कौन कौन से ऐसे जानवर है जो कि पेड़ों पर रहते हैं। lion tail मक्के।
कौन कौन से ऐसे जानवर है जो कि पेड़ों पर रहते हैं। lion tail मक्के।

पेड़ों पर रहने वाले  जानवरों के नाम बताओ?

आज हम जानेंगे कि कौन कौन से ऐसे जानवर है जो कि पेड़ों पर रहते हैं तथा अपनी पूरी जिंदगी पेड़ों पर ही बिताते हैं |

वह पेड़ों पर किस प्रकार रहते हैं | किस प्रकार खाते हैं तथा किस प्रकार अपना जीवन व्यतीत करते हैं | उनके बारे में हम अलग-अलग प्रजाति के तथा अलग-अलग जीवो के बारे में जानेंगे |

इस दुनिया में 10 अरब से भी ज्यादा पेड़ पौधे हैं | उनमें से हर पेड़ की अपनी एक कहानी है | चाहे फिर वह पेड़ किसी रेगिस्तान का हो या फिर किसी वर्षावन का हो , इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है |

यह दुनिया की अलग-अलग प्रजातियों के जीवन रक्षक हैं | यह हर प्रजाति को शरण देते हैं तथा उसकी रक्षा करते हैं |

कुछ जानवर अपनी पूरी जिंदगी पेड़ों पर बिताते हैं | लेकिन कुछ जानवर ऐसे हैं जो पेड़ों पर नहीं उनके बीच में जिंदगी गुजार ना पसंद करते हैं |

न्यूजीलैंड के समुद्री तट पर बहुत ही खास तरीके का पक्षी पेंग्विन

न्यूजीलैंड के समुद्री तट पर बहुत ही खास तरीके का पक्षी रहते हैं | उस पक्षी का नाम है , पेंग्विन | हालांकि पेंग्विन समुद्र में अपनी जिंदगी बिता सकते हैं | लेकिन इन पेंग्विन ने अपने घर के रूप में जंगल को चुना है | पूरे दिन मछली पकड़ने के बाद में मादा अपने बच्चों की देखभाल के लिए फिर से जंगल में बने घोसले में जाती है |

लेकिन इस मादा पेंग्विन के रोजाना का सफर कोई आसान सफर नहीं है | यह बहुत ही मुश्किल सफर है | पेंग्विन के पास कोई भी बाजू नहीं होता है | इसके बावजूद भी यह अच्छे क्लाइंबर होते हैं | दूसरे जानवर के मुकाबले पेंग्विन के लिए रास्ता बहुत ही मुश्किल होता है | क्योंकि इसका घर जंगल के अंदर है |

इन पेंग्विन ने पेड़ों के अंदर अपनी कॉलोनी बसाई हुई है | यह जगह उनके बच्चों के लिए पढ़ने और बढ़ने के लिए सुरक्षित है |यह समुद्र के किनारे स्थित खतरों से इनको बचाती है तथा दूर रखती है |

लगभग 1 किलोमीटर चलने के बाद अब वह उसी जगह पहुंच गई है | जहां पर उसका घर है | उसका साथी तथा बच्चा इंतजार कर रहे हैं | सफर खत्म हो चुका है और बच्चा मां को देखकर बहुत ही खुश है |

अगले कुछ हफ्तों तक यह सफर पेंग्विन को रोज करना पड़ेगा | लेकिन अपने सुरक्षित वातावरण को देखते हुए उनके लिए यह सफर कुछ भी नहीं है | जमीन पर बना इनका घर पूरी तरह से सुरक्षित रहता है | जंगल में रहने वाले अधिकतर जानवर पेड़ों पर रहते हैं तथा पेड़ों के बारे में उनको अच्छा खासा अनुभव होता है | वहां पर यह कम सुरक्षित होते हैं | यह हुनर सिरप पेंग्विन में ही पाया जाता है |

फिलीपीन के पालावान दीप में एक अलग तरीका जीव winterwrong सांप

फिलीपीन के पालावान दीप में एक अलग तरीका जीव रहता है , उसका नाम winterwrong सांप है |इनका शरीर गठीला और छोटे कान होते हैं | यह सांप जमीन से ज्यादा पेड़ों पर अपनी जिंदगी बिताना पसंद करता है | अपने पंजे की वजह से यह आसानी से पेड़ पर चढ़ सकता है |

यह दुनिया के उन दो मांसाहारी जीव में से एक है , जो अपनी पूंछ से खाने को पकड़ सके | इनकी पूछ पांचवें हाथ क काम करती है | यह पेड़ों पर पकड़ बना रखने के साथ-साथ संतुलन बनाए रखने का भी काम करती है | इनके सुघना की शक्ति कमाल की होती है | जिनकी वजह से पेड़ों पर इनका जीवन मजे से कटता है | इनको भोजन की गंध मिलते ही इनकी जबड़े की ताकत से पेड़ों की छाल को छीलकर के उन में उपस्थित लारवा तक पहुंच जाते हैं | यह फल , पक्षी तथा छोटे चूहों को भी खा लेता है |

