vyakaran ( vyvyakaran ) ke kitne bhed hote hain. व्याकरण के कितने अंग होते हैं? vyakaran ke kitne ang hote hain?

व्याकरण किसे कहते हैं? Vyakaran kise kahate Hain?

दोस्तों आज हम जानेंगे कि व्याकरण किसे कहते हैं? व्याकरण के कितने भेद होते हैं? हिंदी ग्रामर में व्याकरण का कितना योगदान होता है ?इसके अलावा हिंदी में व्याकरण का उपयोग कहां कहां पर होता है ?

तो चलिए दोस्तों जान लेते हैं कि व्याकरण किसे कहते हैं? व इसका उपयोग कहां कहां होता है?

व्याकरण क्या है? vyakaran kya hai?

Vyakaran ki paribhasha- व्याकरण उस शास्त्र को कहा जाता है जिसमें भाषा के शुद्ध करने वाले नियम बताए गए हो । किसी भी भाषा के अंग प्रत्यंग का विश्लेषण तथा विवेचन व्याकरण कहलाता है ।

व्याकरण वे विद्या है जिसके द्वारा हम किसी भाषा को शुद्ध बोला पड़ा और शुद्ध लिखा जा सकता है। किसी भी भाषा के पढ़ने लिखने और बोलने के निश्चित नियम होते हैं उन्हें ही व्याकरण कहा जाता है।

यानी कि व्याकरण वह शास्त्र है जिसके द्वारा भाषा का शुद्ध मानक रूप निर्धारित किया जाता है।

vyakaran ( vyvyakaran ) ke kitne bhed hote hain? व्याकरण के कितने भेद होते हैं?

दोस्तों व्याकरण किसे कहते हैं? व्याकरण की क्या परिभाषा होती है ?यह तो आपने ऊपर जान लिया। अब व्याकरण के कितने भेद होते हैं ?अब हम इस पर थोड़ी सी चर्चा कर लेते हैं।

vyakaran ke kitne bhed haiakaran ke
kitne vibhag hote hain

व्याकरण के कितने अंग होते हैं – vyakaran ke kitne ang hote hain?

दोस्तों व्याकरण किसे कहते हैं? व्याकरण की परिभाषा क्या? यह तो आपने ऊपर जान लिया अब हम बात करेंगे कि व्याकरण के कितने अंग होते हैं यानी व्याकरण को कितने भाग में बांटा गया है। व्याकरण के विभाग कौन-कौन से होते हैं?

तो आइए दोस्तों जान लेते हैं व्याकरण के अंग कौन कौन से हैं।

vyakaran ke kitne ang hai – व्याकरण हमें भाषा के बारे में ज्ञान कराता है। व्याकरण के तीन अंग होते हैं जो कि निम्नलिखित है।

व्याकरण के अंग? Vyakaran ke ang

दोस्तों जैसे कि हमने आपको बता ही दिया कि व्याकरण के तीन अंग होते हैं जो हमने नीचे लिख रखे हैं ।आइए जानते हैं वह कौन-कौन से अंग है?

1 . ध्वनि विचार।

2 . पद विचार।

3 . वाक्य विचार।

vyakaran ke kitne bhed hote hain – व्याकरण के कितने भेद होते है

तो दोस्तों अब हम जानेंगे कि व्याकरण के कितने भेद होते हैं तथा वो कौन-कौन से होते हैं?
चलिए दोस्तों जान लेते हैं कि व्याकरण के कितने भेद होते हैं।

bhed in hindi grammar – व्याकरण के मुख्य रूप से पांच भेद होते हैं जो कि नीचे हम आपको बता रहे हैं।

1 . व्याकरण के पांच भेद कौन-कौन से हैं?

