लहसुन के बारे में कुछ रोचक तथ्य लहसुन के औषधीय गुण लहसुन के फायदे
लहसुन के बारे में कुछ रोचक तथ्य लहसुन के औषधीय गुण लहसुन के फायदे

लहसुन की उत्पत्ति कैसे हुई ? लहसुन का जन्म कैसे हुआ ?गुण लहसुन के फायदे

लहसुन खाने के फायदे। पुरुषों के लिए लहसुन लाभ। लहसुन के औषधीय गुण।लहसुन के बारे में कुछ रोचक तथ्य लहसुन के औषधीय गुण लहसुन के फायदे लहसुन का इतिहास लहसुन के गुणों के बारे में रोचक जानकारी और तथ्य लहसुन का वैज्ञानिक नाम

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लहसुन का लाभ – जो रोग का विध्वंस करें उसे लहसुन कहते हैं । यह हमारे रसोई की शान बढ़ाता है । यह खाने को एक अलग ही स्वाद देता है तथा हर रोग की एक अचूक दवा भी माना जाता है ।

ज्यादातर लोग इसे मसालों के रूप में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं । जितना यह खाने के रूप में स्वाद को बढ़ाता है उतना ही औषधि के रूप में भी यह उपयोगी होता है ।

1. लहसुन की उत्पत्ति कैसे हुई ? लहसुन का जन्म कैसे हुआ ?

लहसुन की उत्पत्ति कैसे हुई – एक पौराणिक कथा के अनुसार जब समुद्र का मंथन हुआ । तब समुद्र मंथन के समय एक तरफ देवता मौजूद थे तथा दूसरी तरफ असुर मौजूद थे । समुद्र मंथन से अमृत का कलश निकला । जिसे मृत्यु पर विजय पाने वाला द्रव्य भी माना जाता है ।

एक असुर ने छल से एक बूंद अमृत पी लिया था । जिसे आज हम राहु के नाम से जानते हैं । क्रोधित विष्णु ने उस ससुर का सिर धड़ से अलग कर दिया ।यह असुर बना रहु ।

उसके गले से जो अमृत की बूंद पृथ्वी पर गिरी उससे बना एक पौधा । उस पौधे को आज हम लहसुन कहते हैं । लहसुन के जन्म की कहानी कुछ इस प्रकार से थी ।

दंत कथाओं के अनुसार अमृत की बूंद से जन्म हुआ है लहसुन के पौधे का । लहसुन के पौधे को तेज बंद वाला छुपा रुस्तम भी कहते हैं । लहसुन की उत्पत्ति कैसे हुई

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लहसुन की कहानी की शुरुआत करते हैं महाराष्ट्र जिले के नासिक के त्रंबकेश्वर से । माना जाता है कि यह उन जगहों में से एक है जहां पर अमृत की बूंद गिरी थी ।

इसी की याद में यहां पर हर 12 वर्षों में कुंभ का मेला लगता है । नासिक को लहसुन की नगरी भी कहा जाता है या की जमीन तथा वर्षा लहसुन की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है ।

2 . लहसुन की फसल किस माह में होती है ?

लहसुन की फसल – मार्च खत्म होने को है और खेतों में लहसुन की फसल ले ला रही है । जब जमीन के नीचे लहसुन पक जाता है तब उनके पत्ते पीले पड़ जाते हैं । तब ऐसा माना जाता है कि लहसुन पक चुका है ।

लहसुन की जड़ें जमीन में गहराई में नहीं होती है यह ऊपर ही होती है हल्का सा जोर लगाने से ही लहसुन जमीन से बाहर आ जाता है ।

लहसुन को निकालने के लिए कुछ दिन पहले जमीन पर पानी को छिड़का जाता है । जिससे कि लहसुन आसानी से जमीन से बाहर निकल आए ।

लहसुन की फसल साल में एक ही बार होती है । यह फसल अक्टूबर माह के दूसरे सप्ताह में लगाई जाती है यह फसल 5 महीने में तैयार हो जाती है । एक अकेली कली से पूरा लेसुन हो जाता है ।

