कैसे बनता है ज्वालामुखी एवं कैसे होता है ज्वालामुखी क्या है? कैसे बनता है

कैसे बनता है ज्वालामुखी एवं कैसे होता है ज्वालामुखी क्या है? कैसे बनता है

ज्वालामुखी कैसे काम करता है ज्वालामुखी से लावा कैसे निकलता है । लावा क्या होता है?

कैसे बनता है ज्वालामुखी एवं कैसे होता है ज्वालामुखी क्या है? कैसे बनता है

कैसे बनता है ज्वालामुखी एवं कैसे होता है ज्वालामुखी क्या है? कैसे बनता है ज्वालामुखी कैसे काम करता है ज्वालामुखी से लावा कैसे निकलता है । लावा क्या होता है?

आज हम जानेंगे कि ज्वालामुखी के अंदर से लावा कैसे निकलता है और ज्वालामुखी किस तरह से काम करता है । आज हम ज्वालामुखी के कार्य करने की पूरी प्रक्रिया का वर्णन जानेंगे । हम यह भी जानेंगे कि ज्वालामुखी के अंदर क्या होता है ।

क्या हम ज्वालामुखी को घर पर बना सकते हैं ?

आज हम ज्वालामुखी को घर पर बनाने की कोशिश करेंगे । ज्वालामुखी की प्रक्रिया को समझने के लिए हम तीन प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल करेंगे । यदि हम इस तरह के केमिकल का उपयोग करते हैं तब हम समझ पाएंगे कि आखिरकार ज्वालामुखी कैसे काम करता है और ज्वालामुखी से लावा कैसे निकलता है ।

इस ज्वालामुखी को हम घर पर भी बना सकते हैं । इसके लिए हमें निबंध सामग्री की जरूरत पड़ेगी ।

सबसे पहले तो हम आटे का इस्तेमाल करेंगे । आटे का प्रयोग कम ज्वालामुखी को आकार देने के लिए या फिर ज्वालामुखी को बनाने के लिए करेंगे और आटे की मदद से हम घर पर एक छोटा सा ज्वालामुखी का नमूना तैयार करेंगे।

ज्वालामुखी बनाने में काम आने वाले रसायन

1 – सोडियम बाई कार्बोनेट । ( NaHco3 ) जिसे खाने का सोडा भी बोलते हैं । इसकी जगह पर हम इनो भी काम में ले सकते हैं ।

2 – इसके कलर को लाल रंग देने के लिए इसमें खाने का कलर भी डाल देंगे ताकि यह ज्वालामुखी के लावा की तरह दिखाई दे ।

3 – अब हम इसमें सिरका डालेंगे सिरके को एकदम से नहीं डालना है इसमें बूंद-बूंद करके सिरका डालना है ।

ज्वालामुखी में कौन सी प्रक्रिया होती है ।

जब यह दोनों केमिकल एक दूसरे के साथ रिएक्शन करेंगे तब कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलेगी । यह कार्बन डाई के बुलबुलों के रूप में बाहर निकलती है । जब यह कार्बन डाई गैस बुलबुले के रूप में बाहर निकलती है तब हमें यह वोल्केनो के जैसे प्रतीत होता है।

जिस प्रकार से ज्वालामुखी के अंदर से गैसे निकलती है उसी प्रकार से हमें यहां भी नजर आएगा । जो नजारा हम ज्वालामुखी पर देखते हैं वही नजारा हम इस प्रयोग से घर पर देख सकते हैं ।

यह सही में कोई ज्वालामुखी नहीं है ‌। लेकिन यदि हम ज्वालामुखी की नकल करना है तो उसकी तरह ज्वालामुखी बना करके देखना है तो यह एक छोटा सा प्रयोग है । जिसकी मदद से हम ज्वालामुखी को जान सकते हैं ।

एसिटिक एसिड तथा सोडियम बाई कार्बोनेट मिलकर के क्या बनाते हैं ?

एसिटिक एसिड तथा सोडियम बाइकार्बोनेट मिलकर के सोडियम एसीटेट तथा कार्बन डाइऑक्साइड बनाते हैं । वही कार्बन डाइऑक्साइड यहां पर बुलबुले के रूप में बाहर निकलती है । यह कार्बन डाइऑक्साइड हमें एक ज्वालामुखी का एहसास करा रही है ।