2 . वर्ण विचार।

3 . शब्द विचार।

4 . वाक्य विचार।

5 . चिह्न विचार।

6 . छंद विचार।

दोस्तों अब हम यात्रा इनकी वेदों के बारे में एक-एक करके पूरी डिटेल से जानेंगे की व्याकरण के भेद कहां-कहां वे कैसे कैसे काम में लिया जाता है तो आइए दोस्तों जान लेते हैं व्याकरण के एक-एक भेद को।

वर्ण विचार:-
जब हम किसी शब्द के वर्ण पर विचार करते हैं तो उसे वर्ण विचार के अंतर्गत आता है।

जैसे कि अगर हम कमल शब्द पर विचार करें तो इसमें निम्नलिखित वर्ण है ।

जैसे क +अ +म+अ+ल+अ

इस तरीके से यह वर्ण मिलकर कमल शब्द बनाते हैं इसलिए उसे वर्ण विचार के नाम से जाना जाता है।

शब्द विचार:-
जब हम बहुत सारे वर्ण को मिला देते हैं तो शब्द बनता है और उसे हम शब्द विचार के नाम से जानते हैं यानी कि वह शब्द विचार कहलाता है।

जब हम वाक्य में प्रयुक्त शब्दों का अवलोकन करता है तो हम शब्द विचार के अंतर्गत आते हैं।

जैसे गन , यह विदेश से आया है इसलिए यह विदेशी शब्द है।

वाक्य विचार:-
व्याकरण की जिस शाखा के अंतर्गत हम वाक्य पर विचार करते हैं वह वाक्य विचार कहलाता है।

जैसे हम निम्नलिखित वाक्यों पर विचार करते है
राम कहां है , तो दोस्तों हम इस वाक्य द्वारा प्रश्न पूछ रहे हैं कि राम कहां है अतः यह प्रश्नवाचक वाक्य है।

चिन्ह विचार:-
व्याकरण की चेन विचार शाखा के अंतर्गत जब हम वाक्य में आने वाले चिन्हों के बारे में विचार करते हैं तो उसे चीन विचार व्याकरण के नाम से जाना जाता है।
जैसे कि राम कहां है, यह एक प्रश्नवाचक वाक्य है अतः यह अंत में प्रश्नवाचक चीन का प्रयोग करेंगे।

इसके अलावा जैसे कि मैं खा रहा हूं।,यह एक पूर्ण वाचक वाक्य है। इसलिए इसके अंत में पुरण वाचक चिन का प्रयोग करेंगे।

छंद विचार:-
हम व्याकरण में छंद विचार के अंतर्गत वाक्य में प्रयुक्त छंदों के बारे में पढ़ते हैं उसे छंद विचार के नाम से जाना जाता है यानी कि वह छंद विचार के लाता है।
जैसे कि तरुणी तमल तट तेज ही।, इसमें अनुप्रास अलंकार है। चंद का उद्देश्य वाक्य को आकर्षक सुरीला और आनंददायक बनाना होता है।

व्याकरण के कितने भाग होते हैं? Vyakaran ke kitne bhag hote Hain?

दोस्तों व्याकरण के कितने अंग होते हैं ?व्याकरण को किन किन भागों में बांटा गया है ?व्याकरण के भेद कौन-कौन से हैं ?यह सब हमने आपको ऊपर बता दिया है अब हम आपको यह भी बता दें कि व्याकरण के कितने भाग होते हैं जैसा कि हमने आपको बताया कि व्याकरण के 3 भाग होते हैं।

आपकी जानकारी के लिए दोस्तों हम आपको बता देते हैं कि व्याकरण के भाग तथा व्याकरण के अंग दोनों एक ही चीज होते हैं।
आइए जान लेते हैं कि व्याकरण के कितने भाग होते हैं।

दोस्तों मुख्य रूप से व्याकरण के 3 भाग होते हैं जोकि निम्नलिखित है।

vyakaran ke bhed:-

1 . ध्वनि विचार।

2 . पद विचार।

3 . वाक्य विचार।

shabdon ke kitne bhed hote hain शब्दों के कितने भाग होते हैं

world ke kitne bhed hote hain? दोस्तों व्याकरण के बारे में आपने सब कुछ ऊपर से ही लिया है अब हम आपको बताएंगे कि शब्दों के कितने भेद होते हैं यानी कि वर्ड के कितने भेद होते हैं ।जिसे आपको जानकर और भी आसान हो जाएगा और समझने में आपके आसानी होगी की शब्द के कितने भेद होते हैं।

इससे पहले दोस्तों अगर आपको शब्द की परिभाषा नहीं पता है तो हम आपको सब की परिभाषा बता देते हैं कि शब्द किसे कहते हैं ?शब्द क्या होता है ? फिर उसके बाद हम आपको शब्दों के कितने भेद होते हैं? इनके बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप को समझने में आसानी होगी।

शब्द किसे कहते हैं? Shabd kise kahate Hain?

