जुगनू रात में चमकते कैसे हैं ? जुगनू कैसे जलते हैं

जुगनू रात में चमकते कैसे हैं ? जुगनू क्या खाते हैं

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जुगनू रात में चमकते कैसे हैं ? जुगनू कैसे जलते हैं

जुगनू रात में चमकते कैसे हैं ? जुगनू क्या खाते हैं जुगनू कैसे जलते हैं जुगनू रात में क्यों चमकते है जुगनू क्यों चमकते हैं? juganoo raat mein kyon chamakate hai

जुगनू कीटों की श्रेणी में आता है और इसका वैज्ञानिक नाम लेब्रटि है। जुगनू की लगभग 2000 प्रजातियां पाई जाती है । जुगनू को आप गर्मियों के समय में ज्यादातर देख सकते हो । यह गर्म तथा ठंडी दोनों प्रकार के वातावरण में पाए जाते हैं ।

जुगनू एशिया तथा अमेरिका के क्षेत्रों में पाया जाता है।

देखने में यह पतले चपटे आकार के तथा सलेटी रंग के होते हैं इनकी आंखें बड़ी तथा टांगे छोटी होती है

इनके दो छोटे छोटे पंख होते हैं और यह जमीन के भीतर तथा पेड़ों की छाल के अंदर ही अपने अंडे देते हैं

जुगनू का मुख्य भोजन वनस्पति तथा छोटे की होते हैं

शुरू में माना जाता था कि यह जीव फास्फोरस की वजह से चमकते हैं । जबकि वैज्ञानिकों ने बताया कि जुगनू मे होने वाली चमक उनके अंदर होने वाली रासायनिक क्रियाओं के कारण होती है ।

रासायनिक प्रक्रियाओं के कारण उनके शरीर में प्रोटीन का निर्माण होता है । रोशनी तभी पैदा होती है जब इन पदार्थों का ऑक्सीजन से संपर्क होता है ।

यह प्रोटीन ऑक्सीजन के साथ रिएक्शन कर के चमक पैदा करने लगता है और इससे उत्पन्न रोशनी गर्म नहीं होती है । इसे ठंडी रोशनी भी कहते हैं ।

इस प्रकार के प्रकाश का रंग पीला , नीला , हरा , लाल मिश्रित हो सकता है । इस रोशनी का उपयोग जुगनू अपने साथी को आकर्षित करने के लिए करते हैं ‌।

नर और मादा जुगनू से निकलने वाले प्रकाश के रंग मे थोड़ा सा अंतर होता है । इन्हीं के आधार पर यह दोनों एक दूसरे को पहचान लेते हैं ।

इसमें खास बात यह है कि मादा जुगनू के पंख नहीं होते हैं ‌ वह एक स्थान पर ही बैठकर चमकती रहती है जबकि नर जुगनू उड़ते हुए चमकते हैं ।

यानी कि आप जब भी उड़ते हुए जुगनू को देखेंगे तो समझ जाएंगे कि वह नर जुगनू है ।

इसके अलावा इनका यह प्रकाश दूसरे पक्षियों से बचाने के लिए तथा अपना भोजन खोजने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं ।