निमोनिया के लक्षण कारण घरेलू उपाय इलाज और परहेज। Pneumonia के घरेलू उपचार के बारे में।

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छोटे बच्चों में निमोनिया के लक्षण। chhote bacchon mein nimoniya ke lakshan

निमोनिया कैसे होता है, nimoniya kaise hota hai आइए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं, कि निमोनिया के घरेलू उपचार कैसे किया जा सकता है। किसी भी आम व्यक्ति के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, तो जी हां हम बात करने वाले हैं।

Pneumonia के घरेलू उपचार के बारे में क्योंकि निमोनिया की अवस्था में lungs और फेफड़ों में पानी भर जाता है। निमोनिया लक्षण इन हिंदी जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इसके अलावा आप यह भी जानते हैं।

क्या कि यह बच्चों के अलावा बुड्ढे लोगों को भी हो सकती है, इसीलिए निमोनिया की सही समय पर जांच करवाना बहुत ही जरूरी होता है।

आइए अब हम आपको निमोनिया के लक्षण कारण और घरेलू उपचार के बारे में बताते हैं।

1 निमोनिया क्या है.what is pneumonia in Hindi
2 निमोनिया के लक्षण pneumonia symptoms
3 छोटे बच्चों में निमोनिया के लक्षण pneumonia symptoms in children
4 निमोनिया के प्रका pneumonia types
5 निमोनिया के कारण pneumonia causes
6 निमोनिया के घरेलू उपचार home Remedies for pneumonia in Hindi

1 निमोनिया क्या है, nimoniya kya hai निमोनिया कैसे होता है, nimoniya kaise hota hai

निमोनिया होना आज एक आम बात हो चुकी है, और पूरी दुनिया में बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण pneumonia है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार हर साल लगभग 110000 बच्चे जिनकी उम्र 5 वर्ष से भी कम होती है। निमोनिया से मर जाते हैं, काफी दर्दनाक आंकड़े हैं।

1 इसका कारण है health education लोगों को पता ही नहीं चलता है कि pneumonia हो चुका है। Health education के अभाव में ना जाने कितने चली जाती हैं।

2 निमोनिया होने का मुख्य कारण stripped off crocs नामक एक बैक्टीरिया होता है, stripped off crocs निमोनिया नाम का जो हमारे फेफड़ों को infected करके हमारी सांस लेने की प्रणाली को प्रभावित करता है।

3 हमें कभी कभी किसी flu virus के कारण भी nimonia हो सकता है। निमोनिया का जो कीटाणु होता है। वह अवसरवादी होता है। इसके लिए जब आपका immunity system कमजोर होता है, तो यह आपको तेजी से चपेट में ले लेता है।

4 जिन की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, यह उन पर तेजी से आक्रमण करता है। निमोनिया एक जानलेवा बीमारी है, इसीलिए जल्दी से जल्दी इसकी जांच और इलाज दोनों करवाना चाहिए।

2 निमोनिया के लक्षण nimoniya ke lakshan

1 निमोनिया के शुरुआती लक्षण साधारण सर्दी जुकाम जैसे ही होते हैं, फिर से कई बार गलतफहमी हो जाती है। सर्दियों के मौसम में बारिश के मौसम में या फिर जब मौसम का परिवर्तन होता है।

2 सर्दी से गर्मी की ओर गर्मी से सर्दी की ओर तो ऐसी स्थिति में निमोनिया होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में infection ज्यादा फैलते हैं। गंदगी से allergy से भी pneumonia हो सकता है

3 bacteria virus बच्चों और बूढ़ों को अपनी चपेट जल्दी में लेता हैं। जिन बुजुर्ग और युवाओं को अस्थमा और फेफड़े से संबंधित बीमारियां रहती है। उन्हें निमोनिया होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

4 निमोनिया तंत्रिका तंत्र से जुड़े हुए एक बीमारी है। रिसर्च के अनुसार हमारे देश में लगभग साढे चार करोड़ लोग निमोनिया से पीड़ित है। जिसकी रोकथाम के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।

5 बेहद आवश्यक है, ज्यादातर निमोनिया की बीमारी दो से 3 सप्ताह में ठीक हो जाती है, लेकिन बुजुर्गों और बच्चों में यह बीमारी जल्दी से ठीक नहीं हो पाती है। उन्हें ठीक करने के लिए जरूरी चिकित्सा की आवश्यकता होती है।

6 निमोनिया तब तक एक बीमारी की शक्ल ले लेता है, एक बड़ी बीमारी की शक्ल लगता है। जब सांस के जरिए निमोनिया के वायरस आपके शरीर में चले जाते हैं।

7 निमोनिया के वायरस आपके शरीर में चले जाते हैं, तो आप के फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं। इसके बाद आपको cold flu होने लगता है। बुखार आता है, और इस बीमारी में आपके फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं।

