मुर्गे बांग क्यों मारते हैं

मुर्गे बांग क्यों मारते हैं सुबह के समय |(Why do chickens bang)

Why do chickens bang
मुर्गे बांग क्यों मारते हैं

मुर्गे 100 डेसीबल तक की ध्वनि पैदा कर सकते हैं |

अब आप यह सोच रहे होंगे कि इतनी तेज आवाज करने से इनके कान बहरे हो जाते होंगे | क्योंकि इतनी तेज आवाज किसी के भी कान के पर्दे खराब कर सकती है | जबकि मुर्गे में ऐसा नहीं होता है | मुर्गा जब भी आवाज निकालता है | तब इसके कान बंद हो जाते हैं तथा वह इस आवाज को नहीं सुन सकता है |

जिस मुर्गे की जहां पर हुकूमत चलती है | वहीं मुर्गा सुबह जल्दी उठकर के आवाज लगाता है तथा बांग मारता है | इससे पता चलता है कि इस मुर्गे की हुकूमत यहां पर है | दिन निकलने से कुछ घंटे पहले ही मुर्गे बांग मारते हैं | उसके बाद में सारे मुर्गे बांग मारते हैं |
मुर्गों की दुनिया में पद का बहुत मतलब होता है तथा यह बहुत ही मायने रखता है | इसलिए वह सुबह जल्दी उठकर के बांग मारते हैं | इसका मतलब है कि मुखिया मुर्गा ही सुबह जल्दी उठकर के बांग मारता है |

मुर्गे को सुबह होने का पता कैसे चलता है |

Why do chickens bang
मुर्गे बांग क्यों मारते हैं

क्या आपने कभी सोचा है कि मुर्गी को यह कैसे पता चल जाता है कि सुबह होने में अभी 2 घंटे बाकी है | जैसे ही सुबह होती है और मुर्गा बांग मारने लग जाता है | इसके पीछे क्या कारण है |

मुर्गे सुबह होने से 2 घंटे पहले ही बांग मारना शुरू कर देते हैं |

इसके पीछे एक कारण है | मुर्गे की बायोलॉजिकल क्लॉक एक खास समय पर सेट होती है | एनजीओ के शरीर में ऐसे जीन होते हैं जो कि समय के बारे में बताते हैं | जिससे उन्हें जागने तथा सोने के बारे में पता चलता है |
मुर्गे की बायोलॉजिकल क्लॉक 24 घंटे पर सेट होती है |