जेल कैसा होता है। जेल के अंदर की जिंदगी कैसी होती है। Prison. Prison system in India.

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जेल कैसा होता है – आज हम जेल की जिंदगी के बारे में बात करेंगे, कि jail के अंदर जिंदगी कैसी होती है,और जेल के अंदर कैदी के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जाता है। कोर्ट जेल के अंदर कौन-कौन सी सुविधाएं कैदी को मिलती है ।

जेल अंदर से काफी बड़ा होता है। उसमें बहुत सारी facility होती है, और जो भी crime करके जेल के अंदर जाता है। उससे काम करवाया जाता है उसी के बदले उसे खाना-पीना मिलता है ।

जेल राज्य सरकार के अधीन काम करता है। जेल की जो पुलिस होती है। normal police से अलग होती है। इसका प्रशासन पूरी तरह से Rajasthan sarkar के अधीन होता है। आप को जेल में police वाले कम मिलते हैं, क्योंकि अंदर के काम कैदी ही करते हैं।

1 कैदी को नंबर कब दिया जाता है-: Kadi ko number kab Diya jata hai

जब शुरुआत में नया कैदी जाता है। तब उसे number नहीं दिया जाता है। जब उनकी सजा ज्यादा दिन की होती है। तब ही उन्हें नंबर दिया जाता है।

जब कोई बहुत बड़ा crime करता है या फिर उसे ज्यादा दिन की सजा होती है। तभी उसे नंबर दिया जाता है‌ 10 से 15 दिन या फिर कुछ दिन की सजा वाले कैदी को नंबर नहीं दिया जाता है।

जेल में भी अलग अलग जगह होती है। जहां पर कैदियों को रखा जाता है, जैसे कि अगर कोई danger Kadi होता है, तो उसे अलग रखा जाता है, और कम सजा वाले कैदी को अलग जगह रखा जाता है।

2 एक कैदी के खाने का खर्च कितना होता है-ek haddi ke khane ka kharcha kitna hota hai

अब हम आपको बताते हैं, कि एक कैदी के खाने का कितना खर्च होता है। जेल में कैदी पर खाने के लिए कितने रुपए खर्च जाते हैं। सभी जगह के अलग-अलग नियम होते हैं‌ अगर हम भारत देश की बात करें, तो यहां पर एक कैदी पर 1 दिन में 52 रू का खर्च होता है। यह जेल के menu के हिसाब से तय होता है।

3 जेल के कैदी को कितनी बजे नाश्ता दिया जाता है-: jail ke kaidi ko kitne baje nashta Diya jata hai

अब हम आपको बताते हैं, जेल में कैदी को सुबह कब नाश्ता दिया जाता है। जेल के कैदी को सुबह 7 बजे nashta दिया जाता है।

4 जेल में कैदी को क्या-क्या खाना दिया जाता है-: jail mein kaidi ko kya kya khana Diya jata haigiraffe in hindi

आप लोगों को यह पता नहीं होगा, कि jail में किस प्रकार का खाना दिया जाता है, तो हम आपको बताते ,हैं कि jail में किस प्रकार का खाना दिया जाता है।

जेल में कैदी को chai दी जाती है। इसके अलावा chane double, roti, bread, biscuit daliya, यह सभी चीजें कैदी को दी जाती है। इसके अलावा यह सभी चीजें जेल में ही बनाई जाती है‌। इसके अलावा दोपहर का खाना उन्हें 11:00 बजे दिया जाता है।

इसमें चार रोटी होती है। इसमें चावल दाल और सब्जी दी जाती है। जेल में दाल बहुत ही पतली बनाई जाती है। जेल में कैदियों को बहुत ही हल्का खाना दिया जाता है।

रात का खाना हमने 5:00 दिया जाता है। जिसमें 6 रोटी होती है, और उसमें चावल नहीं होते हैं‌। दाल और सब्जी होती है। jail में खाना आप अपनी मर्जी से 9:00 बजे तक खा सकते हैं।