8 आपके फेफड़े बैक्टीरिया से लड़ने का प्रयास करते हैं। परंतु लड़ते-लड़ते थक जाते हैं। सर्दी का लगना बहुत ही खतरनाक होता है। सर्दी में यह बीमारी तेजी से फैलती है।

4 छोटे बच्चों में निमोनिया के लक्षण chhote bacchon mein nimoniya ke lakshan

निमोनिया एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज अगर हम समय पर नहीं करवाते हैं, तो इसका सही होना बहुत ही मुश्किल हो जाता है,इसीलिए अब हम आपको बताते हैं, कि छोटे बच्चों में pneumonia के क्या क्या लक्षण होते हैं।

अगर आपके बच्चे को भी pneumonia जैसी बीमारी है, तो आप इस बीमारी को कैसे पहचानेंगे। अलग-अलग उम्र के बच्चों में अलग-अलग प्रकार से pneumonia के लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे कि अगर किसी का बच्चा 1 महीने का है।

तो उसको 30 से 40 बार ही उसका दिल धड़कता है अगर आपका बच्चा 2 से 3 महीने का है, तो आपके बच्चे का दिल 40 से 50 बार धड़कता है। अगर इससे ज्यादा आपके बच्चे की hard speed तेज हो रही है।

तो इसका मतलब उसे कोई अपने कोई बीमारी जरूर है। अगर आप अपने बच्चे को दूध पिलाते हैं, और उस वक्त वह तेजी से सांस लेता है।

या फिर तेज सांस लेने की वजह से वह दूध नहीं पी पाता तो, इसका मतलब उसे कोई ना कोई बीमारी जरूर है। इसके भी कई कारण हो सकते हैं।

अगर आपके बच्चे को सर्दी जुकाम है, तो उसके सांस लेने की पाइप बंद हो जाती है। जिसके कारण उसे सांस लेने में परेशानी होती है।

इसका दूसरा कारण यह भी हो सकता है, कि अगर आपके बच्चे ने दूध पी लिया हो, और उसे डकार अच्छे से नहीं आती हो तो, वह दूध उसके ऊपर उसकी beeping pipe को ब्लॉक कर देता है। उसे सास नहीं मिल पाता है, और वह जोर-जोर से सांस लेता है।

सर्दी जुकाम के कारण अगर आपके बच्चे का नाक खुला हुआ नहीं होता है, तो इससे भी वह जोर-जोर से सांस लेना प्रारंभ कर देते हैं।

neumonia के मामले में बच्चे का सांस जल्दी-जल्दी चलने का reason होता है। उसके फेफड़ों का infection होता है। सांस चलने के अलावा जब बच्चे सांस लेते हैं,

उनकी छाती पर गड्ढे का निशान बनता है। उसे आप ध्यान से और करेंगे तो पता चलेगा, और nimoniya के case में सास चलते हैं। कई बार बच्चे को फीवर भी हो जाता है। बच्चे दूध पीना भी छोड़ देते हैं।

मैं आपको बता दूं, कि निमोनिया एक जानलेवा disease है। इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। जब भी आप बच्चे में इस तरह के simtest देखते हैं, यह pneumonia के simtest है, फिर भी आप डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

5 निमोनिया के प्रकार type of pneumonia

आपने निमोनिया के बारे में तो सुना ही है, लेकिन कभी भी आपने यह नहीं सुना होगा, कि निमोनिया कितने प्रकार का होता है, तो आज हम आपको बताते हैं कि pneumonia कितने प्रकार का होता है।

Nimonia चार प्रकार का होता है। इसके अलावा निमोनिया बहुत ही खतरनाक बीमारी होती है, इसीलिए अगर आपके किसी को भी निमोनिया जैसी बीमारी है, तो आप इसका जल्दी से जल्दी इलाज कराएं निमोनिया के विभिन्न प्रकार है।

1 बैक्टीरियल निमोनिया (Bacterial Pneumonia)
2 माइकोप्लाज्मा निमोनिया (Mycoplasma Pneumonia)

  1. एस्पिरेशन निमोनिया (Aspiration Pneumonia)
    4 वायरल निमोनिया (Viral Pneumonia
    5 फंगल निमोनिया (Fungal Pneumonia) निमोनिया के घरेलू उपचार nimonia ke gharelu upchar

1 तुलसी निमोनिया में किस प्रकार फायदेमंद होती है
Tulsi home Remedies for pneumonia

2 निमोनिया का घरेलू इलाज लहसुन से Garlic home Remedies to treat

3 निमोनिया में अदरक के फायदे nimoniya mein adrak ke fayde

4 निमोनिया में शहद के फायदे Pneumonia mein shehad ke fayde

5 निमोनिया के उपचार में मेथी से लाभ methika home Remedies for pneumonia

6 हल्दी से निमोनिया का घरेलू उपचार turmeric home Remedies to cure

1 तुलसी निमोनिया में किस प्रकार फायदेमंद होती है
Tulsi home Remedies for pneumonia