Shabd kya hota hai?- दोस्तों एक या एक से अधिक वर्ण से बनी हुई स्वतंत्र सार्थक ध्वनि को शब्द कहते हैं।

shabd ke kitne bhed hote hain? – शब्द के कितने भेद होते हैं ?

तो आइए दोस्तों अब हम जान लेते हैं कि शब्द के कितने भेद होते हैं यानी कि शब्द कितने प्रकार के होते हैं?

शब्द कितने प्रकार के होते हैं? – Shabd kitne prakar ke hote Hain?

दोस्तों शब्दों को मुख्य रूप से चार भागों में बांटा गया है। जोकि निम्नलिखित है।

1 . उत्पत्ति के आधार पर।

2 . व्युत्पत्ति के आधार पर।

3 . रूप या प्रयोग के आधार पर।

4 . अर्थ के आधार पर।

shabd ke kitne bhed hai ( hain) ? शब्द के कितने भेद हैं?

दोस्तों शब्दों के भेद के बारे में तो आपने जाने लिया अब हम आपको शब्द के कितने भेद होते हैं। इसके बारे में बताएंगे तो चलिए दोस्तों शुरुआत करते हैं कि शब्द के कितने भेद होते हैं।

दोस्तों मुख्य रूप से शब्द के दो भेद होते हैं जो कि यह है।

1 . सार्थक शब्द।

2 . निरर्थक शब्द।

visheshan ke kitne bhed hain? विशेषण के कितने भेद होते हैं

visheshan ke kitne prakar hote hain? – तो चलिए दोस्तों अब हम जान लेते हैं कि विशेषण के कितने भेद होते हैं यानी कि विशेषण को कितने भागों में बांटा गया है।

विशेषण के चार भेद होते हैं:-

1 . गुणवाचक विशेषण।

2 . संख्यावाचक विशेषण।

3 . परिणाम वाचक विशेषण।

4 . सार्वनामिक या संकेतवाचक विशेषण।

sangya ke kitne bhed hote hain? संज्ञा के कितने भेद होते हैं

दोस्तों अब हम जान लेते हैं कि संज्ञा के कितने भेद होते हैं यानी की संज्ञा के कितने प्रकार होते हैं।

संज्ञा के तीन भेद होते हैं? sangya ke teen bhed hote Hain?

1 . व्यक्तिवाचक संज्ञा।

2 . जातिवाचक संज्ञा।

3 . भाववाचक संज्ञा।

kriya ke kitne bhed hain? क्रिया के कितने भेद होते हैं?

दोस्तों संज्ञा और विशेषण के भेद हमने ऊपर जान लिए अब हम जानेंगे की क्रिया के कितने भेद होते हैं यानी की क्रिया कितने प्रकार की होती है?

क्रिया के भेद:-
क्रिया मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है जो कि निम्न है।

1 . सकर्मक क्रिया।

2 . अकर्मक क्रिया।

padbandh kise kahate hain? पदबंध किसे कहते हैं?

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि पदबंध किसे कहते हैं पदबंध की परिभाषा क्या होती है अगर आप नहीं जानते हैं तो चलिए हम आपको बता देते हैं कि पदबंध क्या है?