3 . वनस्पति शास्त्र में लहसुन का क्या नाम है ? लहसुन का वैज्ञानिक नाम गार्लिक

lahsun ka vaigyanik naam – इंसान करीब 7000 सालों से लहसुन का प्रयोग करता आया है । कोई भी इसे उदासी नहीं है। वनस्पति शास्त्र में लहसुन का नाम Allium sativum है।

लहसुन का वैज्ञानिक नाम Allium sativum होता है।

इसका नाम में भी विरोधाभास नजर आता है । यूनानी भाषा में Allium Sativum का अर्थ वर्जित होता है । Forbidden Lekin Sativum का अर्थ उगाया हुआ । प्यार तथा नफरत का रिश्ता है लहसुन तथा इंसान ।

4 . लहसुन किस परिवार का सदस्य है ?

वैसे लहसुन तथा प्याज दोनों भाई भाई है । दोनों Alliaceae परिवार से हैं । इस परिवार के सदस्य तेज महक वाले पौधे होते हैं । लहसुन एक प्राचीन मसाला है ।

5 . मिस्र में कारीगरों को राशन में दिया जाता था कच्चा लहसुन

मिस्र के प्राचीन पिरामिड 100000 कारीगरों ने 20 साल लगा कर के इन्हें बनाया है । मेहनत के साथ करोड़ों के लेहसुन भी लगे थे । माना जाता था कि लहसुन रोगों से बचाता है ताकत बढ़ाता है तथा कारीगरों को राशन में कच्चे लहसुन दिए जाते थे ।

जब कारीगर काम छोड़ने की धमकी देते तब उन्हें और लहसुन दे करके मनाया जाता था । इसके किस्से बहुत सारे मौजूद हैं ।

6 . राजा Tutankhamen की कब्र में मिला लहसुन

The King Of Tutankhamen के समय में करीब साडे 7 किलो लहसुन , 1 हटा कटा नौजवान खरीदने के लिए काफी था । राजा तूत का जब कमरा खोजा गया था तब उसके कमरे में बिखरा हुआ लहसुन मिला था ।

यह राजा अपने प्रिय मसाले को अपने साथ में ले जाना चाहते थे । आज के जमाने में लहसुन ना ही दुर्लभ तथा ना ही महंगा है । इसका श्रेय उन किसानों को जाता है जो कि अपने खेतों में मेहनत करते हैं ।

7 . भारत में लहसुन की खेती कहां कहां की जाती है ? भारत में लहसुन कहां उगता है ?

lahsun ki kheti . लहसुन की खेती – हमारे देश में खूब उगता है लहसुन । मध्य प्रदेश गुजरात , राजस्थान , उड़ीसा , उत्तर प्रदेश , पंजाब हरियाणा और महाराष्ट्र में होती है लहसुन की खेती

जमीन से निकाले हुए ताजे लहसुन में नमी होती है । जिससे कि उसके सड़ने का खतरा बना रहता है । यदि लहसुन को सुखाया नहीं गया तो वह फफुंद को पकड़ लेगा तथा खराब हो जाएगा ।

लहसुन को सुरक्षित रखने के लिए तथा बाजार तक पहुंचाने के लिए उन्हें हवा में लटका दिया जाता है । जिससे कि वह जल्दी ही सूख भी जाता है तथा खराब भी नहीं होता है । सूखने के बाद लेहसुन 1 तेज मेहक वाला मसाला बन जाता है ।

लहसुन सिर्फ भूख ही नहीं मिटाता है । यह हमारी संतुष्टि भी करता है । इसे सेहत की कुंजी भी कहा जा सकता है ।

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8 . बहुत ज्यादा ही प्रसिद्ध है लहसुन की चटनी ।

महाराष्ट्र में तीखी लहसुन की चटनी बहुत प्रसिद्ध है । यह पूरे विश्व में एक ही लहसुन की चटनी के लिए मशहूर है । तेज लाल मिर्च तथा कच्चे लहसुन की चटनी सब्जी बनानी हो या दाल यही चटनी बन जाती है मसाला ।

इसे खाने से पेट की गैस भी निकल जाती है । लहसुन की अच्छाई की जड़ें तब तो विश्वास बहुत ही गहरा है लहसुन को गीस्ते ही उसकी तेज महक सभी को पता चल जाती है ।

