ravan in ramayan: ravan का सामना जब काल से हुआ तब क्या हुआ ? ravan history in hindi.

history of ravan in hindi . ravan मारुती के बारे में क्या जानना चाहता था ?

ravan in ramayan ravan एक पराक्रमी शूरवीर तथा विद्वान तथा योद्धा था । वह हर चीज में पारंगत था । वह तंत्र मंत्र का ज्ञाता था । शास्त्रों का मुझे अच्छा खासा ज्ञान था ।

ravan ज्ञानी होने के साथ-साथ शक्तिशाली तथा बलशाली भी था । वह तिरलोक विजेता के नाम से प्रसिद्ध था । यानी कि उन्होंने तीनों लोगों को जीत लिया था ।

एक समय की बात है । ravan जब भी कोई कार्य करता तब पवन पुत्र मारुति उसके किसी भी कार्य को सफल नहीं होने देते थे और उन्हें पराजित कर देते थे ।

क्योंकि ravan हमेशा है धार्मिक कार्य करता था वह हमेशा ऋषि-मुनियों को परेशान करता था वह ऋषि-मुनियों के यज्ञ को भंग कर देता था और ravan राक्षस प्रवृत्ति के कार्यकर्ता था

ravan द्वारा किया गया कोई भी कार्य धर्म संगत नहीं था हमेशा धर्म का ही कार्य करता रहता था जिससे पृथ्वी के सभी मनुष्य तथा देवी देवता परेशान थे ।

तब ravan को शंका हुई कि पवन पुत्र है कौन । वह इस बात को जानना चाहता था । ravan in ramayan

ravan ब्रह्मलोक में ब्रह्मा जी के पास क्यों गया ?

इस बात को जानने के लिए ravan सबसे पहले ब्रह्मलोक में ब्रह्माजी के पास गया । उन्होंने ब्रह्माजी से पवनपुत्र मारुति यानी कि हनुमान के बारे में पूछा । तब ब्रह्माजी ने बताने से मना कर दिया ।

ब्रह्माजी ने कहा कि इसके बारे में तो काल यानी कि समय ही आपको बता सकता है । तब ravan समय के पास गया उन्होंने समय को काफी ढूंढा ‌। पर समय नहीं मिला । ravan in ramayan

ravan in ramayan – नारद तथा ravan के बीच संवाद

तभी घूमते घूमते नारद मुनि भी वहां पहुंच गऐ। तब नारद मुनि ने रावण से पूछा । तब ravan ने संपूर्ण बात बताई । उसके बाद में नारद मुनि ने समय के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताइए । जो कि आज तक किसी को ज्ञात नहीं थी ।

history of ravan in hindi – नारद ने बताई काल के बारे में गुप्त बातें

नारद मुनि ने ravan को बताया कि यदि आप काल से मिलना चाहते हो और काल को देखना चाहते हो तो आपको समय की गति से दोगुनी गति से आपको चलना होगा ।

इसके साथ ही नारद मुनि ने बताया कि काल की पहचान यह है कि कॉल के आगे तो प्रकाश होता है जबकि काल के पीछे अंधेरा ही अंधेरा होता है । यदि आपको ऐसा कहीं भी नजर आए तो वह काल है ।

इतना सुनने के बाद में रावण ने अपने रथ की गति को समय की गति से 2 गुना अधिक कर दिया और वह समय से भी आगे निकल गए । समय से आगे निकलने के पश्चात उन्हें काल नजर आया । ravan in ramayan

ravan in ramayan – ravan तथा काल के बीच युद्ध

रावण ने काल से रुकने के लिए कहा । लेकिन काल नहीं रुका । काफी देर के बाद ravan ने काल से फिर पूछा कि मुझे आपसे एक प्रश्न का उत्तर चाहिए । तब किल ने कहा क्या पूछना है पूछिए ।

तब रावण ने कहा कि मुझे सिर्फ इतना बता दीजिए कि मारुति कौन है । इस पर काल ने एक ही जवाब दिया । यदि आपको इस प्रश्न का उत्तर जानना है तो आपको कुछ समय की और प्रतीक्षा करनी होगी । उसके पश्चात आपको इस सवाल का जवाब खुद ही मिल जाएगा । ravan in ramayan

history of ravan in hindi – काल ने ravan पर किया शक्ति का प्रहार

काल का यह उत्तर सुनकर के ravan काफी क्रोधित हुआ । काल और रावण के बीच युद्ध हुआ । रावण ने काल को रोकने का प्रयास किया । रावण ने काल पर शक्ति का प्राण किया । प्रत्युत्तर में कॉल ने भी रावण पर शक्ति का प्राण किया । जिसके फलस्वरूप रावण आकाश से धरती पर नीचे गिर गए ।

रावण पृथ्वी पर गिर गया और ravan को यह कभी भी ज्ञात नहीं हुआ कि मारुति कौन है । ravan in ramayan

आप सभी को तो इस बात का ज्ञान है जी की पवनपुत्र मारुति भगवान शिव के 11 रुद्र अवतार थे । उन्होंने मानव रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया था । ताकि वह त्रेता युग में राम अवतार के कार्य में अपना सहयोग प्रदान कर सके । ravan in ramayan.

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