Pad band ki paribhasha-कई पदों के योग से बने वाक्यों को जो एक ही पद का काम करता है उसे पदबंध कहते हैं।
पदबंध को वाक्यांश भी कहते हैं।

पदबंध का उदाहरण example of pad band:-

सबसे तेज दौड़ने वाला छात्र जीत गया।

नोट:-उपरोक्त वाक्य में सबसे तेज दौड़ने वाला छात्र में 5 पद है किंतु वह मिलकर एक ही पद अर्थात संज्ञा का कार्य कर रहे हैं इसलिए इसे पदबंध कहा जाता है।

padbandh ke kitne bhed hote hain पदबंध के कितने भेद होते हैं।

pad ke kitne bhed hote hain – दोस्तों पदबंध की परिभाषा अपने ऊपर हैं अब हम आपको बताएंगे कि पदबंध के कितने भेद होते हैं यानी कि पदबंध कितने प्रकार के होते हैं।

पदबंध के पांच भेद होते हैं pad band ke panch bhed hote Hain

1 . संज्ञा पदबंध।
2 . सर्वनाम पद बंद।
3 . विशेषण पद बंद।
4 . क्रिया पद बंद ।
5 . क्रिया विशेषण पद बंद।

varn vichar kise kahate hain? वर्ण विचार किसे कहते हैं?

चलिए दोस्तों जान लेते हैं कि वर्ण विचार किसे कहते हैं वर्ण विचार क्या होता है व्याकरण की दृष्टि में वर्ण विचार का क्या योगदान है।

varna vichar in hindi grammar-वर्ण विचार व्याकरण का वह खंड है जिसमें अक्षरों या वर्णों का उच्चारण, आकार भेद तथा उनसे शब्द बनाने के नियम का वर्णन होता है उसे हम वर्ण विचार कहते हैं यानी कि वह वर्ण विचार कहलाता है।

भाषा की मूल ध्वनि के प्रतीक चिन्ह को वर्ण कहा जाता है। वर्णों को पहचानने के लिए चिन्ह जैसे कि
क ,ख , च ,प , छ आदि ।
अर्थात वर्ण को अक्षर भी कहा जाता है।

vyakaran ke kitne ang hote hain?

दोस्तों आज हम बात करेंगे vyakaran के बारे में की व्याकरण के कितने अंग होते हैं यानी कि व्याकरण के कितने भेद होते हैं?

Hindi भाषा में vyakaran का बहुत ज्यादा ही महत्वपूर्ण योगदान है क्योंकि बिना व्याकरण के हिंदी भाषा adhuri सी लगती है। अगर हम Hindi के शब्दों में सही तरीके से व्याकरण का प्रयोग करते हैं तो हिंदी को समझ ना हमारे लिए बहुत ही आसान हो जाता है।

तो आज हम इसी के बारे में चर्चा करेंगे कि vyakaran के कितने ang होते हैं यानी कि vyakaran के कितने bhed होते हैं? जिसका प्रयोग करके हम हिंदी भाषा को आसान कर सकते हैं।

व्याकरण के कितने अंग हैं यानी कि व्याकरण के कितने भेद है जानने से पहले हम यह जान लेते हैं कि vyakaran किसे कहते हैं?

व्याकरण वह विद्या है जिसके माध्यम से हम हिंदी भाषा को शुद्ध तरीके से पढ़ सकें , लिख सके या सुन सकें इसे ही हिंदी में vyakaran के नाम से जाना जाता है।

चलिए अब हम जान लेते हैं व्याकरण के अंग या व्याकरण के भेद के बारे में की व्याकरण के कितने अंग होते हैं?

व्याकरण के मुख्यतः तीन अंग होते हैं जो कि निम्नलिखित है?

1 . वर्ण विचार।

2 . शब्द विचार।

3 . वाक्य विचार।

अब हम व्याकरण के तीनों अंगों यानी व्याकरण के तीनों भेदों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

  1. वर्ण विचार – वर्ण को अक्षर भी कहा जाता है जो कि अखंड मूल ध्वनि होता है यानी कि वह किसी भी शब्द का खंड हो सकता है।

तथा प्रत्येक वरण की ध्वनि अपना एक विशेष अर्थ रखती है। जिसे हम हिंदी भाषा में वर्ण विचार के नाम से जानते हैं।