9 . सर्दी जुकाम सर दर्द में लगाते हैं लहसुन। लहसुन के फायदे इन हिंदी

लहसुन की चटनी रेसिपी – सर्दी जुकाम तथा सिर दर्द मैं राहत के लिए लहसुन को नुस्खे के रूप में सिर पर लगाया जाता है । यह एक आम घरेलू नुस्खा है ।

10 . एक नजर लहसुन के इतिहास पर । लहसुन के इतिहास की कहानी

ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने से पहले यूनान के खिलाड़ी बहुत सारा लहसुन खाते थे । ताकत तथा रफ्तार दोनों के लिए लहसुन का इस्तेमाल करते थे । यूनान के सैनिक भी युद्ध पर जाने से पहले ज्यादा लहसुन खाते थे ।

हिम्मत बढ़ाने के लिए भी लहसुन को खाया जाता है । लेसुन से शरीर बलवान बनता है । इसे एक अच्छा बल माना जाता है । बाहय जादू को काटने वाला एक देवीय की जादू भी लहसुन में मौजूद होता है ।

11 . Pliny The Elder के अनुसार लहसुन का महत्व

रोम के प्रगतिवादी तथा दार्शनिक Pliny The Elder के अनुसार मिस्र में शपथ लेते वक्त लहसुन की पूजा की जाती थी । कुछ ऐसी थी लोगों में लहसुन के प्रति श्रद्धा । उसकी ताकत में विश्वास था ।

12 . आचार्य चरक के अनुसार लहसुन है रामबाण दवा

ईसा मसीह से 300 साल पूर्व आयुर्वेद के जनक आचार्य चरक ने लेसुन को हृदय का टॉनिक बताया ।उनके अनुसार यह रक्त की तरलता को बनाए रखता है तथा हृदय को स्वस्थ बनाए रखने का काम करता है ।

13 . दुध तथा लहसुन लेने के फायदे। लहसुन के औषधीय गुण

लहसुन के औषधीय गुण – लहसुन और दूध। यूनानी चिकित्सा पद्धति में लहसुन को एक विशेष स्थान प्राप्त है । दूध में लहसुन की कलियों को उबालकर के सिरपाक बनाया जाता है । जिसे ह्रदय तथा रक्त प्रणाली के लिए टॉनिक माना जाता है । यह केरल राज्य में अब भी बहुत ज्यादा ही प्रचलित माना जाता है । दूध और लहसुन के फायदे।

14 . जोड़ों के दर्द तथा सूजन के लिए लहसुन का प्रयोग

लहसुन से उपचार – लहसुन का रस जोड़ों के दर्द तथा सूजन में भी बहुत ज्यादा ही कामगार साबित होता है । बदन दर्द तथा सिर दर्द के साथ में भी लहसुन का प्रयोग किया जाता है । पेट की बीमारी के लिए बुखार में गले में खराश के लिए के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

15 . हृदय के रोगों के लिए रामबाण दवा लहसुन

लहसुन खाने के लाभ – लहसुन हमारी रसोई तथा दवा का बहुत बड़ा हिस्सा ही है । लहसुन को महा गुणकारी माना गया है । इसमें सल्फर के कण पाए जाते हैं जो कि हमारे रक्त को शुद्ध करने का काम करते हैं । यह हमारे हृदय को स्वस्थ रखने का काम करते हैं और रोग से बचने की क्षमता को बढ़ाते हैं ।

शरीर में किसी भी संक्रमण से रक्षा करते हैं । क्या इसी कारण से लहसुन को प्राचीन काल से ही इतना अच्छा माना जाता है । वनस्पति शास्त्री क्यों इसको देखो अजीब मानते हैं ।

16 . लहसुन के अंदर कौन सा रसायन पाया जाता है ?

