स्वरूप एड्स जैसी बीमारी उत्पन्न होती है । यह लंबे समय के परिणाम के बाद उत्पन्न होती है ।

राष्ट्रीय एड्स दिवस कब मनाया जाता है ? एड्स दिवस कब मनाया जाता है ?

एचआईवी उपचार ।

एचआईवी का उपचार या इलाज अभी तक संभव नहीं है । लेकिन फिर भी दवाओं का इस्तेमाल करके इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है ।

एचआईवी की दवाओं के नाम

यह दवाई इंसान को एचआईवी से लड़ने में सहायता करती है । इन दवाओं को पेशेंट को दिया जाता है ।

1 . लैमीवुडीन
2 . जिडोवुडीन
3 . असायक्लोविर

एचआईवी का रोकथाम कैसे करें ।

एचआईवी की अभी तक कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है । एचआईवी से बचने के कुछ सामान्य तरीके हैं । जिनको अपनाकर के आफ एचआईवी से बचा सकते हो ।

सुरक्षित यौन संबंध बनाई यानी कि कंडोम का इस्तेमाल करें ।

नारको सेंटर में अब एचआईवी का परीक्षण भी करवा सकते हैं । यदि आपको कोई संदेह हो तो ।

ब्लड चढ़ाते समय एचआईवी टेस्ट की जांच जरूर कराएं ।

एचआईवी संक्रमण । एचआईवी हिंदी । एचआईवी के शुरुआती लक्षण ।

आमतौर पर एचआईवी 4 तरीकों से फैलता है । एचआईवी के फैलने के 4 तरीके इस प्रकार से हैं ।

1 . असुरक्षित यौन संबंध से एचआईवी फैलता है
2 . सुई के इस्तेमाल से भी एचआईवी फैल सकता है
3 . ब्लड के माध्यम से बी एच आई वी फैल सकता है ।
4 . मां से बच्चे के अंदर भी एचआईवी फैल सकता है ।
5 . मां के दूध से बच्चे को भी एचआईवी हो सकता है।
6 . वीर्य के माध्यम से भी एचआईवी बन सकता है ।
7 . वेजाइना के द्वारा स्रावित रस के कारण भी एचआईवी फैल सकता है ।

एचआईवी के इन्फेक्शन के लक्षण कब आते हैं ?

एचआईवी के इन्फेक्शन के लक्षण बीमारी के ऊपर डिपेंड करते हैं कि बीमारी की स्टेज कौन सी है और कितनी पुरानी है ।

एचआईवी की कितनी स्टेज होती है ?

एचआईवी की तीन स्टेज होती है ।

1 . Acute HIV
2 . Chronic HIV
3 . AIDS

एड्स तथा एचआईवी दोनों अलग अलग चीज होती है एड्स के अंदर मनुष्य के शरीर में वायरस के लक्षण दिखाई देने लगते हैं । जबकि एचआईवी एक वायरस है ।

Acute HIV

यह शुरू एचआईवी की शुरुआती स्टेज है । यानी कि यह एचआईवी की पहली स्टेज है । इस स्टेज में वायरस आपके शरीर के अंदर प्रवेश करता है ।

Acute HIV के लक्षण

1 . इससे आपके गले में खराश हो सकती है ।
2 . सिर दर्द रह सकता है
3 . बुखार हो सकता है
4 . मसल दर्द तथा थकावट हो सकती है
5 . जॉइंट में दर्द हो सकता है ।
6 . डायरिया हो सकता है ।
7 . स्क्रीन में चकत्ते पड़ जाना ।

Acute HIV के लक्षण कब दिखाई देते हैं ?

Acute HIV के लक्षण इंफेक्शन के 1 से 2 महीने के बाद दिखाई देते हैं । 1 महीने के बाद में यह लक्षण चले भी जाते हैं । क्योंकि इस समय हमारा प्रति रक्षात्मक तंत्र प्रणाली काफी मजबूत होता है । क्योंकि वायरस को मात दे देते हैं ।

ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम क्या होता है ?

Chronic HIV ( Middle phase ) के लक्षण

यह एचआईवी की सेकंड स्टेप होती है । इसमें सेल्स तथा वायरस दोनों ही आपस में बैलेंस करने की कोशिश करते हैं । यानी कि अपनी ग्रोथ करने की कोशिश करते हैं ।

Middle phase अवस्था 3 साल से लेकर 10 साल तक भी चल सकती है । यदि कोई ट्रीटमेंट नहीं लेता है तो यह इतनी चलती है । यदि कोई ट्रीटमेंट लेता है तो यह और भी लंबी हो जाती है ।

Middle phase के लक्षण

इस अवस्था में शरीर में कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं ।

इस अवस्था में वायरस शरीर के अंदर रहता है । लेकिन खुद को भी पता नहीं चलता है ।

Middle phase अवस्था के आखिरी दिनों में बुखार आना शुरू हो जाता है ।

आखिरी दिनों में स्क्रीन पर चकत्ते पड़ जाना जैसी घटनाएं होने लगती है ।

कमजोरी तथा थकान लगातार बनाए रहना । इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं ।

AIDS करता है

एचआईवी की तीसरी अवस्था एड्स होती है । इस अवस्था में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं । यह एचआईवी की आखिरी अवस्था होती है ।

एड्स की स्टेज में आपका cd4 काउंट सेल बहुत ही कम हो जाता है । क्योंकि इस अवस्था में एचआईवी का वायरस cd4 सेल्स को कम कर देता है ।

यदि किसी को एड्स हो जाता है तो उसका cd4 काउंट 500 या फिर 200 हो जाता है । इस अवस्था में शरीर के अंदर कैंसर भी हो सकता है ।

AIDS के लक्षण

इंडिया में एड्स के दौरान फेफड़े का कैंसर होना एक आम बात है । 70 से 80 % एचआईवी के मरीजों को ट्यूमर इंफेक्शन हो जाता है ।

व्यक्ति के मृत होने का कारण एचआईवी इनफेक्शन ही होता है । फेफड़े के अंदर निमोनिया भी हो सकता है । इसमें ब्रेन के अंदर इंफेक्शन हो जाता है । फेफड़े के अंदर इंफेक्शन हो जाता है ।

AIDS के दौरान पेट खराब रहने लगता है । डायरिया के लक्षण की दिखाई देने लगते हैं । इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है ।