इस बात का आप अच्छे से ख्याल रखें, कि वहां पर आपको कोई भी खाना गर्म करके देने वाला नहीं है, क्योंकि वहां पर कैदी खाना बनाते हैं, और खाते हैं जेल में ज्यादातर साधा खाना दिया जाता है, ताकि आप बीमार ना पड़े।

5 जेल का हॉस्पिटल कैसा होता है-: jail ka hospital Kaisa hota hai

जेल का hospital बहुत ही normal होता है। जिसमें छोटी मोटी बीमारी का ही इलाज हो सकता है। कई लोगों को जेल का खाना बहुत ही अच्छा लगता है जब वह आते हैं। तब बहुत ही दुबले पतले आते हैंस लेकिन वापस जाते हैं तब बहुत ही मोटे हो जाते हैं

6 जेल में अपनी जरूरत की चीजें कहां से ले सकते हैं jail mein apni jarurat hai ki chijen kahan se le sakte hain

अब आप यह सोच रहे होंगे, कि जेल में कैदी को अपनी जरूरत का सामान कहां से उपलब्ध होता है, तो यह हम हम आपको बताते हैं, कि जेल में भी एक canteen होता है।

अगर किसी को extra foot खरीदना है। वह वहां से ज्यादा खाना भी प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा अगर आप अपने घर से खाना मंगवाना चाहते हैं, तो भी आपको canteen में लिखवाना पड़ता है।

उसके बाद आप अपने घर से भी खाना मंगवा सकते हैं, लेकिन आपको बार-बार इस चीज की permission नहीं दी जाएगी‌। इसके अलावा अगर आपके family से कोई भी सामान आता है, तो आप उसे canteen में रख सकते हैं।

इसके अलावा वहां के बर्तन भी आपको खरीदने पड़ते हैं‌। इसके अलावा आपको वहां पर plastic के बर्तन खरीदने पड़ते हैं, क्योंकि वहां पर धातु के bartan उपलब्ध नहीं होते हैं।

7 जेल में सामान खरीदने के लिए पैसा कहां रखा जाता है ? jail mein Saman kharidne ke liye paisa Kaha rakha jata hai

जेल में सामान को खरीदने के लिए आपके पास paise होनी चाहिए, लेकिन यह पैसे आप अपने पास में रखते हैं, तो दूसरा कैदी छीन सकता है और उस पैसे का इस्तेमाल कर सकता है।

इसीलिए पैसे के misuse को रोकने के लिए उसे coupon में बदल दिया जाता है, और उस coupon का एक Number होता है। वह नंबर उस केदी के नंबर के साथ note कर दिया जाता है।

जिससे कि दूसरा कैदी उस कूपन को इस्तेमाल नहीं कर पाता है, और दूसरे कैदी के लिए वह बेकार हो जाता है। इससे जेल में crime को रोका जा सकता है।

जेल में एक कैदी को दो हजार से ज्यादा रुपए रखने की permission नहीं होती है। वह ₹2000 तक के ही ticket को रख सकता है।

8 जेल में कैदी से मिलने के लिए किस की परमिशन लेनी पड़ती है jail mein kaidi se milane ke liye kis ki permission leni padati hai

आपको जेल में किसी भी कैदी को मिलने के लिए सबसे पहले उसका नाम पता होना चाहिए। इसके अलावा उसके father का name पता होना चाहिए। इन सभी चीजों के अलावा कैदी किस जेल नंबर में है वह भी आपको ध्यान रखना चाहिए।

यह सारा process कैदी से मिलने का आप online कर सकते हो, यदि आपको online process का पता नहीं है, तो आप offline तरीके से कह दी से मिल सकते हो ।

Offline तरीके से कैदी से मिलने के लिए आप को jail में जाना होगा, और वहां पर आपको ₹15 के करवानी पड़ती है, और आपको बड़ी-बड़ी लाइनों में लगना पड़ता है। इसके बाद आपको कैदी से मिलने की permission दी जाती है।

जहां पर कैदी और उसके परिजन मिलते हैं। वहां पर कोई भी CCTV camera नहीं लगा होता है। वहां पर आप उसे सामान दे सकते हैं, और आराम से केदी से बातचीत कर सकते हैं, और मिल सकते हैं।