लहसुन में क्या पाया जाता है लहसुन में गंध का कारण – आज के अत्याधुनिक वैज्ञानिक क्यों इसके रसायन पर खोजबीन कर रहे हैं । लहसुन की अनोखी रसायन जटिलता है । पूरा लहसुन तथा साबुत कली में मेहक नहीं होती है । उसके अंदर गंधक का एक मॉलिक्यूल मौजूद होता है जिसका नाम Alliin है । लहसुन में गंध का कारण Alliin होता है ।

यह मेहक वाला नहीं होता है । लेकिन जब काटते हैं या फिर कुछ और करते हैं तब बात बदल जाती है । लहसुन की कली के अंदर ही एंजाइम बदलता है और बनता है Allicin ।

Allicin तेज महक वाला रसायन होता है । रसायन क्रिया यहीं पर रूकती नहीं है । एलीन से एलीसिन बनता है । फिर गंधक के चार और कंपाउंड बनते हैं । लहसुन में क्या पाया जाता है

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17 . लहसुन खाने के बाद मुंह से दुर्गंध क्यों आती है ?

लहसुन खाने के बाद मुंह से दुर्गंध क्यों आती है ? – जब हम लहसुन खाते हैं तब इन्हीं रसायनों के कारण श्वास में आती है महक और दुर्गंध । जब हम लेसुन खाते हैं तब उसके चारों ओर सल्फर के बहुत ही कम वाष्पशिल कंपाउंड मौजूद होते हैं ।

लहसुन के चार कंपाउंड में से तीन तो आसानी से विघटित हो जाते हैं। लेकिन एक कंपाउंड विघटित नहीं हो पाता है। जिसका नाम Allyl Methyl Sulphide .
Allyl Methyl Sulphide आंतों में से शरीर के दूसरे अंदरूनी अंगों में चला जाता है ।

फिर हमारा शरीर इस तेज रसायन को पसीने तथा मूत्र के द्वारा बाहर निकालता है जिससे कि हमारी स्वास में दुर्गंध आती है । लहसुन खाने के बाद मुंह से दुर्गंध आती है

18 . क्या लहसुन का संबंध असुरों तथा शैतान से जुड़ा हुआ है ?

हिंदी पौराणिक कथाओं में लहसुन का रिश्ता असुरों से जुड़ा हुआ है तो इस्लाम धर्म में शैतान से इसका नाता जुड़ा हुआ है ।

स्वर्ग के बगीचे गार्डन ओफ इडन से शैतान को निकाला गया । जिस जगह पर उसका बायां पैर जमीन पर पड़ा वहां से उगा लहसुन का पौधा ।

19 . मुसलमान मस्जिद में नमाज अदा करने से पहले लहसुन क्यों नहीं खाते हैं ?

क्या इसी मान्यता के अनुसार मुसलमान मस्जिद में नमाज अदा करने से पहले लहसुन नहीं खाते हैं । बौद्ध तथा जैन धर्म के अनुयाई भी लहसुन से परहेज करते हैं । उनके लिए यह तामसिक तथा गरम मसाला है ।

जो कि इंद्रियों को वश में नहीं रहने देता है । लहसुन किसी के लिए असेहनिय बदबू होती है तो किसी के लिए मुंह में पानी लाने वाली महक होती है ।

लहसुन के प्रति कोई भी उदासी नहीं रह सकता है । फिर चाहे बिल्कुल विपरीत प्रतिक्रिया ही क्यों ना हो । वनस्पति शास्त्रों के लिए लहसुन क्या है उनकी नजर में यह कैसा पौधा है ।

पोधै अद्भुत होते हैं । वह चल नहीं पाते हैं । यदि पौधे को अपनी रक्षा करनी है तो उसे वही पर उसी जगह पर डटे रहना होगा । किसी भी पौधे की तरह लहसुन भी खतरे से भाग नहीं सकता है । उसे डटकर मुकाबला करना होता है । वरना उनका अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा ।

एक्सपर्ट मानते हैं कि लहसुन के विकास क्रम के दौरान लहसुन पर भी बहुत सारे हमले हुए हैं । बैक्टीरिया तथा दूसरे शत्रुओं से बचाव की जरूरत पड़ी इतपाक से इसमें बदलाव आया । उसने किया सामना कि अपने दुश्मनों का और बनाया तेज सल्फर वाला रसायन ।

