लोग मुझसे, उनका काम करवा लेते हे, जिक्र तुम्हारा करके, इतना प्यार करता हु तुमसे

तुम क्यों बार बार ताकते हो शीशे को, नजर मत लगाना मेरी एकलौती मोहब्बत को

दिल दो नहीं होते ऐसा कौन कहता है? पति की दहलीज पर बैठी बाप की बेटो को पुछलो

एक बार उसने बोला था, मेरे अलावा किसी और से प्यार न करना, बस तबसे प्यार की नजर से हमने, खुद को भी नहीं देखा

मुझे तो एक आवाज ही काफी हे, हजार लोगो के शोर में, में एक परी से प्यार करता हु, चमकीले तारो के दौर में