डिलीवरी के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए । ओवुलेशन का कैसे पता चलता है लक्षण ?

ovulation ka kaise pata chalta hai : एक औरत का शरीर (body) होता है वह बहुत ही अलग ढंग से बना हुआ होता है। केवल महिलाओं के body में ऐसे अंग मौजूद होते हैं, जिनसे एक नए जीवन, एक नई जिंदगी का janam होता है।

भगवान ने महिलाओं को यह shakti इसीलिए दी क्योंकि यह माना जाता है कि महिलाएं सबसे अधिक मजबूत (strong) होती हैं। वह इस पीड़ा को sehan कर सकती हैं तभी उन्हें इस काबिल बनाया जाता है।

आज के इस article में हमें ऐसे ही topic पर बात करेंगे। इस article में हम आपको बताएंगे महिलाओं के ovulation का पता कैसे लगता है। महिलाओं का ovulation period कब होता है। pregnancy के लिए किस time पर sex करना चाहिए।

तो चलिए सबसे पहले जानते हैं ovulation का पता कैसे लगता है इसके बारे में।

Ovulation जो होता है वह menstural cycle यानी masik चक्र का ही एक हिस्‍सा होता है। ovary में egg release होने को ही ovulation कहा जाता है। ovary में egg के release होने पर अगर सही time पर संबंध (relation) बनाए जाए तो वह sperm से fertilize हो भी सकता है और नहीं भी, यह depend करता है ovulation period और intimacy period के ऊपर।

Fertilize होने के बाद अगर अंडा ovary से गर्भाशय (uterus) में आकर implant हो जाता है तो pregnancy शुरू होती है। अगर अंडा fertilize नहीं होता है तो वह टूट जाता है और periods के दौरान uterine lining गिरने लगती है। जिसे आम भाषा में हम masik धर्म यानी periods कहते हैं

Parents बनना हर couple का एक अपना decision होता है। तो चाहे वह गर्भधारण करना चाहे या ना चाहे। इसके लिए उन्हें यह dhyaan रखना जरूरी है कि ovulation period कब शुरू होता है, ताकि वह pregnancy को control कर सके।

ओवुलेशन के लक्षण – Ovulation symptoms in Hindi

अब आपको बताते हैं ovulation के लक्षण क्या होते हैं? Ovulation के क्या क्या lakshan होते हैं? किन symptoms से पता चलता है कि ovulation का period शुरू हो चुका है? Ovulation के period का कैसे पता चलता है? किन symptoms से ovulation का पता चलता है?

Body में कुछ भी होता है तो उसके लिए हमारा शरीर पहले ही symptoms देने शुरू कर देता है। जिसकी help से आसानी से पता लगाया जा सकता है कि यह symptoms किस चीज के हैं।

Ovulation के कुछ symptoms है यह-

1 . शरीर का तापमान यानी temperature अचानक से कम होना और बढ़ना।

2 . सर्वाइकल mucus का अंडे की सफेदी के समान पतला, sticky और clear होना।

3 . cervix का soft होकर खुल जाना।

4 . lower abdomen में दर्द होना ऐंठन आना।

5 . sex करने की इच्छा बढ़ जाना।

6 . vagina में swelling आना।

7 . LH बढ़ना।

इन सभी लक्ष्यों से आसानी से ovulation का पता लगाया जा सकता है। पर ऐसा तभी हो सकता है जब इन छोटे-मोटे symptoms को ignore ना करके उन पर dhyaan दिया जाए।

ovulation kab hota hai in hindi – ovulation कब होता है ?

आपको बताते हैं ovulation कब होता है?ovulation किस time होता है? Ovulation का time period क्या होता है? Month के किस time में ovulation होता है? Ovulation जो है वह कब होता है?

महिलाओं मैं masik dharm का मासिक चक्र 28 से 32 दिनों का होता है। हर mahine मासिक चक्र जो है वह period के पहले दिन से गिना जाता है। पर egg जो है वह अगले period से 12 से 26 दिन पहले release होता है।

महिलाओं में masik dharm यानी period 15 साल की उम्र में शुरू हो जाती है। वहीं, ovulation menopause जो है वह 45 से 50 की उम्र या इसके बाद होता है।

Masik dharm के मासिक चक्र के बीच वाले चार दिन पहले और चार दिन बाद ovulation शुरू होता है।

Period के बाद इन दिनों का track रखकर आप यह पता लगा सकते हैं कि कौन सा time संबंध बनाने के लिए appropriate है, जिसमें pregnancy के chance ज्यादा है।

bacha kitne din me hota hai – baccha कितने दिन में होता है?

अब आपको बताते हैं baccha कितने दिन में होता है? कितने दिनों के time में bacche का janam होता है? Bacche के जन्म में कितने दिन लगते हैं? Baccha कितने dino के अंदर होता है? एक बच्चे का janam कितने दिनों में होता है?

