उड़ने वाली मकड़ी के बारे में रोचक तथ्य

उड़ने वाली मकड़ी के बारे में रोचक तथ्य

उड़ने वाली मकड़ी के बारे में रोचक तथ्य

आपने सुना होगा कि पक्षी उड़ते हैं , पर क्या आपने कभी सोचा है कि मकड़ी भी उड़ सकती है | हाल ही में वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में पाया कि मकड़ी की एक प्रजाति है जो कि उड़ने में सक्षम होती है | आज हम जानते हैं कि आखिरकार मकड़ी उड़ कैसे पाती है | बहुत सारे ऐसे पक्षी है जो कि उड़ सकते हैं , मगर मकड़ी कैसे उड़ सकती है |

उड़ने वाली इस मकड़ी के 8 पैर होते हैं तथा 0 पंख होते हैं |

मकड़ि उड़ने के लिए अपने सील का प्रयोग करती है यह अपने द्वारा बनाए गए जाले से उड़ती है |

मकड़ीयां उड़ने के लिए हवा में सिल्क की एक पतली रस्सी छोड़ती है | जिसे बलूनीग कहते हैं | बलूनीग करने के लिए मकड़ी सबसे पहले अपने आगे के पैरों को ऊपर उठाती है | उसके बाद में टेक ऑफ करने के लिए अपने पेट को ऊपर उठाता है | इसके बाद में वह हवा में सिल्क को फेंकता है | जिसकी बदौलत वह उड़ पाता है |

मकड़ी द्वारा बनाई गई यह रस्सी इंसान के बाल से 250 ( ढाई सौ ) गुना पतली होती है |

उड़ने वाली मकड़ी के बारे में रोचक तथ्य

मकड़ी जब यह रस्सी हवा में छोड़ती है , तब यह रस्सी हवा में पतंग की तरह उड़ने लग जाती है |

हवा के बहाव के साथ एक मकड़ी को 4 किलोमीटर ऊपर उड़ते हुए देखा गया है |

इन उड़ती हुई मकड़ियों का महान वैज्ञानिक तथा प्रकृति प्रेमी चार्ल्स डार्विन ने भी देखा था |

चार्ल्स डार्विन एक बार अपनी जहाज में सफर कर रहे थे | तब उन्होंने देखा कि बहुत सारी मकड़िया हवा में उड़ रही थी | वह जहाज पर उतर रही थी तथा जहाज से फिर हवा में उड़ रही थी | यह घटना 1832 की है |

चार्ल्स डार्विन ने मकड़ियों को पानी के बहाव में तथा शांत माहौल में भी उड़ते हुए देखा था | इन्होंने समुद्र के ऊपर भी मकड़ी को उड़ते हुए देखा था |

चार्ल्स डार्विन ने यह भी पाया कि जब हवा नहीं चल रही है | इसके बावजूद भी मकड़ी उड़ रही है | इसका पता वह उस समय तो नहीं लगा पाए | लेकिन हाल ही के वैज्ञानिकों ने इसका पता लगाया है कि मकड़ी या बिना हवा के भी कैसे उड़ सकती है |

मकड़िया हवा में उड़ने के लिए एक और जबरदस्त ताकत का इस्तेमाल करती है | जिसका नाम है इलेक्ट्रिसिटी | जी हां मकड़िया उड़ने के लिए इलेक्ट्रिसिटी का प्रयोग करती है |

हमारे वातावरण में इलेक्ट्रिसिटी हमेशा बनी रहती है | इसका हमें अंदाजा नहीं रहता है तथा इसका पता भी हमें नहीं चलता है | इसका पता हमें तब चलता है , जब बादल गरजते हैं | तभी हमें पता चलता है कि वातावरण में इलेक्ट्रिसिटी है |

जब बादल नहीं होते हैं | तब भी वातावरण में हल्की इलेक्ट्रिसिटी मौजूद रहती है | यह स्पाइडर हमारी धरती के नेचुरल इलेक्ट्रिक फील्ड का उपयोग उड़ने के लिए करते हैं | यह जब उड़ते हैं तब इतनी तेजी से अपने आप को हवा में फेंकते हैं | जिसकी बदौलत यह उड़ने लग जाते हैं |

मकड़ी इलेक्ट्रिक फील्ड से कैसे उड़ पाती है

उड़ने वाली मकड़ी के बारे में रोचक तथ्य

मकड़ी के पैर के बालों में छोटे-छोटे बाल होते हैं | उन्हीं बालों की मदद से इलेक्ट्रिक फील्ड का पता लगाते हैं | जैसे ही मकड़ी को इलेक्ट्रिक फील्ड का पता चलता है | वह अपने शरीर से सिल्क की पतली डोरिया निकालते हैं तथा उन्हें हवा में छोड़ देते हैं |

जो कि नेगेटिव चार्ज होती है | जब यह रसिया वातावरण में गिरती है जो कि पहले से नेगेटिव चार्ज होता है | जैसा कि हम जानते ही हैं कि समान चार्ज वाली चीजें एक दूसरे को दूर करती है | इस प्रकार मकड़िया हवा में उड़ जाती है |

वातावरण में जैसे-जैसे ऊपर की तरफ जाते हैं वैसे वैसे इलेक्ट्रिसिटी बढ़ती जाती है |