छुईमुई की पत्तियां सिकुड़ती क्यों है ? छुईमुई या लाजवंती को उगा सकते हैं गमले में। Why do mimosa leaves shrink?

छुईमुई की पत्तियां सिकुड़ती क्यों है ? लाजवंती के तांत्रिक प्रयोग

छूते ही सिकुड़ जाता है ‘लाजवंती का पौधा’

आपने छुईमुई का पौधा तो देखा ही होगा । आपने यह भी नोट किया होगा कि जब भी हम छुईमुई के पौधे को हाथ लगाते हैं , तब उसकी पत्तियां सिकुड़ जाती है।

यानी कि हाथ लगाते ही पत्तियां मुरझा जाती है और पत्तियां बंद हो जाती है । कुछ लोग तो इसे यह भी बोलते हैं कि यह पौधा शर्मआता है । जबकि ऐसा कुछ नहीं है ।

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इसके पीछे भी एक वैज्ञानिक कारण छुपा हुआ है । जिसके कारण ही छुईमुई की पत्तियां सिकुड़ जाती है और पौधा मुरझाया हुआ लगता है । लेकिन आपने यह भी नोट किया होगा कि कुछ ही समय बाद में उनकी पत्तियां फिर से फैल जाती है और वह पहले के जैसा हो जाता है ।

अब आपके दिमाग में यही सवाल चल रहा होगा कि आखिरकार ऐसा होता कैसे है और क्यों होता है । इसके होने के पीछे क्या कारण है ।

छुईमुई का पौधा बहुत ही संवेदनशील होता है । यानी कि इसकी पत्तियां बहुत ही संवेदनशील होती है । यह छोटे से स्पर्श को भी महसूस कर लेती है ।

छुई मुई के पौधे को वैज्ञानिक भाषा में मिमोसा प्युडिका (MIMOSA PUDIKA ) कहते हैं ।

कुछ लोग इसे स्थानीय भाषा में लज्जावती भी कहते हैं ।

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छुई मुई के पौधे की जो मुख्य सीरा होती है , उसके दोनों तरफ जो पत्तियां होती है उन्हें पर्णक कहते हैं । इन्हीं पर्णक के कारण यह पत्तियां फैलती तथा सिकुड़ती है ।

यह पौधा अपनी प्रतिक्रिया इन्हीं छोटी-छोटी पतियों को आपस में चिपका करके तथा फैला करके व्यक्त करता है ।

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छुईमुई का पौधा मनुष्य के हाथ लगाने से ही नहीं किसी भी वस्तु के छूने से बी फैलता तथा सिकुड़ता है यानी कि यह इंसान तथा जानवर को चकमा देने वाला काम करता है जब भी कोई जानवर इसे खाने की कोशिश करता है तब इसकी प्रतियां सिकुड़ जाती है तब पशु को यह लगता है कि यह पौधा सूखा तथा मुरझाया है इसलिए जानवर इसे खाते नहीं हैं

छुई मुई का पौधा ज्यादातर गर्म प्रदेश में वाले इलाकों में पाया जाता है बरसात के दिनों में इस पौधे में फूल लगते हैं इनके फूलों का रंग बैंगनी गुलाबी तथा नीला होता है ।

छुईमुई के इस पौधे में बहुत सारे एंटी वायरल तथा एंटी फंगल गुण भी होते हैं ।

छुईमुई के पुष्प तथा बीज को कई प्रकार के रोगों में औषधीय उपचार के लिए काम में लिया जाता है ।


छुईमुई का पौधा जिस भी स्थान पर लगा रहता है वहां की सारी नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है । उस इलाके में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बना रहता है ।

यदि छुईमुई के पौधे को घर में लगाते हैं तो घर में सदा लक्ष्मी का वास बना रहता है तथा किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होती है तथा परिवार के किसी भी सदस्य के साथ मतभेद नहीं होता है ।

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