लेकिन इसके सबसे पसंदीदा खाना किसी भी पक्षी के या फिर जानवर के अंडे होते हैं | इनकी लंबी मूछें तथा फुर्ती की वजह से पेड़ों पर ऊंची टहनी के ऊपर उपस्थित अंडे तक पहुंचने में कोई भी मुश्किल नहीं होती है | ऐसी जमीन पर शिकार करने की जरूरत ही नहीं पड़ती है | पिंटूरोम अपने शरीर की बनावट की वजह से अपनी पूरी जिंदगी मजे से पेड़ों पर गुजार सकता है | जंगल में पिंटू रूम जमीन के मुकाबले पेड़ों पर रहना पसंद करते हैं |

बरमिस पाइथन

उधर कंबोडिया में हर साल आने वाली बाढ़ की तरह से जमीन पर रहने वाले जीव चाह कर भी जमीन पर नहीं रह पाते हैं | लेकिन दुनिया के सबसे बड़े सांप की प्रजाति के लिए यह नियम लागू नहीं होता है | यह सांप है बरमिस पाइथन | एक व्यस्क सांप की लंबाई 60 मीटर तथा वजन लगभग 120 किलोग्राम तक हो सकता है |

हर एक बार बरमिस पाइथन अपनी जिंदगी की शुरुआत पेड़ से ही करता है | यदि इनको पेड़ों से भोजन नहीं मिलता है तो यह अपनी व्यस्क उम्र तक नहीं पहुंच पाते हैं | लेकिन जब यह व्यस्क होते हैं | तब जबरदस्त शिकारी बन जाते हैं | यह अपनी जीभ के केमिकल रिसेप्टर का पता अपने शिकार की गंध का पता लगाने के लिए करते हैं | यह अपने जबड़े के हिट सेंसर से शिकार की दूरी का सही अंदाजा लगा लेते हैं | यह पेड़ों पर अपनी जिंदगी मजे से गुजार सकता है | लेकिन एक चीज इसके लिए खतरनाक साबित हो सकती है |

हर साल आने वाली बाढ़ का पानी इनके लिए खतरा बन सकता है | शिकार की गैरमौजूदगी में अपना पेट भरने के लिए इसको एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक पहुंचना होगा | लेकिन बरमिस पाइथन को इस मुश्किल से निपटने का तरीका मालूम है | वह तैरना जानता है | लेकिन उसे बीच में आराम की जरूरत पड़ सकती है | लेकिन दूर दूर तक पानी भरा है | यदि वह जल्द ही किसी पेड़ तक नहीं पहुंच पाया तो डूब कर उसकी मौत हो सकती है |

जहां पर पानी होता है | वहां पर मछलियां जरूर होती है और जहां पर मछलियां होती है | वहां पर मछुआरा जरूर होता है | सांप को इस इलाके में सावधानी बरतनी होगी | क्योंकि इस इलाके में पाइथन सांप को मारा जाता है |

lion tail मक्के – लायन टेल मकेक

भारत में बहुत तेजी से वनों को काटा जा रहा है | जिसकी वजह से खेती की जमीन भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है | इसके साथ ही यहां की आबादी भी दिन-बदिन बढ़ती जा रही है | जिसकी वजह से यहां के एक जीव पर खतरा मंडराने लग गया है | उसी का नाम है lion tail मक्के |

लाइन टेल मक्के के 1 झुंड में 20 सदस्य होते हैं | यदि इसके झुंड में कोई मादा बच्चे का जन्म होता है | तब इनके व्यस्क होने पर इनके झुंड में इन्हें एक पद मिल जाता है | जबकि यदि नर बच्चे का जन्म होता है | तब व्यस्क होने पर उन्हें झुंड से निकाल दिया जाता है | नर बंदर को अपना परिवार छोड़कर के बैचलर ग्रुप में शामिल होना पड़ेगा | लेकिन जंगल इतने कम होते जा रहे हैं | जिसकी वजह से अलग घर बनाना इन के लिए मुश्किल का काम होता जा रहा है |

यह लायन टेल मकेक पेड़ों पर हर तरह का अपना खाना खाएंगे | यह पेड़ों पर उपस्थित लारवा , फल सबको खा लेंगे | यहां तक कि पेड़ों पर उपस्थित छोटे गिलहरियों को भी खा लेंगे | लायन टेल मकेक जितना भोजन खा सकते हैं , उतना वह अपने गालों में भी रख सकते हैं | इस समाज में ओदेह का बहुत ही महत्व होता है | जब तक यह पेड़ है , तब तक इन बंदरों को जरूरत की हर चीजें मिलती रहेगी |

धरती के एक तिहाई हिस्से पर पेड़ हैं जो कि पूरी पृथ्वी की जलवायु के लिए महत्वपूर्ण है | पेड़ ऑक्सीजन बनाते हैं | जिसके सहारे सारी प्रजातियां जिंदा रहती है | लेकिन कुछ जीव पेड़ों पर निर्भर ही नहीं उनके अंदर डेरा डाले हुए भी रहते हैं |