इसके अलावा कैदी को दिए जाने वाले सामान की भी पूछताछ और जांच होती है। अगर उसमें सही समान होता है तभी केदी को दिया जाता है।

अगर उसमें कोई भी गलत समान होता है तो कैदी को समान नहीं दिया जाता है, और इसके अलावा उसकी सजा भी बढ़ा दी जाती है।

9 कैदी से मिलने का समय क्या होता है Kadi se milane ka samay kya hota hai

अब हम आपको बताते हैं, कि कै कैदी से मिलने का समय क्या होता है कैदी के परिजन उसे किस समय पर आकर मिल सकते हैं। कैदी से मिलने का समय 10 से 3 तक का होता है।

अगर आप 3 बजे के बाद कैदी से मिलने जाते हैं, तो आपको किसी से नहीं मिलने दिया जाता है। इसके अलावा अगर आप 10 बजे से पहले जाते हैं, तो भी आपको नहीं मिलने दिया जाएगा।

10 जेल में कैदी को कौन-कौन सी चीजें दी जा सकती है – jail mein kaidi ko kaun kaun si chij Di jaati hai


अब हम आपको बताते हैं, कि जेल में कैदी को उसके परिवार वाले कौन-कौन सी चीजें दे सकते हैं। उसे खाने पीने की चीजें दे सकते हैं।

जिसमें अचार रोटी सब्जी ब्रेड बिस्किट पापड़ और कोई भी मिठाई दे सकते हैं। यह सभी चीजें दे सकते हैं क्योंकि जेल के अंदर अच्छा खाना नहीं मिलता है। इसके अलावा आप गुटका नहीं ले जा सकते हैं।

क्योंकि गुटखा खाने से जेल में गंदगी होती है। जेल में सफाई का काम कैदी ही करते हैं। इसके अलावा आप जेल में सिगरेट पी सकते हैं, क्योंकि सिगरेट गंदगी वाली चीज नहीं होती है।

इसके अलावा अगर आपके पास पैसे और पहुंच होती है। तब आप को जेल के अंदर और बाहर दोनों यह माहौल में कोई भी फर्क नहीं लगता है।

11 जेल में कैदी से हफ्ते में कितनी बार मिला जा सकता है jail mein kaidi se hafte mein kitni bar Mila ja sakta hai

अब हम आपको बताते हैं। कि जेल में कैदी से हफ्ते में कितनी बार मिला जा सकता है। आप सोचते होंगे कि हम कह दी से बार बार मिल सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है।

हफ्ते में आपके कैदी से तीन ही बार मिल सकते हैं। कभी-कभी अपराध बड़ा होने की वजह से हफ्ते में कैदी से एक ही बार मुलाकात कर सकते हैं।

इसके अलावा अगर कोई कैदी बड़ा अपराध कर देता है तो उसे किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं होती है। यह सभी चीजें कैदी के अपराध पर भी निर्भर करती हैं कि अपराध कैसा है छोटा है या बड़ा है।

12 जेल के अंदर पढ़ने की क्या व्यवस्था होती हैjail ke andar padhne ki kya vyavastha hoti hai

अब हम आपको बताते हैं कि जेल में पढ़ने की कौन-कौन सी व्यवस्था होती है जी हां आप भी सोच रहे होंगे कि जेल में भी पढ़ने की व्यवस्था होती है।

लेकिन यह सही है जेल में भी पढ़ने की व्यवस्था होती है, क्योंकि जब कोई छोटे बच्चे crime करते हैं तो उन्हें पढ़ाई की आवश्यकता होती है। तब जेल में उन्हें पढ़ाई की जा सकती है, क्योंकि जेल में लाइब्रेरी होती है।

जहां पर आप आराम से पढ़ाई कर सकते हैं। इसके अलावा वहां की लाइब्रेरी बहुत ही अच्छी होती है। इसके अलावा वहां से आपको IGNOU से आपको certificate भी दिया जाता है, और आप exam भी दे सकते हैं।

13 जेल के अंदर का काम कौन करता है jail ke andar ka kam kaun karta hai

जी हां आप सोच रहे होंगे कि जेल के अंदर का काम सिपाही करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होता है जेल के अंदर का काम कैदी करते है कैदी को कई सारे काम करने पड़ते हैं।

