SONGBIRD के बारे में रोचक जानकारी । मेनेकिन आवाज कैसे निकालती है

SONGBIRD के बारे में रोचक जानकारी । मेनेकिन आवाज कैसे निकालती है ।

SONGBIRD ( सॉन्गबर्ड ) आवाज कैसे निकालती है ?। मेनेकिन आवाज कैसे निकालती है ।

SONGBIRD के बारे में रोचक जानकारी । मेनेकिन आवाज कैसे निकालती है

SONGBIRD ( सॉन्गबर्ड ) आवाज कैसे निकालती है ? सोंगबर्ड तथ्य: बच्चों के लिए सबक सॉन्गबर्ड अपने पंखों से आवाज कैसे निकलती है । सॉन्गबर्ड का दूसरा नाम मेनेकिन भी है । सॉन्गबर्ड अपनी आवाज के लिए प्रसिद्ध है । इस पक्षी की आवाज ने सदियों से वैज्ञानिकों को चक्कर में डाल रखा है ।

इक्वाडोर के जंगलों में सॉन्गबर्ड एक पुरानी कहानी की स्टार है । वह एक अनोखी तकनीक से आवाज निकालती है । सॉन्गबर्ड की यह रिसर्च अब तक की सबसे पसंदीदा रिसर्च रही है ।

सॉन्गबर्ड नामक किस पक्षी ने सबको हैरत में डाल रखा है । मेनेकिन दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है इनकी 60 अलग-अलग स्पीशीज पाई जाती है । ज्यादातर अपनी चोंच से ही आवाज निकालती है ।

जबकि सॉन्ग बर्ड की आवाज सबसे अलग होती है । यह एक कमाल की आवाज निकालती है । यह आवाज अपनी चोंच को बिना खोले निकालती है । यानी कि सॉन्गबर्ड यह आवाज मुंहे से नहीं निकालता है तो आखिरकार यह आवाज निकालता कैसे हैं । आज हम इसी के बारे में जानेंगे ।

तब वैज्ञानिकों ने इनकी आवाज का राज इनके पंखों में ढूंढना शुरू किया । उसने इतनी तेजी से क्या किया की आवाज भी निकल गई और हमें दिखा भी नहीं । क्योंकि सॉन्गबर्ड बहुत तेजी से अपने पंखों को हिलाता है । इन की स्पीड इतनी तेज होती है कि इन्ह हम अपनी नॉर्मल आंखों से इसे नहीं देख सकते हैं ।

सॉन्गबर्ड अपने पंखों को एक तिहाई सेकंड में 37 बार आपस में टकराती है । यानी कि 107 चकर प्रति सेकंड है । सॉन्गबर्ड की आवाज लगभग 1500hz की फ्रीक्वेंसी पर चलती है ।

सॉन्गबर्ड के पंख में स्थित छठे और सातवें नंबर की हड्डी काफी शख्त तथा अलग नजर आती है । इनके पंख के ऊपर की सतह पर बहुत सारी दांत जैसी चीज होती है ।

इसका पांचवा पंख एकदम सीधा तथा हल्का मुड़ा हुआ होता है और इसके नीचे का भाग चाकू की धार के जैसा होता है । देखने में तो यह कंगी के दांत के जैसा लगता है । इन दोनों से मिलकर के एक इंस्ट्रूमेंट तैयार होता है और इसी से आवाज निकलती है । सॉन्ग वर्ड इसी से आवाज निकालता है ।

आवाज किसी भी चीज के वाइब्रेशन से निकलती है और उस वाइब्रेशन की स्पीड पर उसकी पिच डिफेंड करती है । सॉन्गबर्ड की पिच 1500 की है ।

यदि हम एक हैमिंग बर्ड की तुलना करें तो उनके पंख 1 सेकंड में 60 से 75 तक पढ़-पढ़ आते हैं । जबकि सॉन्गबर्ड के पंख 107 साइकिल प्रति सेकंड है ।

यदि दो चीजें आपस में टकराती है तो आवाज कुछ इस प्रकार से होती है कि ठक ठक ठक की आवाज आती है । जबकि सॉन्गबर्ड की आवाज़ ध्यान से सुनने पर ऐसी नहीं लगती।

इनके पंखों पर 7 उभार होते हैं । यानी कि यह जितनी बार पंखों को टकराती है यह पंख अंदर आते हुए 7 बार रगड़ते हैं । बाहर जाते हुए भी 7 बार आपस में रगड़ते हैं तो हर बार पंख टकराने पर 14 बार रगड़े जाते हैं ।

हर बार यह 14 पंख आपस में टकरा करके 14 और वाइब्रेशन पैदा करती है । यदि इसके पंख एक सेकंड में 107 बार टकराते हैं तो इन से निकली आवाज की फ्रीक्वेंसी बिल्कुल 14 गुना ज्यादा उचीं होगी और सॉन्ग बर्ड के पंखों में भी यही हो रहा है ।

यह अपनी मादा को आकर्षित करने के लिए इस तरह की आवाजें निकालते हैं और सॉन्गबर्ड के पंख एक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट की तरह काम करता है । इससे मादा इनकी तरफ आकर्षित होती है । क्योंकि फीमेल को म्यूजिक बहुत पसंद होता है ।

बहुत सारे ऐसे सिंगिंग इंसेक्ट भी है जो कि अपने पंखों को या फिर मांसपेशियों को आपस में रगड़ करके आवाज निकालते हैं ।

बहुत सारे कीड़े ऐसे होते हैं जो कि आपस में बात करने के लिए हाई पिच की आवाज निकालते हैं । वह ऐसा अपने शरीर के हिस्सों को बहुत तेजी से वाइब्रेट करके करते हैं । जितना कि उनकी मांसपेशियां भी नहीं हिंल सकती है ।

कीड़ों के अंग सख्त तथा लचीले दोनों होते हैं । वह वाइब्रेट करने के लिए सही तौर पर विकसित हो चुके हैं । जो पक्षी अपने शरीर को रगड़ करके आवाज निकालते है उनका एक हिस्सा खुरदरा तथा दांतेदार होता है । वह अपने आंगे को एक खुरदुरे वाले भाग पर रगड़ते हैं । शरीर के यह अंग बहुत ही छोटे होते हैं ।