गिलहरी जहरीले सांपों का सामना कैसे करती है

गिलहरी जहरीले सांपों का सामना कैसे करती है

गिलहरी जहरीले सांपों का सामना कैसे करती है

दुनिया भर में गिलहरियों की 200 से प्रजातियां पाई जाती है | इसकी प्रजातियां अंटार्टिका और ऑस्ट्रेलिया में नहीं पाई जाती है |

वैसे तो गिलहरियां पेड़ों पर रहती है तथा पेड़ों पर ही अपना घर बस आती है | गिलहरियों की कुछ प्रजातियां जमीन पर भी पाई जाती है | वह जमीन में गड्ढा बनाती है | अपना घोंसला उन्हीं गड्ढों में बनाती है | तथा अंडे दे करके अपने बच्चे पैदा करती है |


गिलेरिया यह बात अच्छे से जानती है कि सांप उनके बच्चों तथा egg पर पर हमेशा नजर रखे हुए होते हैं | इसलिए वह हमेशा सतर्क रहती है | तथा अपने बच्चों तथा अंडों को सांपों से बचाए रखने के लिए हमेशा ही सतर्क रहती है |


रैटलस्नेक की आंखें कुछ कमजोर होती है | जिससे कि वह ढंग से देख नहीं पाता है | लेकिन सांप के चेहरे पर कुछ विशेष प्रकार के तंतु होते हैं | जो कि दूसरे जानवर के शरीर की गर्मी का अंदाजा लगा लेते हैं |

गिलहरी जहरीले सांपों का सामना कैसे करती है

गिलहरीया सांपों का सामना करने के लिए उन्हें डराती है | वह सांप को डरा करके ही अपने से दूर भगाती है | उसके पास और कोई दूसरा ऑप्शन नहीं होता है |
जैसे ही गिलहरी और सांप का आमना सामना होता है गिलहरी अपनी पूंछ को खिलाती है | वैसे तो गिलहरी की पूंछ ठंडी होती है |

लेकिन जब सांप का सामना गिलहरी से होता है तो गिलहरी का मुंह गर्म हो जाता है तथा वे अपने गर्म खून को पूछ की तरफ भेजती है | जिससे कि गिलहरी के पूछ का तापमान बढ़ जाता है | और वह भी गर्म हो जाती है |

जिससे कि सांप को ऐसा लगता है कि यह एक खूंखार जानवर है | क्योंकि सांप किसी भी जानवर की गर्मी से पता लगाता है | यह ऐसा करके सांप को सिर्फ बेवकूफ ही बनाती है | और सांप बेवकूफ बन जाता है | गिलेरिया इस खेल को जीत जाती है |