जेल में बोई गई vegetable का ख्याल रखना पड़ता है। इसके अलावा वही सब्जी उन्हें बनाने के लिए दी जाती है। इसके अलावा कई सब्जियां और खान-पान का सामान बाहर से भी मंगाया जाता है।

इसके अलावा वहां के सभी कैदियों को अलग-अलग काम दिया जाता है। कई सारे कैदी खाना बनाने का काम करते हैं, तो कई vegetable बोने का काम करते हैं इसके अलावा अंदर कई सारी factory भी होती है।

जहां पर कपड़े sofe बनाने का काम दिया जाता है। इसके अलावा factory वाला काम उसी कैदी को दिया जाता है। जिससे cort में सजा सुनाई जा चुकी हो‌ इसके अलावा अगर कोर्ट ने कैदी को सजा नहीं सुनाई हो तो आपको फैक्टरी का काम नहीं दिया जा सकता है।

14 कैदी को जेल में काम करने के कितने पैसे मिलते हैं kadi ko jail mein kam karne ke liye kitne paise diye jaate Hain

अब आप सोचते होंगे कि कैदी को जेल में काम करने का कुछ भी मैनताना नहीं मिलता है, लेकिन ऐसा नहीं है। किसी को भी काम करने के पैसे मिलते हैं

किसी को हर दिन के 20 रू मिलते हैं। महीने के आपको₹600 मिलते हैं। अगर आप जेल में काम नहीं करते हैं तो आपको जेलर को पैसे देने पड़ते है। अगर आप जेल में काम नहीं करते हैं और jalir को पैसे देते हैं तो उसे hata हाता कहते हैं।

इसीलिए आपको काम ही करना चाहिए। इसके अलावा आप जितना काम करते हैं। आप को जेल में उतना ही खाना दिया जाता है। अगर आप काम करते हैं तो आपको unlimited खाना दिया जाता है।

15 जेल में 1 दिन कितने घंटे का होता है jail mein ek din kitne ghante ka hota hai

क्या अब हम आपको बताते हैं कि जेल का time किस प्रकार होता है। आप लोग यह सोचते हैं कि जेल का 1 दिन 12 घंटे का ही होता है। लेकिन ऐसा नहीं होता है।

जेल का भी एक दिन 24 घंटे का ही होता है। यह अंग्रेजों के समय में होता होगा, लेकिन वर्तमान समय में यह नहीं होता है वर्तमान में जेल में अगर किसी को 10 साल की सजा होती है, तो वह 10 साल के बाद ही छोड़ता है‌।

ऐसा नहीं है कि वह 5 साल में ही छूट जाता है। इसके अलावा आप लोग यह भी सोचते हैं, कि किसी को उम्र कैद की सजा सुनाई है तो वह 14 साल में ही छूट जाता है, लेकिन ऐसा नहीं होता है। अगर किसी को आजीवन कारावास की सजा होती है, तो वह उम्र भर ही जेल में रहता है।

अगर जज ने आपको उम्र कैद की सजा सुना दी है। तो संविधान में लिखा गया है, कि अनुच्छेद 72 के तहत तथा अनुच्छेद 161 के तहत अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति और अनुच्छेद 61 के तहत राज्यपाल आप की सजा को माफ कर सकते हैं।

लेकिन राष्ट्रपति और राज्यपाल भी आपकी उम्र कैद की सजा को 14 साल से पहले माफ नहीं कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है, कि सभी कैदियों को 14 साल में छोड़ दिया जाता है कुछ ऐसे कैदी होते हैं।

16 जज फांसी की सजा सुनाने के बाद कलम क्यों तोड़ देता है jaj fasi ki sunane ke bad kalam kyu Tod deta hai

अब हम आपको सबसे रोचक तथ्य बताते हैं, कि जज fancy की सजा सुनाने के बाद pain क्यों तोड़ देता है। यह इस बात का संकेत होता है, कि वह जज होने के बावजूद भी आपकी इस सजा में कोई भी changement नहीं कर सकता है।

