पीरियड में पपीता खाना चाहिए या नहीं। पपीता खाने के कितने दिन बाद पीरियड आता है। कच्चा पपीता खाने के कितने दिन बाद पीरियड आता है।

Papita khane ke kitne din bad period aata hai . पपीते को लेकर के बहुत सारे मिथक फैले हुए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि पपीता प्रेगनेंसी में खाना सही होता है तो कुछ लोगों का मानना है कि प्रेगनेंसी में पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए । क्योंकि इससे मिसकैरेज का खतरा रहता है । इस बात में कितनी सच्चाई है । आज इसी के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि पपीता खाने के कितने दिन बाद पीरियड आता है ।

प्रेगनेंसी के दौरान पपीता खाने की सलाह बड़े , बुजुर्गों के द्वारा हमेशा से ही यही दी जाती है कि प्रेगनेंसी में पपीता नहीं खाना चाहिए । चाहे कच्चा पपीता हो , चाहे पका पपीता हो दोनों का ही प्रेगनेंसी में सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए अन्यथा यह मिसकैरेज की ओर ले जाता है । ‌

ऐसा इसलिए माना जाता है कि पपीते के लेटेस्क में एक प्रकार का एंजाइम होता है । यह एंजाइम गर्भाशय के संकुचन का कारण बनता है । यदि गर्भाशय संकुचित होता है तो इससे प्रेगनेंसी के दौरान miscarriage का खतरा बना रहता है। ऐसा कुछ लोगों का और डॉक्टर्स का मानना है ।

साल 2002 में वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध के छपे लेख में वैज्ञानिकों ने यह दावा किया कि प्रेगनेंसी के दौरान पका पपीता खाया जा सकता है। लेकिन कच्चा पपीता नहीं खाना चाहिए । उन्होंने यह प्रयोग चूहों पर किया । जिसमें गर्भवती चुहिया को कच्चा पपीता और पका पपीता दोनों खिलाया गया । पका पपीता खाने से चूहों को कुछ भी नहीं हुआ । जबकि कच्चा पपीता खाने से चुहिया को मिसकैरेज हो गया ।

नोट – इस तरह का शोध अभी तक मनुष्य पर नहीं किया गया है । इसलिए अभी तक इसका कोई सटीक प्रमाण नहीं है कि कच्चा पपीता खाने से मिसकैरेज होता है या फिर पक्का पपीता खाने से मिसकैरेज होता है या फिर प्रेगनेंसी में पपीता बिल्कुल भी नहीं खा सकते हैं ।

कुछ लोगों का यह मानना है कि प्रेगनेंसी के दौरान पका पपीता खाने से इससे प्रेगनेंसी पर कोई खतरा नहीं रहता है । जबकि इसके विपरीत कुछ डॉक्टर का ऐसा मानना है कि पका पपीता खाने से गर्भनाल में ब्लड का रिसाव हो सकता है जिससे की प्रेगनेंसी में खतरा उत्पन्न हो सकता है । ‌

नोट – इन सभी बातों को मध्य नजर रखते हुए यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि प्रेगनेंसी के दौरान पपीता का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए । कच्चा पपीता और पका पपीता दोनों का ही सेवन प्रेगनेंसी के दौरान मिसकैरेज का कारण बन सकता है ।

कच्चा पपीता खाने के कितने दिन बाद पीरियड आता है

कच्चा पपीता खाने से पीरियड अर्थात माहवारी पर कोई भी असर नहीं पड़ता है । कच्चा पपीता हो चाहे पका पपीता हो यह पीरियड की डेट को ना ही आगे बढ़ाते हैं और ना ही पीछे ले जाते हैं । पपीता खाने से पीरियड की डेट पर कोई भी असर नहीं होता है । पपीते का असर तो प्रेगनेंसी के दौरान मिसकैरेज के रूप में हो सकता है । पपीते का पीरियड से कोई संबंध नहीं है । कच्चा पपीता खाने के कितने दिन भी बाद पीरियड नहीं आता है । पका पपीता खाने के कितने दिन बाद भी पीरियड नहीं आता है । कच्चा पपीता और पका पपीता पीरियड को प्रभावित नहीं करते हैं ।

papita khane se period aata hai

नहीं , पपीता खाने से पीरियड नहीं आता है । पपीता खाने का पीरियड से कोई लेना देना नहीं है। यदि कोई कच्चा पपीता खाता है या फिर पका पपीता खाता है तो भी पपीता खाने से पीरियड नहीं आता है । पपीते का असर प्रेगनेंसी के दौरान पेट में पल रहे शिशु पर पड़ता है । जिसके कारण शिशु का मिसकैरेज हो सकता है । पपीते का मासिक धर्म से और पीरियड से कोई भी संबंध नहीं होता है । यदि कोई महिला पीरियड की डेट को आगे बढ़ाने के लिए पपीते का सेवन कर रही है तो इससे उस पर कोई असर नहीं होगा । ना ही पीरियड की डेट आगे बढ़ेगी और ना ही पीरियड की डेट से पहले पीरियड आएगा । ‌

