पूजा घर भारतीय घरों का अहम हिस्सा होते हैं. अगर आपका घर इतना बड़ा नहीं है कि पूजा का अलग कमरा हो तो आप घर के किसी कोने में अपनी पसंद का खूबसूरत मंदिर रख सकते हैं

मार्बल मंदिर डिजाइन अगर आपके पास बड़ा घर है, जहां अलग से पूजा घर बनाने लायक जगह हो तो मार्बल से बेहतर विकल्प कुछ नहीं है. हालांकि इसमें देखभाल की जरूरत होगी और खर्च भी होगा. लेकिन इसकी उम्र बहुत लंबी होगी और आपको दीमकों की चिंता करने की जरूरत नहीं है. जब मार्बल पूजा घर के डिजाइन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है

लकड़ी का मंदिर सभी तरह की सजावट और इंटीरियर फिशिनिंग के साथ लकड़ी का मंदिर और खूबसूरत लगेगा. ऐसे पूजा घर जगह को और विशाल बना देते हैं. हालांकि लकड़ी की सजावट में खास देखभाल और मेंटेनेंस की जरूरत होती है. इसलिए आपको कमरे में दीया और मोमबत्ती जलाते हुए सावधानी बरतनी होगी

छोटे मंदिर के डिजाइन छोटे घरों और अपार्टमेंट्स, जिनमें पूजा घर के लिए अलग से जगह नहीं होती, उनमें छोटे मंदिर बेहतर विकल्प होते हैं. बाजार में ये मंदिर आसानी से उपलब्ध हैं. आप इनका मेड टू ऑर्डर भी दे सकते हैं

दीवार पर लगने वाले मंदिर स्टूडियो अपार्टमेंट्स और काफी छोटे अपार्टमेंट्स में दीवार पर लगने वाले मंदिर सर्वश्रेष्ठ विकल्प होते हैं. आप इससे काफी जगह बचा सकते हैं और कम जगह में घर के किसी भी कोने में लगा सकते हैं

मंदिर की दीवार को सजाने के आइडिया अगर घर में पूजा के लिए अलग कमरा है तो आप मंदिर के बैकग्राउंड को आकर्षक लुक दे सकते हैं ताकि वह जगह खिल उठे. दीवार के साइज के जितनी बैकग्राउंड डेकोरेशन आपके कमरे में चार चांद लगा देगी. दीवारों के ये बैकग्राउंड्स विभिन्न आकार और कलर कॉम्बिनेशन में उपलब्ध है

पूजा रूम के दरवाजों के डिजाइन अगर आपका अलग पूजा घर है तो आप ज्यादा प्राइवेसी के लिए उसमें दरवाजे लगा सकते हैं. हालांकि पूजा घर के दरवाजों के डिजाइन के लिए काफी विकल्प उपलब्ध हैं.  ज्यादा प्रैक्टिकल विकल्प कांच और लकड़ी के दरवाजों के डिजाइन का है

पूजाघर में मूर्तियां रखने के टिप्स – मूर्तियां पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर रखें. कभी भी उत्तर या दक्षिण की ओर न रखें. – वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि कोई भी विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां रख सकता है, लेकिन एक ही देवता की एक से अधिक मूर्तियां रखने से बचें. – कभी भी भगवानों की मूर्तियों को उत्तर या दक्षिण दीवार पर न टांगें