समय बर्बाद करना किसे कहते है? समय बर्बाद करने वाले तरीक

समय बर्बाद करना किसे कहते है?

आज हम जानेंगे कि टाइम वेस्ट कैसे करते हैं। यह चीज आपको बताने की जरूरत नहीं है। कि टाइम वेस्ट कैसे करते हैं। इसके बारे में आप सब जानते हैं कि टाइम वेस्ट कैसे करते हैं और आप भी रोजाना किसी ना किसी तरह से टाइम वेस्ट करते ही होंगे।

आज हम कुछ खास तरीके टाइम वेस्ट करने वाले तरीकों पर बात करेंगे जो कि आम इंसान अपनी जिंदगी में सबसे ज्यादा टाइम वेस्ट इन्हीं चीजों से करता है। उन्हीं चीजों के बारे में थोड़ा बहुत हम जानेंगे।

सोशल मीडिया चलाकर टाइम वेस्ट करना। 

आज का जमाना इंटरनेट का जमाना हो गया है। हर कोई व्यक्ति आज सोशल मीडिया का यूज करता है। फेसबुक, टि्वटर ,इंस्टाग्राम ,यूट्यूब आज इतने पॉपुलर हो गए हैं कि हर कोई व्यक्ति इन्हें चलाना पसंद करता है। तथा रोजाना इस पर अपना टाइम स्पेंड करता है।

हां यह एक अच्छी बात है कि सोशल मीडिया चलाना चाहिए। ताकि हमें इंटरनेट से जुड़ी सारी ताजा जानकारी प्राप्त रहे। तथा आसपास की हर खबर से अपडेट रहें पर मैं एक बात यह भी यहां पर कहना चाहूंगा की हद से ज्यादा इंटरनेट का उपयोग हमारे लिए हानिकारक होता है।

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यह हमारी सेहत के लिए भी हानिकारक होता है। तथा इनसे निकलने वाली हानिकारक ने हमारे दिमाग पर गहरा असर डालती है। तथा इन की रोशनी से निकलने वाली हानिकारक किरणें हमारी आंखों को भी नुकसान पहुंचाती है।

इसका सीधा सीधा असर हमारे आंखों पर तथा दिमाग पर पड़ता है। इससे व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है तथा आंखों पर बुरा असर पड़ने पर दृष्टि भी छीन जाती है। जो कि बहुत ही बहुत ही गंभीर समस्या है।

वीडियो गेम खेलकर टाइम वेस्ट करना। 

बहुत सारे युवा तथा बच्चे ऐसे हैं। जो कि अपना ज्यादातर समय ही वीडियो गेम खेल कर खराब कर देते हैं। तथा वीडियो गेम में इतना बिजी हो जाते हैं कि उन्हें टाइम का भी पता नहीं चलता कि कितना टाइम गुजर गया है।

वह कई घंटों तक लगातार वीडियो गेम खेलते रहते हैं। जिससे कि उनका पूरा का पूरा टाइम गेम खेलने में ही चला जाता है। वीडियो गेम खेलना भी चाहिए। इससे हमारे दिमाग का मानसिक विकास होता है। और एक लिमिट से ज्यादा खेलना यह नुकसान भी हो सकता है।

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इसलिए वीडियो गेम तो के लिए लेकिन एक सीमा में रहकर के लिए जो कि जो कि हमारे लिए फायदेमंद है। दुनिया में किसी चीज का भी अविष्कार हुआ है तो अच्छे के लिए ही हुआ है।

वह तब तक ही अच्छी रहती है। जब तक उसका उपयोग हम एक लिमिट में रहकर करते हैं. यदि हम वह लिमिट क्रॉस करते हैं तो इसका नतीजा भी हमें भुगतने को मिलता है।

फिल्म देख कर के टाइम वेस्ट करना। 

फिल्में देखनी भी चाहिए जिससे कि हमारा मनोरंजन होता रहे। तथा हमारा दिमाग भी शांत रहे। लेकिन फिल्मों का शौकीन तो हर कोई होता है। पर कुछ बच्चे तथा जवान इतने शौकीन होते हैं कि वह अपना सारा टाइम फिल्म देखने में ही लगा देते हैं।

इससे उनकी दैनिक जीवन चर्या गड़बड़ा जाती है। और उन्हें पता भी नहीं चलता है। वह कोई भी काम समय पर नहीं करते हैं। हर काम उल्टा सीधा सीधा होता है। जिससे उसका सीधा असर उनकी जिंदगी पर पड़ता है। फिल्म देखना भी चाहिए। पर इतना भी ज्यादा नहीं देखना चाहिए। कि हमारा पूरा टाइम टेबल ही खराब हो जाए

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