कच्चा पपीता खाने से पीरियड आ जाता है । pregnancy me paka papita khana chahiye

नहीं , कच्चा पपीता खाने से पीरियड नहीं आता है । कच्चा पपीता खाने से पीरियड नहीं आता है । हां यह बात बिल्कुल सच है कि पपीते की तासीर गर्म होती है और पपीते के अंदर पाए जाने वाले एंजाइम से गर्भाशय में संकुचन होता है । जिससे कि प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला को खतरा हो सकता है । लेकिन पीरियड के दौरान पपीता कच्चा खाएं या फिर पक्का खाएं उस पर कोई भी फर्क नहीं पड़ता है ।

पीरियड में पपीता खाना चाहिए या नहीं period me papita khana chahiye ya nahi

हां , पीरियड में पपीता खाना चाहिए । पीरियड में पपीता खाना लड़कियों के लिए और महिलाओं के लिए अच्छा रहता है । पीरियड में पपीता खाना सही माना जाता है । पीरियड में पपीता खाने से पीरियड के दौरान होने वाले दर्द में राहत मिलती है। पीरियड के दौरान पपीता खाने से महिलाओं को पीरियड के दौरान होने वाले दर्द में कमी महसूस होती है और महिलाओं को दर्द कम होता है । पपीते के सेवन से महिलाओं का पीरियड cycle सामान्य और नियमित बना रहता है । जिन महिलाओं का पीरियड अनियमित होता है उन्हें पपीते का सेवन करना चाहिए । जिससे कि उनका मासिक धर्म यानी कि पीरियड नियमित बना रहे ।

पपीता खाने से कितने दिन में गर्भपात हो जाता है pregnancy me paka papita khana chahiye

पपीता खाने के बाद कभी भी गर्भपात हो सकता है। पपीता खाने के बाद गर्भपात का कोई निश्चित समय नहीं होता है । पपीता खाने के 1 दिन बाद भी गर्भपात हो सकता है और पपीता खाने के 15 दिन बाद भी गर्भपात हो सकता है , तो पपीता खाने के 1 महीने बाद भी खराब बात हो सकता है । पपीते की तासीर गर्म होने के कारण प्रेगनेंसी में पपीता खाने से महिलाओं को बचना चाहिए । कच्चे पपीते का सेवन तो प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को भूलकर भी नहीं करना चाहिए । क्योंकि कच्चा पपीता तो प्रेग्नेंट महिला को खाना सख्त मना होता है । कच्चे पपीते से तो मिसकैरेज होना लगभग तय होता है ।

pregnancy me paka papita khana chahiye

प्रेगनेंसी के दौरान पका पपीता खाना कुछ हद तक सुरक्षित माना जाता है । लेकिन पपीते का सेवन डॉक्टर की सलाह और परामर्श के बाद ही करना चाहिए । जब तक डॉक्टर इसकी सलाह ना दें प्रेगनेंसी के दौरान पपीते का सेवन बिल्कुल भी ना करें । अन्यथा मिसकैरेज का सामना करना पड़ सकता है ।

कच्चा पपीता खाने से गर्भपात हो जाता है

हां , कच्चा पपीता खाने से गर्भपात हो जाता है । प्रेग्नेंट महिला को अर्थात गर्भवती महिला को भूलकर भी प्रेगनेंसी में कच्चा पपीता नहीं खाना चाहिए । कच्चे पपीते के छिलकों का भी सेवन प्रेगनेंसी के दौरान नहीं करना चाहिए । इससे मिसकैरेज हो सकता है । पपीते के बीजों का तो बिल्कुल भी सेवन नहीं करना चाहिए । पपीते के बीजों का उपयोग मिसकैरेज अर्थात गर्भपात के लिए किया जाता है ।

पपीता खाने से पीरियड papita khane se period

पपीता खाने से पीरियड साइकिल नियमित होता है । पपीते का पीरियड की डेट से कोई भी संबंध नहीं है । पपीता खाने से ना तो पीरियड की डेट आगे बढ़ती है नाही पीरियड देरी से आते हैं और ना ही पीरियड जल्दी आते हैं । अधिकतर महिलाएं पीरियड को जल्दी लाने के लिए पपीते का सेवन करती है तो कुछ मिले पीरियड की डेट को आगे बढ़ाने के लिए पपीते का सेवन करती है । पपीता तो सिर्फ पीरियड साइकिल को नियमित करने का काम करता है ना कि पिरियड की डेट को आगे पीछे करने का काम करता है । यदि किसी महिला के पीरियड अनियमित हैं तो उस महिला को पक्के हुए पपीते का सेवन करना चाहिए जिससे कि उनका पीरियड नियमित बने रहें ।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।