normal bp kitna hota hai. bp kitna hona chahiye. ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए नार्मल ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए

मानव शरीर को science में और ayurveda में दोनों में ही बहुत ही ज्यादा complicated बताया गया है। क्योंकि हमारा मानव शरीर बहुत से system से मिलकर बना हुआ है। अगर हमारे शरीर का एक भी अंग proper तरीके से काम ना करे तो उसका प्रभाव हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है।

हमारे शरीर को तंदुरुस्त रहने और हमारे body के अच्छे से काम करते रहने के लिए important है कि हमारे शरीर का हर अंग और हर system properly work करें। आज के इस article में हम human body यानी कि मानव शरीर के ऐसे ही एक important part या system के बारे में बात करेंगे।

इस article में हम बात करेंगे human blood pressure के ऊपर। इसमें हम आपको बताएंगे normal blood pressure कितना होता है। high bp कितना होता है। high bp क्यों होता है। low bp होने के क्या कारण होते हैं। low bp यानी low blood pressure कितना होता है।

तो चलिए सबसे पहले शुरू करते हैं normal blood pressure से, तो आइए आपको बताते हैं normal blood pressure यानी की normal bp कितना होता है।

BP यानी कि blood pressure ज्यादा और कम होना दोनों ही परेशानी का कारण होते हैं। परंतु अगर blood pressure यानी की bp low हो तो यह सही रहता है। high blood pressure यानी की high BP होने पर शरीर के blood का flow जो होता है वह high pressure से होने लग जाता है। जो कि परेशानी का कारण होता है और वही low bp मे blood कम pressure से flow होने लग जाता है और यह भी problem का कारण होता है।

ऐसे में अगर बात की जाए normal bp यानी blood pressure की तो human body यानी मानव शरीर का normal blood pressure 120/80 mmHg से कम होता है। यह हर उम्र के व्यक्ति के लिए same होता है।

हमारी body के fit रहने के लिए हमारा bp यानी की blood pressure control में रहना बहुत ही जरूरी होता है। ब्लड प्रेशर (blood pressure) की problem लंबे समय तक बने रहने की वजह से कई सारी बीमारियां हो सकती हैं।

blood pressure in hindi . bp in hindi

अब आपको बताते हैं blood pressure क्या होता है? ब्लड प्रेशर (blood pressure) का क्या मतलब होता है? ब्लड प्रेशर होने का मतलब क्या होता है? Blood pressure का मतलब क्या होता है? Blood pressure किसे कहते हैं? ब्लड प्रेशर होने से क्या मतलब होता है?

Blood pressure यानी bp को हिंदी में रक्तचाप कहा जाता है। रक्तचाप या blood pressure का मतलब होता है हमारे body में जो blood flow होता है उसका (pressure) प्रेशर। अगर यह low होता है तब भी परेशानी का कारण होता है और अगर यह pressure high होता है तब भी यह problem का कारण होता है।

अगर proper तरीके से समझा जाए तो blood pressure नसों यानी कि veins में flow होते blood के द्वारा veins की दीवारों यानी walls पर द्वारा डाले गये pressure को कहते हैं।

Heart यानी ह्दय blood को pump करके शरीर के सभी parts में पहुंचाता है । यही blood pump हो कर जब बाकी parts में धमनियों के through जाता है, तब उनपे पड़ने वाले दबाव यानी pressure को ही blood pressure कहा जाता है।

blood pressure range in hindi

अब आपको बताते हैं blood pressure range कितनी होती है? ब्लड प्रेशर रेंज क्या होती है? ब्लड प्रेशर रेंज किस तरह की होती है? Blood pressure range कितनी होती है? ब्लड प्रेशर range क्या होती है? ब्लड प्रेशर range किसे कहते हैं?

Blood pressure range या रक्तचाप को मापने की सीमा जो होती है, वह blood के flow से veins पर पड़ने वाले pressure को मापने की range यानी सीमा होती है। blood pressure range के द्वारा ही blood pressure को नापा जाता है।

Blood pressure के हिसाब से range divide होती है, जिसके behalf यानी कि आधार पर यह मापा जाता है कि blood का pressure high है या low है।

ब्लड प्रेशर लो क्यों होता है bp low kyu hota hai . bp low reasons in hindi. bp low hone ke karan

अब आपको बताते हैं blood pressure low क्यों होता है? Bp low kyu hota hai ? Bp low होने के reasons क्या होते हैं? Bp low hone ke karan क्या होते हैं? Bp low होने के क्या कारण होते हैं? बीपी लो क्यों होता है? किन कारणों से bp low होता है?

Blood pressure होने पर शरीर के बाकी अंगों तक यानी कि heart, दिमाग जैसे अंगों तक ठीक से रक्त (blood) नहीं पहुंच पाता है। जिसके कारण चक्कर आने लग जाते हैं, आंखों (eyes) के आगे andhera छाने लग जाता है और शरीर सुन पड़ने लग जाता है। bp low होने यानी blood pressure low होने के कई सारे कारण होते हैं।

कुछ ऐसे लक्षण (symptoms) यानी कि कारण जिनके आधार पर आप bp यानी blood pressure low होने का पता लगा सकते हैं वह है यह –

1 . पानी की कमी, कई बार शरीर में paani की कमी होने की वजह से भी low bp यानी low blood pressure की problem देखी जा सकती है।

2 . अगर हम दवाइयों का ज्यादा सेवन करते हैं तो दवाइयों के बुरे असर (effect) के तौर पर भी bp low होने की problem हो सकती है।

3 . कई बार surgery या फिर किसी गंभीर चोट के कारण भी bp low की problem देखी जाती है।

4 . कई लोगों को low bp यानी blood pressure low होने की problem genetic होती है यानी कि ऐसे लोगों को यह problem उनके मां-बाप से मिली हुई होती है।

5 . ज्यादा stress लेने की वजह से भी bp low होने की problem होती है।

6 . Drugs के सेवन की वजह से भी blood pressure low होने की pressure देखी जाती है और यह इस condition में बहुत ही ज्यादा खतरनाक होता है।

7 . कई बार हमारी khane से जुड़ी कुछ खराब आदतों की वजह से भी bp low यानी blood pressure low होने की problem होती है।

लो ब्लड प्रेशर कितना होता है

अब आपको बताते हैं low blood pressure कितना होता है? ब्लड प्रेशर low होने पर वह कितना होता है? अगर ब्लड प्रेशर लो होता है तो वह कितना होता है? Low blood pressure कितना माना जाता है? Low ब्लड प्रेशर कितना होता है? Low blood pressure को किस range में बताया जाता है?

Blood pressure का एक particular range डिवाइड होता है, जिसमें high, low और normal category में blood pressure को मापा जाता है। जब normal से blood pressure थोड़ा ज्यादा होता है तो उसे high blood pressure की category में रखा जाता है और वही अगर normal ब्लड प्रेशर से blood pressure थोड़ा कम होता है, तो उसे लो ब्लड प्रेशर कहा जाता है।

Low blood pressure को जानने के लिए, अगर किसी व्यक्ति के blood pressure की reading 90 और 60 की range से कम है तो वह low bp वाले लोगों की श्रेणी (category) में आता है यानी कि उन्हें low blood pressure की problem होती है।

bp low hone par kya kare. लो ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करे. how to control low blood pressure in hindi

ब्लड प्रेशर लो क्यों होता है bp low kyu hota hai . bp low reasons in hindi.

अब आपको बताते हैं bp low होने पर क्या करें? ब्लड प्रेशर low होने पर उसे तुरंत control कैसे करें? How to control blood pressure in hindi ? ब्लड प्रेशर को control होने के लिए क्या करें? Bp low होने पर क्या करें? Blood pressure अगर लोग हो तो उसे तुरंत control कैसे किया जा सकता है?

BP low यानी blood pressure low होने पर उसे तुरंत control करना और normal bp लाना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि ज्यादा लंबे समय तक अगर bp low रहता है, तो यह बहुत ही (serious) गंभीर problem का कारण बन सकता है।

तो आइए आपको बताते हैं bp low होने पर तुरंत उस को control कैसे कर सकते हैं और bp low होने पर क्या करना चाहिए।

Bp low होने पर उसे control करने के लिए सबसे ज्यादा effective यानी असरदार माना जाता है। नींबू पानी को bp low होने पर एक नींबू लेकर एक glass पानी में उसका रस निकाल कर थोड़ा सा namak डालकर उसे पीलें। ऐसा करने से आपको तुरंत आराम मिल जाएगा और आपका bp control हो जाएगा।

बीपी लो होने के नुकसान । ब्लड प्रेशर

अब आपको बताते हैं bp low होने के नुकसान क्या होते हैं? Blood pressure low होने के नुकसान क्या होते हैं? अगर blood pressure लो होते हैं blood pressure low होने पर उसके नुकसान क्या क्या होते हैं? Low bp होने पर उसके नुकसान कौन-कौन से होते हैं?

BP low होने की वजह से हमारी body को कई सारे नुकसान होते हैं और ऐसा खास करके तब होता है जब blood pressure low की problem हमें ज्यादा लंबे समय तक बनी होती है। ऐसे में जरूरी है कि bp low होने पर लक्षणों से उसकी पहचान करके समय पर उसका ilaaj किया जाए और proper treatment लिया जाए।

तो आइए आपको बताते हैं bp low होने की वजह से होने वाले कुछ नुकसान के बारे में।

1 . BP low होने की वजह से लोग होने की वजह से heart fail होने बहुत zyada बढ़ जाते हैं।

2 . BP low होने की problem ज़्यादा लंबे समय तक बनी रहने की वजह से kidney fail हो जाती है।

3 . BP low होने की वजह से nervous system और veins भी damage हो सकती है।

4 . BP low की problem जब लंबे समय तक बनी रहती है, तो उसके कारण stroke और brain disorder जैसी problem भी हो सकती है।

5 . ज्यादा लंबे समय से bp low होने की problem बनी रहने से blood infection भी हो सकता है।

low blood pressure ke lakshan
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण. symptoms of low blood pressure in hindi

अब आपको बताते हैं low blood pressure ke lakshan क्या होते हैं? Low blood pressure के symptoms क्या होते हैं? ब्लड प्रेशर low होने पर क्या लक्षण होते हैं? Blood pressure low होने पर क्या symptoms सोते हैं? ब्लड प्रेशर अगर low होता है तो उसके symptoms यानी लक्षण क्या होते हैं?

Low blood pressure होता है तो उसके कई सारे लक्षण होते हैं, जिनके आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि low blood pressure है। अगर लक्षणों को पहचान कर time पर इसका इलाज शुरू कर दिया जाए तो कई सारी बड़ी problem और गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

तो आइए आपको बताते हैं low blood pressure के कुछ लक्षण यानी symptoms.

1 . चक्कर आना।

2 . आंखों के सामने andhera छाना।

3 . धुंधला दिखाई देना।

4 . ulti जैसा होना।

5 . थकान होना।

6 . हाथ-पैर ठंडे होना।

7 . चेहरा safed पड़ना।

8 . सांस लेने में दिक्कत होना।

9 . खाने में problem होना।

10 . Dil की धड़कन अनियमित होना।

low bp treatment in hindi . bp low treatment in hindi. बीपी लो के घरेलू उपाय

अब आपको बताते हैं low bp का ilaaj कैसे किया जा सकता है? Bp low होने पर क्या treatment होता है? Bp low के घरेलू उपाय क्या होते हैं? बीपी लो का treatment करने के लिए क्या घरेलू upay होते हैं? Bp low होने पर घरेलू उपाय से क्या treatment किया जा सकता है?

Gharelu upay हर तरह की problem या बीमारी में उपयोगी होते हैं। ऐसा इसीलिए के घरेलू upay में हम वही चीज इस्तेमाल करते हैं जो हमारे kitchen में daily use होती हैं और खासकर घरेलू उपायों का fayda यह होता है कि इन से हमारे शरीर को किसी भी तरह कोई नुकसान (side effect) नहीं होता है।

अब बात की जाए low blood pressure यानी कि low bp की तो इसे treat करने के लिए भी कई सारे gharelu upay होते हैं। जिनके द्वारा low bp का treatment किया जा सकता है, तो आइए आपको बताते हैं low bp होने पर कौन से घरेलू उपायों से इसका treatment किया जा सकता है।

1 . Low blood pressure यानी कि low bp होने पर खजूर को doodh में उबालकर उसका सेवन करने से low blood pressure की problem से आराम मिलता है।

2 . अगर अदरक (ginger) में सेंधा नमक और नींबू मिलाकर रोजाना ऐसे थोड़ी थोड़ी मात्रा में खाया जाए, तो इससे bp low होने की problem कम होने लग जाती है।

3 . अगर रोज सुबह भिगोकर किशमिश (raisins) खाई जाए तो इससे भी low bp की problem में आराम मिलता है।

4 . तुलसी के पत्तों के सेवन से भी low bp की problem को ठीक किया जा सकता है क्योंकि तुलसी के पत्तों में यूजेनॉल नाम का antioxidant होता है, जो blood pressure को control करने में help करता है।

5 . आंवला (amla) के सेवन से भी low bp की problem को ठीक किया जा सकता है।

लो ब्लड प्रेशर की अंग्रेजी दवा

अब आपको बताते हैं low blood pressure की अंग्रेजी दवा क्या होती है? Low blood pressure को ठीक करने के लिए अंग्रेजी dawa कौन-कौन सी होती है? Low blood pressure के अंग्रेजी दवा कौन सी होती है? Low blood pressure को ठीक करने के लिए कौन सी अंग्रेजी dawa का इस्तेमाल किया जाता है?

दवाओं का इस्तेमाल तो आजकल हर कोई छोटी छोटी problem के लिए भी करता है, क्योंकि अंग्रेजी दवाइयां जो होती है market में easily available होती है और इनके इस्तेमाल से तुरंत आराम मिलता है। जिसकी वजह से ज्यादातर लोग इन्हें लेना prefer करते हैं।

अब अगर बात की जाए low bp यानी low blood pressure की तो इसके लिए भी makret में कई सारी अंग्रेजी dawa मौजूद हैं। जिनके इस्तेमाल से low blood pressure को ठीक किया जा सकता है। तो आइए आपको बताते हैं low blood pressure के लिए कौन सी अंग्रेजी dawa होती है।

Low blood pressure को ठीक करने के लिए BP-Nol 50mg नामक dawa ली जाती है। यह दो तरह की दवाओं से मिलकर बनी हुई होती है यह दोनों दवाएं beta-blockers है। यह दवा ना केवल bp यानी blood pressure को normal करती है बल्कि blood pressure की वजह से अनियमित दिल की धड़कनों को भी normal करती है।

यह dawa सुबह या शाम किसी भी time ली जा सकती है। परंतु ज्यादातर इसे दिन में दो या एक बार निर्धारित किया जाता है। यह depend करता है इस बात पर कि मरीज (patient) को BP की problem किस तरह से होती है।

bp badhne ke lakshan. high blood pressure ke lakshan

अब आपको बताते हैं bp बढ़ने के लक्षण क्या होते हैं? High blood pressure ke lakshan क्या होते हैं? High blood pressure होने पर किन लक्षणों से पता लगाया जा सकता है? हाई ब्लड प्रेशर यानी कि high bp ke lakshan क्या होते हैं? High bp होने पर किन लक्षणों से पता लगाया जा सकता है?

Blood pressure यानी BP बढ़ने की कई सारे कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से हमें hypertension यानी high BP की problem होती है। high blood pressure की समस्या आजकल बहुत ही आम बनती जा रही है। आजकल हर पांच में से 3 लोगों को hypertension यानी high BP की प्रॉब्लम होती है। हाई बीपी (high BP) को silent killer कहा जाता है क्योंकि blood pressure ज्यादा high होने पर यह stroke या अन्य गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

High blood pressure एक ऐसी condition है जिसमें heart की धमनियों (arteries) में Blood flow काफी तेज़ हो जाता है, जिसे normal करने के लिए दवाइयां लेनी पड़ती है। high blood pressure के लक्षणों को जल्दी पहचान कर इसका ilaaj करना बहुत ही जरूरी होता है।

तो आइए आपको बताते हैं high BP यानी high blood pressure के कुछ लक्षणों के बारे में।

1 . लगातार सिरदर्द होना- जिन लोगों को high blood pressure यानी कि हाइपरटेंशन की problem होती है, उन्हें लगातार सिर दर्द बना रहता है। इसीलिए इसे high blood pressure का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है।

2 . थकान महसूस होना- जिन लोगों को blood pressure high रहता है, उन्हें ज्यादातर थकान महसूस होती है और वह active नहीं रहते हैं।

3 . सीने में दर्द होना- high blood pressure यानी कि hypertension की वजह से सीने में dard की problem भी देखी जाती है। इसीलिए सीने में dard होना भी high blood pressure का लक्षण होता है।

4 . सांस लेने में तकलीफ होना- blood pressure होने पर अचानक से सांस लेने में problem होने लग जाती है और अंदर से घुटन mehsoos होती है।

5 . दिल की धड़कनों (heartbeat) का अनियमित (abnormal) गति से चलना- high BP यानी कि high blood pressure होने पर दिल की धड़कन (heartbeat) बढ़ने लग जाती है और अनियमित गति से चलने लग जाती है।

हाई ब्लड प्रेशर कितना होता है
high bp symptoms in hindi
bp high symptoms in hindi
high blood pressure symptoms in hindi

अब आपको बताते हैं high blood pressure कितना होता है? High BP होने के symptoms क्या होते हैं? High blood pressure के symptoms का क्या होते हैं? High blood pressure के सिम्टम्स कौन-कौन से होते हैं? बीपी हाई होने के symptoms क्या क्या होते हैं?

High blood pressure एक बहुत ही आम जानी वाली बीमारियों में से एक है। यह bimari दिखने में जितनी normal लगती है, उतनी ही ज्यादा गंभीर ( serious) होती है। अगर इस पर ध्यान ना दिया जाए तो इसकी वजह से कई सारी घातक बीमारियां (dangerous diseases) हो सकती है। ज्यादातर high blood pressure यानी hypertension से दिल का दौरा पड़ने का डर रहता है।

हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure कई सारे कारणों की वजह से हो सकता है। blood pressure की rangeअगर 130/80 या उससे अधिक आती है तो यह hypertension यानी हाई ब्लड प्रेशर की range होती है।

High blood pressure यानी की hypertension को पहचानने के यह सभी लक्षण (symptoms) होते हैं। अगर आपको भी लगता है कि आपको high BP या हाइपरटेंशन (hypertension) की परेशानी है तो आप इन लक्षणों (symptoms) की जांच कर सकते हैं।

1 . नाक से खून (blood) बहना।

2 . (headache) सिर दर्द।

3 . सांस लेने में दिक्कत (problem)

4 . चक्कर आना।

5 . सीने में दर्द।

6 . मूत्र (urine) में blood आना।