वैसे तो कहा जाता है कि एक baccha 9 महीने में जन्म लेता है। इन 9 महीनों को तीन trimester में divide किया जाता है। एक trimester में 3 mahine माने जाते हैं।

इन 9 महीनों में baccha पूरी तरह से develop हो जाता है। आमतौर पर एक बच्चा 37 week (259 दिन) से लेकर 42 week (294 दिन) के बीच में होता है। इस time तक बच्चा जो होता है वह पूरी तरह develop हो जाता है I

पीरियड के बाद बच्चेदानी का मुंह कितने दिन तक खुला रहता है period ke bad bacche Dani ka muh mein kitne din tak khula rahata hai .

अब आपको बताते हैं period के बाद बच्चेदानी (uterus) का मुंह कितने दिनों तक खुला रहता है? Masik dharm के बाद कितने दिनों तक बच्चेदानी (bacchedani) का मुंह खुला रह सकता है?

महिलाओं में बच्चेदानी का मुंह periods खत्म होने के बाद भी खुला रहता है। जब period cycle खत्म हो जाती है उस time अगर relation बनाया जाए तो pregnant होने के chance ज्यादा रहते हैं।

Pregnancy जो होती है वह हमेशा ovulation पर depend करती है क्योंकि ovulation से ही pregnancy निश्चित होती है। कई महिलाओं में ovulation ढंग से नहीं हो पाता जिसके कारण ने pregnancy में problem आती है और ovulation का period ही महत्वपूर्ण होता है। लेकिन यह सब में अलग अलग होता है।

जल्दी pregnant होना चाहते हैं तो आपको period खत्म होने के बाद में 7-8 दिन बाद मे ही relation बनाना चाहिए। ovary से निकलने वाला अंडा fallopian tube में 24 से 36 घंटे तक जीवित रहता है। इस time के बाद में अंडा destroy हो जाता है।

हर महिला का masik dharm का चक्र अलग अलग hota है normally 21 से 35 दिन का मासिक चक्र normal masik chakra (menstural cycle) होता है ।

बच्चेदानी का मुंह कैसे खुलता है – bache Dani Ka muh kaise khulta hai .

अब आपको बताता है bacchedani का मुंह कैसे खुलता है? बच्चेदानी का जो muh होता है वह किस प्रकार khulta है? किस वजह से bacchedani का मुंह खुलता है? किस tarike से बच्चेदानी का मुंह मिलता है?

बच्‍चेदानी का जो muh होता है उसे गर्भाशय ग्रीवा (cervix ) कहा जाता है। यह vagina और uterus के बीच मौजूद होती है और इन्‍हें जोड़ने वाली एक नली होती है । cervix का मुंह यानी bacchedani का मुंह labour के time पे pressure से खुलता है।

ऐसा इसी लिए क्यूंकि cervix का मुंह जो हल्‍का सा khula होता है। वह pregnancy के शुरुआती समय में गाढ़े और चिपचिपे mucus से बंद हो जाता है और यह delivery के बाद ही खुलता है।

bachedani kya hoti hai? बच्चेदानी क्या होती है ?

अब आपको बताते हैं bacchedani क्या होती है?बच्चेदानी किसे कहा जाता है? महिलाओं में बच्चेदानी क्या होती है? Bacchedani यानी uterus का क्या मतलब होता है? महिलाओं की बच्चेदानी कौन सा part होता है?

बच्चेदानी को uterus कहा जाता है। bacchedani जो है वह एक गर्भाशय स्त्री जननांग है। यह 7.5 सेमी लम्बी, 5 सेमी चौड़ी तथा इसकी दीवार 2.5 सेमी मोटी होती है।

Bacchedani जो होती है इसमें pregnancy के time बच्चा grow होता है। यह महिलाओं के body का एक बहुत ही important part है।

इसका weight लगभग 35 gram होता है और यह कुछ वनस्पति (pear) के आकर की होती है। इसका चौड़ा भाग ऊपर fundus तथा पतला भाग नीचे इस्थमस कहलाता है I

Fertilisation होने के बाद foetus जो होता है वह गर्भाश्य यानी uterus में ही develop होता है। पूरे 9 महीने तक bacche की growth uterus में ही होती है।

मुंह का कम खुलना – Bacchedani का muh कम खुलने पर क्या होता है?

बच्चेदानी का muh कब खुलता है? Bacchedani का मुंह कब कब खुलता है? बच्चेदानी का muh कम खुलने का क्या मतलब होता है? Bacchedani का muh कम खुलने पर क्या होता है?

