Sloth पेड़ पर उल्टा कैसे लटकते हैं

Sloth पेड़ पर उल्टा कैसे लटकते हैं

यह जानवर अपनी जिंदगी का 90% हिस्सा पेड़ पर उल्टा लटकाने में ही बिता देते हैं | यदि हम ऐसा करते हैं तो हमें सर दर्द सांस लेने में दिक्कत होती है |

” कीड़े फस जाते हैं मकड़ी के जाल में अटक्कर |
Sloth कैसे जी पाते हैं उल्टा लटककर ||”

जब Sloth जाग रहे होते हैं तब अपना ज्यादातर समय फल तथा पत्तियां खाने में तथा बच्चों को पालने में लगे रहते हैं | इनके जिंदगी में रोमांस की कमी होती है | क्योंकि यह दिन में 20 घंटे तक सोते हैं | पेड़ से उल्टा लटकने से इनके बाल भी उल्टे होते हैं |

ज्यादातर स्तनधारी जीवो के बाहर हाथ , पैर तथा पूछ की तरफ बढ़ते हैं | जबकि Sloth के बाल पेट से ऊपर पीठ की तरफ होते हैं | जो कि काफी काम आते हैं | जब बारिश होती है , वह उल्टे लटके होते हैं तो पानी आसानी से उसके शरीर से नीचे उतर जाता है |

इनके वजन का 20% हिस्सा इनके खाए हुए खाने से बनता है | यदि Sloth आज भोजन करता है तो यह 3 हफ्ते तक इसके पेट में बना रहेगा |

Sloth के गर्दन में हड्डियां ज्यादा होने के कारण वह अपने शरीर को 270 डिग्री तक झुक पाते हैं इस तरह से झुका पाने के कारण Sloth अपने दिमाग को हार्ट के लेवल तक बना पाते हैं | जिससे ब्लड फ्लो मेंटेन रहता है | चाहे वह लटकते समय किसी भी पोजीशन में हो |

उल्टे लटकते समय चक्कर आते हैं | जबकि Sloth को चक्कर नहीं आते हैं | क्योंकि वह बहुत ही धीमी गति से काम करते हैं |

Sloth पेड़ों की ऊंची टहनियों पर उल्टे लटके रहते हैं | जिसकी वजह से शिकारी उन्हें देख नहीं पाता और यह शिकार होने से बच जाते हैं |

इनके बाल पेड़ की छाल के जैसे होते हैं जिनकी वजह से यह जल्दी से दिखाई नहीं देते हैं |