क्योंकि pain टूटने के बाद वह आपकी सजा को नहीं बदल सकता है, इसीलिए जज फांसी की सजा सुनाने के बाद कलम को तोड़ देता है। इसमें ऐसा लिखा होता है। to hang till death इसका मतलब होता है।

लटकाऔ तब तक जब तक मर नहीं जाता है। इसके पीछे भी एक कहानी है। इतिहास में एक घटना हुई थी एक जज ने फैसला सुनाया था, कि एक अपराधी को फांसी पर लटका दिया जाए। जब उस कैदी को फांसी पर लटकाया गया।

तब उसने बोला अब लटका दिया है, तो हटा दीजिए क्योंकि आपने यह बोला कि फांसी पर लटकाने का फैसला दिया है, अब लटका दिया है, तो जल्दी से उतार दीजिए। इस तरह की घटनाओं के कारण to hang till death का फैसला सुनाया जाता है।

17 फांसी की सजा के समय कौन कौन उपस्थित होते हैं fansi ki saja ke samay kaun kaun upsthit hote Hain

फांसी की सजा के समय कैदी के पास magistrate रहता है। एक doctor रहता है। जेल superintendent रहता है।

जब कैदी फांसी पर लटका हुआ रहता है। तब उसे डॉक्टर चेक करता है, और वह जब तक नहीं मर जाता तब तक उसे फांसी पर लटकाया ही रखा जाता है। कैदी तब तक फांसी पर लटका रहने देते हैं। जब तक कि डॉक्टर उसके मरने की pushti नहीं कर देता है।

18 फांसी सुबह ही क्यों दी जाती है fasi subah hi kyon Di jaati hai

अब हम आपको बताते हैं कि फांसी सुबह के समय ही क्यों दी जाती है, क्योंकि जेल प्रशासन पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी की होती है, इसीलिए वह इस काम को सुबह-सुबह ही निपटा देना चाहते हैं।

क्योंकि सुबह सुबह public media ज्यादा active नहीं होती है उनके पास जल्दी से खबरें नहीं जाती है। जब भी कैदी को फांसी घर में लाया जाता है। तब जल्लाद को उसकी शक्ल नहीं दिखाई जाती है, और उसके चेहरे को काले कपड़े से ढक दिया जाता है।

इसके अलावा केदी के चेहरे को ढकने की एक और वजह होती है। जब किसी कैदी को फांसी दी जाती है। तब वह तड़पता है, तो उसकी हालत खराब हो जाती है। उसकी आंखें जीभ निकल जाती है।

19 क्या केदी की आखिरी ख्वाहिश पूछी जाती है kya Kadi ki aakhri khwahish poochhi jaati hai

अब हम आपको बताते हैं, क्या कैदी की आखिरी ख्वाहिश पूछी जाती है, जी हां कैदी की आखिरी ख्वाहिश पूछी जाती है। अगर वह अपनी Pasand का खाना खाने को कर सकता है।

अपने रिश्तेदार से मिल सकता है, या फिर कोई धार्मिक ग्रंथ कर सकता है। किसी धार्मिक ग्रंथ को पढ़ना चाहता हैं। इससे ज्यादा उसकी कोई ख्वाहिश पूरी नहीं की जा सकती है।

20 जल्लाद केदी के कान में क्या कहता है jallad kaidi ke Kan mein Kya kahta hai

यह बात किसी को नहीं पता होती है, फांसी की सजा होने से पहले जल्लाद केदी के कान में क्या कहता है। जल्लाद कहता है, कि तुम मुझे माफ कर देना मेरी तो यह मजबूरी है।

तुम मुझे माफ कर दो तुम्हें अपने भगवान का वास्ता है, क्योंकि jallad को जिस व्यक्ति को फांसी देने को कहा जाता है। उसको फांसी देता है। इसमें उसका कोई भी हिस्सा नहीं रहता है। इसके बात कैदी की body को postmortem के लिए भेज दिया जाता है।

उसके बाद उसके family वालों को उसकी body दे दी जाती है। इसके बाद जिस धर्म का है। व्यक्ति होता है उस धर्म के अनुसार है। उसका अंतिम संस्कार कर देते हैं।

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