पेट के बल सोना सही है या गलत? पेट के बल सोने से होंगे ये 8 नुकसान

सोने का सही तरीका । पेट के बल क्यों नहीं सोना चाहिए ?

सोने के तरीके का असर हमारे शरीर पर बहुत ज्यादा ही पड़ता है । हम जिस प्रकार से सोते हैं उसका असर हमारे शरीर पर पड़ता है ।

इसलिए सोने से पहले हमें सही मुद्रा का चयन करना भी आवश्यक होता है । यदि हम ऐसा नहीं करते हैं तो हमें कई रोगों से ग्रसित होना पड़ सकता है ।

बहुत सारे ऐसे व्यक्ति होते हैं जो कि पेट के बल सोने के आदी होते हैं । आज हम आपको बता दें कि हमें पेट के बल कभी भी नहीं सोना चाहिए ।

क्योंकि यदि पेट के बल सोते हैं तब रीड की हड्डी पर जोर पड़ता है तथा इससे जुड़े कई रोग तथा रीड की हड्डी में दर्द भी हो सकता है । इसलिए पेट के बल कभी नहीं सोना चाहिए ।

पेट के बल पर सोने से क्या होता है ?

यदि हम पेट के बल पर सोते हैं तो हमें सांस लेने में दिक्कत होती है । इसके साथ ही बच्चों को तो कभी भी भूल कर भी पेट के बल पर नहीं सुनाना चाहिए । क्योंकि इससे बच्चे की जान भी जा सकती है ।

जब कोई व्यक्ति या फिर बच्चा पेट के बल पर सोता है तो उसकी स्वसन क्रिया गड़बड़ा जाती है । तथा उसको ऑक्सीजन सही ढंग से नहीं मिल पाती है ।

जिसके फलस्वरूप इसका असर उसके फेफड़ों पर पड़ता है । फेफड़ों की कार्यशैली भी गड़बड़ा जाती है । जिससे कि अचानक सांस रुकने का खतरा बढ़ जाता है ।

पीठ के बल पर क्यों सोना चाहिए ?

यदि हम पीठ के बल पर सोते हैं तब हमारा शरीर सही पोजीशन में होता है । जिसके फलस्वरूप ऑक्सीजन हमारे शरीर में अधिक मात्रा में प्रवेश करती है

हमारे शरीर को ऑक्सीजन की सही से आपूर्ति होती है । यदि हमारे शरीर में ऑक्सीजन अधिक मात्रा में जाएगी तब हमारा शरीर का श्वसन तंत्र मजबूत होगा ।

यदि हम पीठ के बल पर सोते हैं तब हमें नींद भी अच्छी आती है । हमारे शरीर की पोजीशन सही रहती है और इसके साथ ही हम दाएं तथा बाएं करवट भी बदल सकते हैं ।

पीठ के बल पर सोने से हमारा पाचन तंत्र सही से रहता है तथा पाचन से जुड़ी कोई भी समस्याएं उत्पन्न नहीं होती है । यदि किसी को पाचन संबंधी समस्या होती भी है तो उन्हें बाएं करवट सोने की सलाह दी जाती है ।

यदि हम पीठ के बल पर सोते हैं तब हमारे छाती में स्थित डायप्राइम सक्रिय रहते हैं तथा सांस लेने में भी कोई दिक्कत नहीं होती है । यदि आप पेट के बल पर सोते हैं

तब हमारे डायफ्राम सही ढंग से सक्रिय नहीं हो पाते हैं और शरीर में ब्लड की सप्लाई भी सही ढंग से नहीं हो पाती है । जिससे कि सिर में दर्द तथा अन्य समस्या भी उत्पन्न हो सकती है । हमारा ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है ।

लगातार हम ज्यादा समय तक पेट के बल पर सोने से हमारे दिल के अड्डे पर दबाव पड़ता है । जिससे कि हमें पीठ दर्द , रीड की हड्डी का दर्द और जोड़ों का दर्द भी हो सकता है ।

इसके अलावा यदि हम पीठ के बल पर सोते हैं तो हमारा मुंह बिस्तर से सटा हुआ होता है जिससे कि हमें बैक्टीरियल इन्फेक्शन का भी खतरा रहता है । इसके साथ ही ऑक्सीजन की कमी की वजह से हमारे चेहरे की चमक बिगड़ती है ।