तारे यदि लिथियम पैदा नहीं करते तो तो कुछ तारे लिथियम संपन्न कैसे हैं

तारों में लिथियम की उपस्थिति की गुत्थी को वैज्ञानिकों ने सुलझाया ।

तारे यदि लिथियम पैदा नहीं करते तो तो कुछ तारे लिथियम संपन्न कैसे हैं ।

तारे यदि लिथियम पैदा नहीं करते तो तो कुछ तारे लिथियम संपन्न कैसे हैं

तारों में लिथियम की उपस्थिति की गुत्थी को वैज्ञानिकों ने सुलझाया । तारे यदि लिथियम पैदा नहीं करते तो तो कुछ तारे लिथियम संपन्न कैसे हैं । ब्रह्मांड अन्नतं है और ब्रह्मांड से जुड़ी चिजों को जानने की कोशिश वैज्ञानिक लगातार कर रहे हैं

और वे लगातार ब्रह्मांड से जुड़े हुए रहस्यों से पर्दाफाश कर रहे हैं । हाल ही में वैज्ञानिको ने तारों में लिथियम की उपस्थिति की गुत्थी को भी सुलझा लिया है ।

लिथियम एक बहुत ही उपयोगी पदार्थ है । जिसका उपयोग आधुनिक उपकरणों में तथा संचार टेक्नोलॉजी में भी किया जाता है ।

तारों का जीवन सफर भी इंसानों के जीवन के सफर के जैसा ही होता है । वह उत्पन्न होते हैं तथा अपने द्रव्यमान के हिसाब से अलग-अलग चरणों से गुजरते हैं ।

रेड जायंट स्टार प्रक्रिया

तारों की विकास प्रक्रिया में एक चरण आता है रेड जायंट स्टार । रेड जायंट स्टार ऐसे चमकीले तारे होते हैं जो कि बूढ़े हो रहे होते हैं । इस चरण तक आते-आते तारा अपने अंदर लिथियम को नष्ट कर देता है ।

इसीलिए ब्रह्मांड में उनके तारों की अपेक्षा लिथियम की मात्रा अधिक पाई जाती है । जैसे कि सूर्य में लिथियम की मात्रा पृथ्वी की तुलना में 100 गुना कम है ।

बिग बैंक की थ्योरि के अनुसार ब्रह्मांड में पृथ्वी की उपस्थिति के पश्चात लिथियम की मात्रा में सिर्फ 4% की वृद्धि हुई है । जबकि कार्बन ,नाइट्रोजन , ऑक्सीजन , लोहा , निकिल अन्य तत्वों की मात्रा में 1000000 गुना वृद्धि हुई है ।

इनके पीछे तारों के मांस प्रोजेक्शन तथा तारकिय विस्फोटक है । लिथियम यहां पर अपवाद माना जाता रहा है । लेकिन हाल ही में भारतीय वैज्ञानिकों ने इसके विपरीत एक खोज सामने रखी है । जोकि तारों में न्यूक्लिय़ो सिंथेटिक की अभी कि इसकी समझ को चुनौती देती है ।

तारों में लिथियम की उपस्थिति

जून 2020 में बेंगलुरु स्थित तारा भौतिकी अनुसंधान केंद्र ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ पहली बार ठोस साक्ष्य सामने रखे हैं ।

सूर्य जैसे कम द्रव्यमान वाले तारों में लिथियम की मात्रा आम घटना है । तारों के दो स्टेज होते हैं । उनके बीच में एक हीलियम कोर प्लेस होता है जो की प्रचुर मात्रा में लिथियम पैदा करता है ।

हीलियम प्लेस हाइड्रोजन प्लेस के अंत में आता है । हमारा सूर्य 6- 7 अरब साल बाद इस चरण में पहुंचेगा इस शोध के मुताबिक यह दर्शाया जाता है कि सूर्य भविष्य में लिथियम पैदा करेगा । जिसकी भविष्यवाणी मॉडल से नहीं की जाती ।

इनके अनुसार वर्तमान तारामंडल में कुछ भौतिक प्रतिक्रिया छुट्टी हुई है । 40 साल पहले ऐसे तारे देखे गए थे जो कि लिथियम संपन्न थे । जिससे इस पहली ने जन्म लिया की तारे यदि लिथियम पैदा नहीं करते तो तो कुछ तारे लिथियम संपन्न कैसे हैं ।