इस तरह के रसायन पौधे के बढ़ने के लिए भी जरूरी होते हैं लेकिन यह है सेकेंडरी मेटाबोलाइज्ड पौधे की रक्षा करने तथा बढ़वार के लिए भी जरूरी होते हैं ।

20 . लहसुन लहसुन की कली से दूर क्यों होता है ? एक कली का लहसुन

लहसुन की कली को जब छिलते हैं तब नजर आती है वह थेली जहां पर यह रसायन छिपे हुए होते हैं । यदि पौधे की इन कंपाउंड को पौधे से अलग नहीं रखते हैं तो यह आपस में मिलकर के पौधे को ही मार देते हैं । जिससे हम पौधे की आत्महत्या कहे सकते हैं ।

लहसुन की कली में गंधक का पाउच होता है जो कि विशेष थैलियों में बंद होता है । यह एक तरह का एटम बम होता है ।

21 . लहसुन एक ऐसा मसाला जो कुचलने पर देता है मेहक

लहसुन खाने का सही तरीका। लहसुन की तासीर लहसुन का सबसे अच्छा तथा ताजा स्वाद लहसुन की कली को कुचलने पर ही प्राप्त होता है । जब तक हम लहसुन की कली को कुचलते नहीं है तब तक ना ही वह मेहक देगी तथा ना ही स्वाद देगी ।

लहसुन में मौजूद गंधक कंपाउंड तेल में मिल करके उसे अपनी एक अलग ही मेहक प्रदान करते हैं । लहसुन के स्वाद को शब्दों में बताना बहुत ही मुश्किल है ।

22 . लहसुन को संस्कृत में क्या कहते हैं ?

संस्कृत में लहसुन को रसोना ( Rasona ) नाम मिला है । यह नाम इसके जटिल स्वाद से जुड़ा हुआ है । हमारे परिचित 6 स्वाद में से पांच स्वाद लहसुन में होते हैं । संस्कृत में लहसुन को रसोना कहते हैं।

लहसुन की उत्पत्ति कैसे हुई ? लहसुन का जन्म कैसे हुआ ?

23 . लहसुन में कौन कौन से पांच स्वाद मौजूद होते हैं ?

लहसुन में कौन कौन से पांच स्वाद मौजूद होते हैं ? लहसुन में मिठास , कड़वाहट ,तेजी , कसेलापन और नमकीन स्वाद होता है । सिर्फ एक खट्टापन लहसुन में नहीं होता है ।

लहसुन का जन्म मध्य एशिया में हुआ । आज से कोई 7000 साल पहले हुआ था । अपने आसपास के परिवेश के अनुसार वह ढलता गया । इंसानों ने इसका प्रयोग सीखा स्वाद तथा अच्छाई के लिए ।

खेती में इसका प्रयोग आवश्यकता से डालते गए इसके प्रयोग । यह खानों का विकास क्रम लहसुन तथा इंसान के बीच का । हमारे पूर्वजों के पास ज्ञान तथा समझ दोनों थे । उन्हें इनके गुणों के तथा असर के बारे में पता था ।

हमारे पूर्वज लहसुन के गुण जान गए थे । इसीलिए तो इसका प्रयोग ना सिर्फ खाने के लिए अपितु दवा के रूप में भी लेते थे । सूक्ष्म जीव विज्ञान के जनक लुई पाश्चर ने रोग के प्रति दुनिया के सामने नजरिया ही बदल दिया ।

उन्होंने सूक्ष्म जीवों पर विस्तृत काम किया । उनके गुणों का विश्लेषण भी किया और उन्होंने साबित कर दिया कि इस मसाले में सूक्ष्म जीव को मारने वाली क्षमता मौजूद है ।

24 . प्रथम विश्वयुद्ध में खूब इस्तेमाल हुआ लहसुन

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रूसी सेना ने घाव के उपचार के लिए लहसुन का प्रयोग किया था । एंटीबायोटिक की तरह उन्होंने लहसुन का प्रयोग किया । दूसरे विश्वयुद्ध के समय पेनिसिलिन की खोज हो चुकी थी

