चमगादड़ उल्टा क्यों लटकते हैं

चमगादड़ उल्टा क्यों लटकते हैं

चमगादड़ उल्टा क्यों लटकते हैं

देखा जाए तो बर्ड के मुकाबले चमगादड़ जमीन से उड़ नहीं सकते हैं | क्योंकि इनके पैर बहुत छोटे होते हैं और इनके पंखों के मसल्स बहुत ही कमजोर होते हैं | उड़ने के लिए पर्याप्त दबाव नहीं बना पाते हैं | इसीलिए ज्यादातर चमगादड़ पेड़ों से उल्टे लटके रहते हैं | यदि कोई इंसान इतने समय तक पेड़ों से उल्टा लटका रहे तो उनका दिमाग फट सकता है |

चमगादड़ दिन के 20 घंटे उल्टे लटके रहते हैं |


इसके विपरीत यदि कोई इंसान ऐसा करता है तो उसकी जान जा सकती है | क्योंकि हाय ब्लड प्रेशर ( height blood pressure) दिमाग की नसों को डैमेज ( damage) कर सकता है | जबकि चमगादड़ के पास इसका इलाज है | क्योंकि जब चमगादर उल्टा लटकता है तो इनके हृदय की धड़कन लगभग बंद हो जाती है |

जैसे कि इनका ब्लड प्रेशर कम हो जाता है और जिसकी वजह से यह ऐसा कर पाते हैं | उल्टा लटकने से इनके सर में खून बहुत ही कंट्रोल तरीके से पहुंचता है | जिससे कि उनका ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहता है |

क्या उल्टा लटकने से चमगादड़ का खाना बाहर आ सकता है |

चमगादड़ उल्टा क्यों लटकते हैं

हां , उल्टा लटकने से खाना बाहर तो आ सकता है | लेकिन चमगादड़ के मामले में नहीं हो सकता |क्योंकि चमगादर जब खाना खाते हैं | तब यह जल्दी ही पचा लेते हैं | जब तक यह उल्टा लटकते हैं | तब तक यह अपने खाने को पचा चुके होते हैं | क्योंकि इनका डाइजेस्टिव सिस्टम बहुत ही मजबूत होता है |

चमगादड़ के पेट में बहुत ही खास तरीका एंजाइम होते हैं | जो खाने को बहुत जल्दी ही हजम कर देते हैं | जब तक वह उड़ करके वापिस लटकते हैं | तब तक उनका खाना हजम हो जाता है |