इसके लिए आपको 20 ग्राम तुलसी के हरे पत्ते लेने होंगे। इसके अलावा पांच काली मिर्च के दाने लेने होंगे, और इन दोनों को पीसकर पानी में मिलाकर पीने से आपको निमोनिया में बहुत ज्यादा फायदा होता है।

यह बहुत ही आसान तथा घरेलू उपाय हैं। अगर आप 20 ग्राम तुलसी के पत्ते लेकर, उसमें पांच कालीमिर्च के दाने पीस कर, उसका पाउडर बनाकर इसका सेवन करते हैं, तो इससे आपको बहुत जल्दी फायदा मिलता है।

2 निमोनिया का घरेलू इलाज लहसुन से Garlic home Remedies to treat

इसके लिए आपको एक कप दूध में चार का पानी डालना है। उसके बाद उसमें आधा चम्मच पिसा हुआ लहसुन डालना है। इसके बाद इसे अच्छे से उबाल लें, और इसे तब तक उबालें।

जब तक कि पानी का एक चौथाई ही ना रह जाए। इस मिश्रण का सेवन आपको दिन में तीन बार करना है। इसके अलावा पिसे हुए लहसुन की कलियों को नींबू रस में समान मात्रा में मिला लीजिए।

इस मिश्रण का सेवन दो से तीन चम्मच कीजिए। इसके अलावा छाती पर लहसुन और नींबू का पेस्ट लगाने से आपको काफी फायदा मिलता है। इसके अलावा अदरक की चाय पीने से भी निमोनिया में काफी फायदा होता है।

इस विधि को तैयार करने के लिए आपको पांच बूंद लहसुन का रस निकाल लीजिए। इसके बाद इसमें दो बूंद शहद मिला लीजिए। अब आप इन दोनों चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लीजिए।

इस पेस्ट को बना लीजिए। इसके बाद आपको इस मिश्रण को दिन में एक बार अपने बच्चे को पिलाना है। इससे आपके बच्चे का निमोनिया रोग बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा।

इसके बाद बार-बार होने वाले निमोनिया से आपका बच्चा सुरक्षित रहेगा, इसीलिए अगरआपका बच्चा निमोनिया से बहुत ज्यादा बीमार रहता है, तो इसके लिए आप यह घरेलू उपचार कर सकते हैं।

इससे आपको बहुत फायदा मिलता है, आपको इस नुस्खे का प्रयोग तब तक करना है। जब तक आपके बच्चे में निमोनिया के लक्षण दिखाई देते हैं। यह नुस्खा बहुत ही कारगर है।

3 निमोनिया में अदरक के फायदे nimoniya mein adrak ke fayde

इस उपाय को करने के लिए आपको अदरक का प्रयोग करना होगा। सर्दियों में अदरक अदरक से काफी फायदा होता है। निमोनिया हो जाने पर मरीज को गर्म पानी में अदरक के टुकड़े मिलाकर पिलाना चाहिए।

इसके अलावा गर्म पानी में अदरक का रस मिलाकर के भी पिला सकते हैं। यह संक्रमण को कम करता है। इसे करने से संक्रमण जल्दी दूर होता है‌।

4 निमोनिया में शहद के फायदे Pneumonia mein shehad ke fayde

इसके लिए आपको एक कप पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर pneumonia के मरीज को खिलाइए शहद में antifungal, antibacterial तत्व होते हैं

इसके साथ ही इसमें एंटी ऑक्सीडेंट काफी मात्रा में पाया जाता है। यह में होने वाली खांसी को ठीक करता है, इसीलिए नमूने में शहद बहुत ही कारगर होता है।

5 निमोनिया के उपचार में मेथी से लाभ methika home Remedies for pneumonia

इसके लिए आपको मेथी का इस्तेमाल करना होगा। निमोनिया में मेथी बहुत ही ज्यादा गुणकारी होती है। न्यूमोनिया होने पर मेथी को उबालकर पानी को जान लीजिए।

और उसमें थोड़ा शहद मिलाकर मरीज को पिलाई है। दिन में दो से तीन बार यह उपाय करने से बुखार में राहत मिलती है।

6 हल्दी से निमोनिया का घरेलू उपचार turmeric home Remedies to cure

निमोनिया होने पर दूध में एक चम्मच हल्दी का पाउडर मिलाकर पीने से काफी फायदा होता है। हल्दी में भी एंटी anti implement oil aur anti-bacterial होते हैं।

जो किसी भी तरह के संक्रमण को कम करता है, और दर्द में भी राहत पहुंचाता है, और यह सांस से संबंधित समस्याओं को हल करता है, और हमारी छाती में जमे हुए जाले और खुजली को समाप्त करता है‌।

इसीलिए अगर आपको भी नमूने जैसी शिकायत रहती है, तो आपको इस नुस्खे का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। यह आपके लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। निमोनिया के लक्षण कारण घरेलू उपाय इलाज और परहेज। Pneumonia के घरेलू उपचार के बारे में

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