Pregnancy के starting में बच्चेदानी का muh जो है वह बंद हो जाता है ताकि baccha उसमें safe रहे और उसकी growth अच्छे से हो सके। पूरे 9 महीने के period के दौरान bacchedani दानी uterus का मुंह बंद ही रहता है।

Labour के time पर जब baccha बाहर आने वाला होता है उस time बच्चेदानी का muh खुलता है और उसी के through बच्चा बाहर आता है। परंतु कई बार बच्चेदानी का muh ढंग से नहीं खुल पाता और बच्चा सरविक्स के द्वारा बाहर नहीं आ पाता ऐसी situation में बच्चे को बाहर निकालने के लिए c-section किया जाता है।

C section का मतलब होता है कि बच्चे को surgery के through बाहर निकाला जाता है। यह normal delivery नहीं होती है। C section जो होता है वह कई सारे कारणों की वजह से भी किया जाता है, इन्हीं में से एक कारण है बच्चेदानी का muh ना खुलना।

cervix in hindi – Cervix का हिंदी मतलब क्या होता है?

अब आपको बताते हैं cervix को hindi में क्या कहते हैं? Cervix क्या होता है? Cervix का हिंदी मतलब क्या होता है? Cervix को हिंदी में क्या बोलते हैं? cervix का क्या मतलब होता है?

cervix जो है वह गर्भाशय यानी uterus का muh होता है। महिलाओं के body में बाहर से दिखने वाली संरचना को योनि द्वार (vulva) कहा जाता है। महिलाओं में vagina कि entrance यही होती है।

संबंध बनाते समय योनि के जितने भाग में पुरुष का लिंग प्रवेश करता है , उतना भाग योनि (vagina) है। लिंग से निकलने वाला वीर्य यानी sperm इस valve से अंदर प्रवेश करके uterus या गर्भाश्य में पहुँचता है। ejaculatiom के बाद sperm अंदर जाकर egg के साथ fuse होने पर fertilisation होती है और उसी fertilisation से zygote तैयार होता है।

बच्चेदानी का फोटो – बच्चेदानी यानी uterus का photo

अब आपको बताते हैं bacchedani का फोटो कहां देखा जा सकता है? बच्चेदानी का photo कैसे देख सकते हैं? बच्चेदानी यानी uterus का photo कहां मिलता है? uterus की photo कहां देख सकते हैं?

Uterus यानी बच्चेदानी की photo जो है वह google पर uterus keyword डालकर search करने पर सामने आ जाएगी। जहां आपको इस से related कई सारी photos यानी images दिख जाएंगी। उनमें कई सारी images animated, drawn और कई सारी real images भी मिल जाएंगी है।

इसी के साथ-साथ diagram के तौर पर draw की हुई images में हर part के लिए बताया हुआ होता है। जिससे आप आसानी से यह जान सकते हैं कि कौन सा part क्या है और किस काम में आता है। औरतों का body बहुत सी complications होती है।

डिलीवरी के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए । Delivery ke kitne din bad sambandh banana chahiye .

अब आपको बताते हैं delivery के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए? Baby delivery होने के बाद कितने time के बाद संबंध बनाना चाहिए? Baccha होने के कितने time बाद संबंध बनाना चाहिए? Delivery के कितने दिन बाद संबंध बनाना सबसे अच्छा रहता है?

Delivery यानी baby के birth के बाद कुछ time तक संबंध बनाने की नहीं रहते हैं क्योंकि उस time महिलाओं का शरीर बहुत ही weak रहता है। इसीलिए delivery अगर normal तरीके से होती है तो कम से कम 3 mahine तक संबंध नहीं बनाना चाहिए।

वही अगर delivery, C section द्वारा की जाती है, तो कम से कम 6 mahine तक संबंध नहीं बनाने चाहिए और इस चीज का परहेज रखना चाहिए। ऐसा नहीं किया जाता तो कई सारे complications हो सकते हैं।

NORMAL DELIVERY3 MONTH
C section DELIVERY 6 MONTH

गर्भपात के कितने दिन बाद मासिक धर्म आता है – garbhpat ke kitne din bad masik dharm aata hai .

अब आपको बताते हैं medical तरीके से गर्भपात करने पर कितने time के बाद masik धर्म यानी period आते हैं? गर्भपात करने के कितने din बाद masik dharm आता है? गर्भपात यानी कि pregnancy termination के कितने time बाद periods आते हैं?

अगर medical तरीके से गर्भपात किया जाए यानी कि surgical तरीके से pregnancy terminate की जाए तो सामान्य माहवारी यानी normal periods शुरू होने का कोई निश्चित time नहीं है। ऐसी condition में period यानी मासिक dharm 4 से 8 week के बीच कभी भी शुरू हो सकते हैं I

इसके अलावा अगर गर्भपात pills के द्वारा यानी की दवाइयों के द्वारा किया जाता है तो फिर instant ही periods आ जाते हैं। क्यूँकि ऐसे में periods के द्वारा ही foetus dispose होता है।

गर्भपात के बाद periods आने का time अलग-अलग महिलाओं के लिए अलग हो सकता है क्योंकि हर औरत की body अलग होता है।

mc ke kitne din baad sambhog karna chahiye पीरियड या मासिक चक्कर के कितने दिन बाद संभोग करना चाहिए ।

MC के कितने दिन बाद संभोग करना चाहिए? MC यानी period के कितने दिन बाद intimate होना चाहिए? Menstural cycle कितने दिनों के बाद संभोग करना safe रहता है? Period के कितने time बाद संभोग करना चाहिए?

