Komodo dragon के बारे में रोचक तथ्य

Komodo dragon के बारे में रोचक तथ्य

Komodo  dragon

इंडोनेशिया में पाए जाने वाला कोमोडो ड्रैगन छोटी बकरियों का शिकार करता था |

कोमोडो ड्रैगन धरती पर 2000000 सालों से पाया जाता है |

कोमोडो ड्रैगन अपने जहर से अपने शिकार को मारता है |

कोमोडो ड्रैगन को धरती की सबसे बड़ी छिपकली माना जाता है |

कोमोडो ड्रैगन अपने शिकार का पीछा करते हैं तथा यह पीछे कई दिनों तक या कई घंटों तक लगातार करते रहते हैं | यह शिकारी की खुशबू का पता लगाकर उनका पीछा करते हैं तथा शिकार करते हैं |

कोमोडो ड्रैगन का पसंदीदा खाना चूहा होता है |

कोमोडो ड्रैगन अपने शिकार को मारने के लिए शिकार को काटता है | उस शिकार के शरीर में जहर छोड़ देता है | इसके जहर में एक खतरनाक केमिकल होता है जो कि खून को जमने से रोकता है | जब कमोडो ड्रैगन काटता है | तब इस जहर के कारण खून लगातार बहता रहता है |

कोमोडो ड्रैगन शिकारी को भागने का मौका देते हैं | जब शिकारी भाग जाता है, तब वह शिकारी के खून की बदबू का पीछा करते हैं |

कोमोडो ड्रैगन जब शिकारी का पीछा करता है तब वह अपनी जीव को मुंह से बाहर निकालता है तथा जीभ पर उपस्थित संवेदनशील कोशिकाएं शिकारी की बदबू का पता लगाती है |

कोमोडो ड्रैगन की जीभ दुनिया की सबसे बड़ी जीभ मानी जाती है |

कोमोडो ड्रैगन की जीभ का अगला हिस्सा दो भागों में बटा हुआ होता है | जिनसे कि उन्हें दिशा का पता लग जाता है कि शिकारी किस दिशा में है |

Komodo  dragon

क्योंकि यह शिकारी की बदबू से ही दिशा का पता लगाते हैं | जिस दिशा से बदबू आ रही है उसी दिशा में शिकारी होगा |

एक बार जब कोमोडो ड्रैगन काट देता है | तब वह इंतजार करता है तथा शिकारी का पीछा करता है | इतनी देर में शिकारी के घाव में इंफेक्शन हो जाता है तथा उसकी मौत हो जाती है | इससे कोमोडो ड्रैगन को शिकार मिल जाता है |