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दिल्ली फिर बनी अपराध की राजधानी साइबर क्राइम में यूपी नंबर वन

NCRB Report: Delhi Becomes Crime Capital Again, UP Number One In Cybercrime

अपराध की राजधानी दिल्ली

भारत की राजधानी दिल्ली बड़े ही मुश्किल दोर से गुजर रही है । एक ऐसा शहर जो हर पल बड रहा है । फैलते फैलते पडोसी राज्य तक पहुंच चुका है । यहां की जनसंख्या रुकने का नाम ही नहीं ले रही है ।

दिल्ली फोर्स पुलिस के 81000 पुलिसकर्मी दिन रात 24 घंटे , साल के 365 दिन अपनी ड्यूटी निभाते हैं । सड़कों पर रात भर पेट्रोलिंग करना , हमेशा सतर्क रहना और अपराधियों को पकड़ना वह अपनी हर संभव कोशिश करते हैं ।

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इसमें हम जानेंगे कि भारत की राजधानी दिल्ली में पुलिस फोर्स में होना कोई आम बात नहीं है । बहुत ही कठिन काम है । दिल्ली में प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 869 है । हाल ही के कुछ सालों में औरतों की संख्या में अपराधों की गिनती कुछ ज्यादा ही बड़ गई है

क्योंकि यह शेहर बहुत ही अनप्लान तरीके से बना हुआ है । यहां पर बहुत सारे अंधेरे कोने तथा गलियां है और देर रात अपराधी इसी बात का नाजायज फायदा उठाते हैं ।

दिसंबर 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप के घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस बहुत ज्यादा ही सतर्क हो गई है। पुलिस ने अपनी निगरानी और बढ़ा दी है ।

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क्योंकि यहां की पॉपुलेशन बहुत ज्यादा होने के कारण पुलिस भी हर जगह तथा हर घटनाक्रम पर पहुंचने में सक्षम नहीं होती है और यह असंभव हो जाता है जनसंख्या के कारण ।

2018 में औरतों के साथ हुए 3000 क्रिमिनल केस रजिस्टर हुए । औरतों की सुरक्षा आज दिल्ली पुलिस का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है । क्योंकि यहां औरतें इतना असुरक्षित महसूस करती है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते ।

एक अकेली औरत कहीं पर भी बाहर नहीं जा सकती । यदि वह कहीं जाने की सोचती है तो 7 बार सोच कर के बाहर कदम रखती है

रात के 9:30 के बाद तो हालत और भी खराब हो जाती है। इस समय लगभग मार्केट बंद होने लगता है और उसके बाद में कोई भी औरत बाहर निकलना की तो सोच भी नहीं सकती । यानी कि रात के समय बहुत ज्यादा ही महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के आंकड़े तथा मामले आते हैं जो की बहुत ही गंभीर विषय है ।

रात के समय पुलिस फुट पेट्रोलिंग , पीसीआर वैन इसके साथ शहर में चक्कर लगाती रहती है । दिल्ली पुलिस फोर्स में महिला पुलिसकर्मी भी रात के समय ड्यूटी पर रहती है , ताकि कोई महिला का केस नजर आए तो वह उनसे बात करने में हिचकिचाहट महसूस ना करें ।

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कुछ बातें ऐसी होती है जो कि महिलाएं पुलिस को नहीं बता सकती है । महिलाएं उन बातों को बताने के लिए लेडीस पुलिस भी दिल्ली पुलिस के साथ में रहती है ताकि पूरे मामले की सही से पहचान हो सके ।

सन 2018 में दिल्ली में 703 रेप केस तथा 1100 केस औरतों की किडनैप के दर्ज हुए थे । यह सोचकर ही हमारा दिल दहल जाता है । छेड़छाड़ मारपीट के इन अपराधों की लिस्ट कभी खत्म नहीं होती है ।

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बच्चों के लिए खतरा और भी ज्यादा है। खासकर उन बच्चों के लिए जो की सड़कों पर रहते हैं । ओस्तन दिल्ली से हर रात एक बच्चा अगवा किया जाता है ।

अपहरणकर्ता उम्र देख कर के लड़की को नहीं फसाते हैं । लड़की चाहे किसी भी उम्र की हो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता । यह प्यार का झूठा झांसा दे करके उन्हें फंसाते हैं ।

2018 में औरतो ने अपने ही परिवार तथा करीबी दोस्तों के खिलाफ 828 रेप केस फाइल करवाएं । जबकि लोग ऐसे केस जल्दी रिपोर्ट नहीं करवाते हैं ।