हिंदी भाषा में वर्णमाला की संख्या कुल 52 होती है। जिसमें 11 स्वर , 33 व्यंजन, 4 संयुक्त व्यंजन, 1 . अनुस्वार या चंद्र बिंदु , 1 विसर्ग तथा 2 द्विगुण व्यंजन होते हैं।

2 .शब्द विचार – अब हम जानेंगे कि शब्द विचार किसे कहते हैं यानी की हिंदी व्याकरण में शब्द विचार का कितना योगदान है।

किसी भी अक्षर से निर्मित सार्थक तथा स्वतंत्र ध्वनि को हम शब्द कहते हैं।
जैसे कि मैं हिंदी भाषा का लेख पढ़ रहा हूं , यह वाक्य 8 शब्दों के मेल से बना हुआ है। और इसी प्रकार से हिंदी भाषा में दो लाख से ज्यादा शब्द मौजूद है।

अब हम शब्दों को भी दो प्रकार से विभाजित कर सकते हैं यानी कि शब्द के भी दो प्रकार होते हैं? एक सार्थक तथा दूसरा निरर्थक।

सार्थक शब्द वह होते हैं जिन शब्दों का कोई ना कोई अर्थ निकलता है तथा जिन शब्दों का कोई ना कोई अर्थ बिल्कुल भी नहीं निकलता है उन शब्दों को हम निरर्थक शब्द कहते हैं।

3 . वाक्य विचार – अब हम बात कर ले व्याकरण के तीसरे अंग वाक्य विचार के बारे में यानी कि वाक्य विचार किसे कहते हैं।

दो या दो से अधिक शब्दों के निर्माण से वाक्य बनता है जिसे हम हिंदी भाषा में वाक्य विचार के नाम से जानते हैं। यानी कि शब्दों के मेल से ही वाक्य का निर्माण होता है।

अब हम जानेंगे कि वाक्य कितने प्रकार के होते हैं यानी कि व्याकरण की दृष्टि से वाक्य के प्रकार क्या है ?
अगर हम वाक्य की बात करें तो हिंदी व्याकरण की दृष्टि से वाक्य तीन प्रकार के होते हैं।

1 . साधारण वाक्य।

2 . संयुक्त वाक्य।

3 . मिश्रित या आश्रित वाक्य।

अब हम जानेंगे कि साधारण वाक्य , संयुक्त वाक्य तथा मिश्रित वाक्य किसे कहते हैं यानी कि साधारण वाक्य, संयुक्त वाक्य तथा मिश्रित वाक्य की परिभाषा तथा उदाहरण क्या है?

1 . साधारण वाक्य :- साधारण वाक्य वह वाक्य होता है जिसमें एक प्रदान क्रिया हो। यानी कि वह वाक्य एकदम साधारण सा प्रतीत होता है।

साधारण वाक्य का उदाहरण –
मैं यहां आया और बीमार पड़ गया।

इस वाक्य में स्पष्ट बताया गया है कि मैं यहां आने से बीमार पड़ गया । इसमें किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नहीं है यानी कि एक पूर्णतया शुद्ध व सरल वाक्य है।

2 . संयुक्त वाक्य – संयुक्त वाक्य वह वाक्य होता है जो अर्थ के लिए एक दूसरे पर आश्रित नहीं होते हैं यानी कि जिसमें पता नहीं चलता है कि इस वाक्य का शाब्दिक अर्थ क्या हो सकता है।

संयुक्त वाक्य का उदाहरण –
पुलिस के हवाले कर दुं।

इस वाक्य में बिल्कुल भी किसी अर्थ का पता नहीं चलता है यानी कि यह संयुक्त वाक्य है।

3 .मिश्रित या आश्रित वाक्य – मिश्रित वाक्य वेहे होता है जिसमें एक प्रधान उपवाक्य हो तथा एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य रखता हो उसे हम मिश्रित वाक्य कहते हैं।

मिश्रित वाक्य को हम आश्रित वाक्य भी कहते हैं।

मिश्रित वाक्य का उदाहरण –

तब तक डाकू ने डाका डालने की योजना तैयार कर ली।

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