उसकी मात्रा इतनी कम उपलब्धि जिसके परिणाम स्वरूप फिर से लहसुन का प्रयोग किया गया । क्योंकि पेनिसिलिन बहुत ही सीमित मात्रा में था ।

25 . लहसुन को मिली रशियन पेनिसिलिन की उपाधि

रशियन पेनिसिलिन की उपाधि – लहसुन उनको इतना उपयोग में लिया गया दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान कि उसे रशियन पेनिसिलिन उपाधि मिल गई । इंसानों के स्वास्थ्य के लिए हल्दी से भी बेहतर माना जाता है लहसुन को ।

यह कथन शोध विश्लेषण तथा वैज्ञानिक गुणों पर टिका हुआ है । जिसके आधार पर ही लहसुन को हल्दी से बेहतर समझा जाता है ।

दुनिया भर की प्रयोगशालाओं में लहसुन के एंटीबायोटिक गुणों पर प्रयोग चल रहे हैं तथा उन पर रिसर्च हो रही है । कीटाणु रोग तथा खाना खराब होने के मुख्य कारण माने जाते हैं ।

26 . लहसुन में कौन सा कंपाउंड मौजूद होता है ? लहसुन में कौन सा रसायन होता है ?

लहसुन खाने का सही तरीका – गंधक से भरा हुआ यह मसाला एक एंटीबायोटिक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है । लहसुन के यह रसायन सूक्ष्म जीव के कोशिकाओं की बाहरी परत को तोड़ कर के उन्हें नष्ट कर देते हैं ।

आज के समय में बहुत सारी खतरनाक कथा गायक बीमारियों का इलाज मसाला जगत में भरा पड़ा है हमें विज्ञान की तकनीकों से उन्हें जानना समझना तथा उन पर अमल करना है ।

किसी भी नई दवा की खोज का रास्ता जटिल तथा लंबा होता है । अनगिनत परीक्षण किए जाते हैं तथा कुप्रभाव पर भी टेस्ट किए जाते हैं । प्रोटोकॉल तथा सिलसिलेवार जांच की जाती है ।

लेकिन आशा है कि हमारी मशाल दानी के लहसुन में ही बहुत खूब छुपा हुआ है । हम पारंपरिक खाना बनाते समय भले ही लहसुन के गुण भूल गए हैं । वैज्ञानिक बताते हैं कि मसालेदार पारंपरिक खाना हमारी छोटी आंत को बहुत ही फायदा पहुंचाता है ।

उसके अंदर की सतेह का विकास ज्यादा होता है । उसके उंगली नुमा विलाय बढ़ते हैं । जिनका काम होता है पोषण को अवशोषित करना । विलाय का बड़ा भाग पोषण को सोख लेता है ।

27 . लहसुन में कौन-कौन से तत्व पाए जाते हैं ?

लहसुन में मौजूद से तत्व – लहसुन में पोषण भी कुछ कम नहीं होता है । प्रोटीन फास्फोरस , पोटाश , कैल्शियम , मैग्नीशियम और कार्बोहाइड्रेट सभी इसमें मौजूद होते हैं ।

28 . दुनिया में सबसे ज्यादा लहसुन कौन सा देश उत्पादित करता है ?

दुनिया में सबसे ज्यादा लहसुन की खेती – लहसुन एक प्राचीन मसाला है । देश के 25 वर्ग किलोमीटर में लहसुन की खेती होती है । अकेला भारत 7000 टन लेसुन उत्पादित करता है । पूरी दुनिया में चीन लहसुन उत्पादन से में सबसे आगे है ।

29 . बुरी आत्माओं को दूर भगाता है लहसुन

एक समय इंसान को यकीन था कि इंसान की बीमारी का एक कारण बुरी आत्माएं भी होती है । तब से लेकर आज तक लहसुन उनको करिश्माई तथा एक जादुई पौधा का नाम मिला है ।

यह बुरी आत्मा को दूर करने में तथा कीटाणु को मारने में शरीर को स्वस्थ बनाने में लहसुन का प्रयोग होता है ।

लहसुन खाने के फायदे। पुरुषों के लिए लहसुन लाभ। लहसुन के औषधीय गुण।

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