इंटरव्यू में एचआर (HR) से यह बातें जरूर पूछ लेनी चाहिए।

जॉब तो आप सभी लोग करते होंगे कुछ लोग सरकारी जॉब करते हैं या कुछ लोग लोग प्राइवेट काम करते हैं। प्राइवेट लोग अलग-अलग कंपनी तथा अलग-अलग सेक्टर में काम करते हैं। आज मैं उन्हीं लोगों के बारे में बताऊंगा। जो लोग प्राइवेट कंपनियों में काम करते हैं।

उन लोगों को बहुत सारी ऐसी बातें होती है। रोज ध्यान रखनी चाहिए। क्योंकि यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उसके साथ किसी तरह का फ्रॉड या गलत भी हो सकता है। इसलिए जब भी आप प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं तो इन चीजों का हमेशा से ही ध्यान रखना चाहिए।

क्योंकि जब भी हम किसी भी प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं तो हमारे से बहुत सारी ऐसी गलतियां हो जाती है। और कंपनी जब भी हमारी जॉइनिंग करती है। उस टाइम कुछ और ही कहती है और जॉइनिंग होने के बाद कंपनी कुछ और ही कहती है।

तथा उसका कर्मचारी के प्रति रवैया भी बदल जाता है। इसलिए हमेशा इन चीजों के बारे में जब भी हमें जॉब पर लगे तब क्लियर कर लेना चाहिए। नहीं तो आपको आगे जाकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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इंटरव्यू में एचआर से यह बातें जरूर पूछ लेनी चाहिए।

जब भी आप किसी भी कंपनी में जॉब के लिए जा रहे हो तथा एचआर आपको इंटरव्यू के लिए बुला रहा है तो आप को एचआर के इंटरव्यू के बाद आपको कुछ सवाल जवाब एचआर से भी पूछने चाहिए।

इंटरव्यू में एचआर (HR) से यह प्रश्न जरूर पूछने चाहिए।

उसमें आपको एचआर से यह भी पूछना चाहिए।
यह मेरी जॉब परमानेंट है या नहीं।
इस जॉब की सैलरी क्या रहेगी।
हिस जॉब का टाइम कितने घंटे का रहेगा।
जॉब कितने किलोमीटर के एरिया में रहेगा।

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जॉब के समय जॉइनिंग लेटर दिया जाएगा या नहीं।


इन चीजों के बारे में जरूर पूछ लेना चाहिए क्योंकि। हम इंटरव्यू के समय इन चीजों को नहीं पूछते हैं। तथा एचआर भी यदि आपको इसके बारे में नहीं बताता है तो वह आपकी मौके का फायदा भी उठा सकता है।

क्योंकि यदि किसी भी कंपनी की ड्यूटी टाइम 8 घंटे की है। और यदि आपने इंटरव्यू में इसके बारे में नहीं पूछा तो आपको 9 घंटे भी काम करना पड़ सकता है। इसके अलावा सैलरी और अपने घर से कितनी दूरी पर जॉब मिलेगा।

इसके बारे में भी आपको पूछ लेना चाहिए। क्योंकि बहुत सारी कंपनियां इतनी दूर एंप्लोई को काम करने के लिए भेज देती है। जहां पर उनका पेट्रोल या फिर किराया इतना ज्यादा लगता है। कि आगे जाकर उनको बहुत सारी मुश्किल का सामना करना पड़ता है।

तथा उन्हें मजबूर होकर जॉब छोड़नी पड़ती है। क्योंकि कंपनी किराए का पैसा नहीं देती है। कंपनी किराए का पैसा सिर्फ मर्चेंट को ही देती है। यह एक अलग सिचुएशन होती है कि कुछ कंपनियां बहुत ही कन्वेंस के बाद पैसा दे देती है।

पर हम लोग के साथ ऐसा नहीं होता है। बहुत सारी कंपनियां तो जॉब चेंज करने के लिए भी कह देती है। इसलिए एंप्लोई को जब भी इंटरव्यू में जाए इन सारी बातों को उनके सामने ही क्लियर कर लेना चाहिए।

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जॉब परमानेंट है या नहीं इसके बारे में भी पूछना चाहिए।

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बहुत सारी कंपनियां जब भी जॉब के लिए आप लोग को हायर करती है। तब वह यह नहीं बताती कि हमारा प्रोजेक्ट कितने महीनों का है। यह बात आपको एचआर से इंटरव्यू के समय पूछ लेनी चाहिए।

क्योंकि बहुत सारी कंपनियों के प्रोजेक्ट 6 महीने या फिर 12 महीने के ही होते हैं। वह एंप्लोई उस समय नहीं पूछता तथा कंपनी भी या फिर एचआर उस समय उनको नहीं बताता है। तथा जब ज्वाइन हो जाती है।

जैसे ही तीन चार महीने होते हैं। ऐसा एचआर या फिर कंपनी की तरफ से आपको पता चलता है कि यह जॉब परमानेंट नहीं है तो फिर उस जॉब को करने में कोई फायदा नहीं है। क्योंकि हर कंपनी में पीएफ ईएसआई का पैसा कटता है।

वह पैसा हमारी सैलरी में से ही कटता है। यदि हम छह महीने से पहले ही जॉब छोड़ देते हैं तो उसका पैसा हमें नहीं मिलता है। इसलिए इसका सीधा नुकसान हमें ही होता है। इसीलिए एंप्लोई को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि इन बातों को हमेशा इंटरव्यू में ही पूछ लेना चाहिए |

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