MC (menstural cycle) के कितने दिनों बाद sex करना चाहिए, यह महिला के ovulation time पर depend करता है। क्योंकि ovulation के time का track रखने पर ही pregnancy को avoid किया जा सकता है।

Safe sex और pregnancy को avoid करने के लिए आपको ovulation time का पता होना चाहिए कि आपको ovulation कब होता है। ovulation का time पता करने के लिए आपका अपने periods के time से लेकर next period के time के दिनों का calculation रखना बहुत ही जरूरी है।

यह तो आपको पता ही है कि महिलाओं के योनि से निकलने वाले egg से अगर sperm fuse होता है तो fertilisation होने पर pregnancy होती है। यह सभी चीजें ovary से egg के discharge पर depend करती है। जिसे आमतौर पर ovulation कहा जाता है।

Ovulation का time जो होता है वह महिलाओं के time period का आधा होता है। जैसे किसी mahila में 30 दिन के बाद period आता है तो उस महिला का ovulation time 15 दिन का होता है यानी कि वह महिला अगर 14 से 15 tarikh के बीच संबंध बनाती हैं तो pregnancy के chances काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं।

sambhog kab karna chahiye ki pregnant na ho. sex kab kare ki pregnant na ho –

अब आपको बताते हैं कब sex करने पर pregnancy नहीं होती? Pregnant नहीं होने के लिए किस time sex करना चाहिए? कौनसे time sex करने से pregnancy नहीं होती है? अगर pregnancy नहीं चाहते तो sex कब करना चाहिए?

जैसा कि हमने आपको बताया महिलाओं के body में sperm 3 से 5 दिन तक रहता है और egg 12 से 24 घंटे तक जिंदा रहता है। इसी वजह से ovulation के time पर pregnancy के chances सबसे ज्यादा रहते हैं। इसीलिए ovulation के time period को ध्यान में रखते हुए उस time बिल्कुल भी sex ना करें और अगर फिर भी intimate होते हैं तो protection use करना चाहिए।

Pregnancy ना चाहने और गर्भधारण से बचने के लिए अपनी menstural cycle यानी कि masik धर्म के चक्र के दिनों का calculation करना चाहिए। उस हिसाब से ovulation के time से लेकर next period की date तक pregnancy के chances बहुत कम रहते हैं। अगर इस समय sex किया जाए तो आसानी से pregnancy को avoid कर सकते हैं।

अगर आप अपने masik चक्र को सही तरह से calculate करती हैं तो अपने लिए safe period को जान सकती हैं। अगर इस time sex किया जाता है तो pregnancy के chances बहुत ही कम रहते हैं ।

sex for pregnancy after periods in hindi – पीरियड के बाद प्रेगनेंसी के लिए संभोग कैसे करें ?

Period के कितने दिन बाद pregnancy में sex करना चाहिए? जल्दी से pregnancy के लिए period के कितने दिन बाद sex करना चाहिए? Periods के कितने दिनों बाद pregnancy के लिए sex करना चहिए?

Pregnancy जो है वह महिलाओं में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं पैदा करती है,यह प्रतिक्रियाएं संदेह, khushi और दुख होती हैं।

ज़्यादातर औरतें pregnancy के time पे खुशी से ज़्यादा चिंतित मेहसूस करती है और ज्यादा problem first pregnancy के time पर होती है, क्योंकि एहसास और वह पूरी process महिलाओं के लिए बिल्कुल नई होती है।

Pregnant होना और ना होना यह दोनों चीजें ही संभोग यानी sex की timing पर depend करती है। अगर ovulation के time पर sex किया जाए तो pregnancy के सबसे अधिक होते हैं।

Ovulation का जो time होता है इस time के बाद अगले period तक गर्भधारण (pregnancy) की संभावना बहुत कम होती है। क्योंकि ovulation के time पर egg release हो जाता है और release हुआ egg केवल 26 से 36 घंटे तक की जीवित रहता है।

Periods के 3 से 5 दिनों के बाद sex करने से pregnancy के chances सबसे ज्यादा अधिक होते हैं। इस time अगर शुक्राणु यानी sperm महिलाओं के body में enter करते हैं, तो वह 3-4 दिनों के लिए अंदर जीवित रह सकते हैं।