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गिद्ध आकाश में चक्कर क्यों लगाते हैं |

गिद्ध आकाश में चक्कर क्यों लगाते हैं |

गिद्ध दुनिया के लगभग हर महाद्वीप में पाए जाते हैं | गिद्ध ऑस्ट्रेलिया और अंटार्टिका में नहीं पाए जाते हैं | यह पक्षी मांसाहारी होते हैं और शिकारी की तलाश में यह सैकड़ों किलोमीटर तक चले जाते हैं | गिद्ध को कई दिनों तक खाना नहीं मिलता है | इसलिए गिद्ध अपनी एनर्जी को भी बचा कर रखता है | गिद्ध ऐसे तरीके का इस्तेमाल करता है |

जिससे कि उसकी एनर्जी कम से कम खर्च हो | उन्होंने काफी अच्छा तरीका खोज निकाला है | जिसकी बदौलत वह हवा में काफी देर तक उड़ सकते हैं | बिना अपनी एनर्जी को खर्च किए |

गिद्ध बिना पंख फड़फड़ा हवा में कैसे उड़ सकते हैं |

गिद्ध आकाश में चक्कर क्यों लगाते हैं |

जब सूरज की रोशनी जमीन पर पड़ती है | तब हवा गर्म हो जाती है और हवा की सघनता कम हो जाती है तथा हवा इतनी गरम भी नहीं रहती है | गर्मी की बदौलत हवा कॉलम के रूप में ऊपर उठती है | जिसे थर्मल कहा जाता है | इस कॉलम का सबसे भीतरी भाग यानी कि थर्मल का बीच वाला हिस्सा सबसे मजबूत भाग होता है | यही वह भाग है जो घूमते हुए ऊपर की तरफ उठता है |

गिद्ध आकाश में घूमते हुए चक्कर इसलिए लगाते हैं | क्योंकि यह इन्हीं थर्मल में सवारी करते हैं | इन्हीं थर्मल की बदौलत वह आकाश में बिना पंख फड़फड़ाए उड़ सकते हैं तथा अपनी एनर्जी को इसी तरह से बचाते हैं |

वह थर्मल के ऊपर चक्कर लगाते समय सिर्फ अपने पंखों को खुला रखते हैं | बाकी का सारा काम नीचे से घूम कर आती हुई गर्म हवा उनके 10 फीट चौड़े पंखों को टकराकर के कर देती है |

कहीं-कहीं तो घूमती हुई हवा इनको हजारों फुट तक ऊपर की तरफ उठा देती है |

गिद्ध आकाश में चक्कर क्यों लगाते हैं |


इस थर्मल पावर की वजह से एक गिद्ध को आकाश में 37000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए भी देखा गया था |


यह ऊंचाई, उस ऊंचाई के बराबर है | जहां पर कमर्शियल प्लेन आते जाते रहते हैं | इतनी ऊंचाई पर होने के बावजूद भी यह जमीन की हर चीज को देख लेते हैं | यह उन चीजों को अपने कमाल की आंखों की बदौलत देख पाते हैं |

लेकिन गिद्ध में एक कमी यह होती है कि यह चारों तरफ नहीं देख सकते हैं |

कुछ पक्षियों में ऐसी क्षमता होती है जो अपने चारों ओर 360 डिग्री के कोण पर देख सकते हैं | जबकि गिद्ध अपने चारों और सिर्फ 60 डिग्री तक की ही चीजें देख सकता है |

इस थर्मल पावर से एक गिद्ध सैकड़ों किलोमीटर की दूरी एक ही उड़ान में तय कर सकता है | बिना अपने पंख फड़फड़ाए | यह थर्मल दिखाई नहीं देते हैं |

गिद्ध आकाश में चक्कर क्यों लगाते हैं |

गिद्ध थर्मल का पता कैसे लगाते हैं |

गिद्ध थर्मल का पता लगाने के लिए पक्षियों की सोशल नेटवर्किंग का सहारा लेते हैं | गिद्ध आकाश में चक्कर लगाते हुए पक्षियों को फॉलो करते हैं | इसके अलावा वह उन पक्षियों को फॉलो करते हैं जो कि इस थर्मल में चक्कर लगाते हैं या फिर उन पक्षियों की तलाश करते हैं जो कि नए थर्मल की तलाश कर रहे हो , उनको फॉलो करते हैं |


थर्मल की तलाश करने में सिर्फ गिद्धों का ही पीछा नहीं करते हैं | वह चील तथा अन्य जानवरों को भी फॉलो करते हैं |

गिद्ध आकाश में चक्कर क्यों लगाते हैं |